मध्यप्रदेश में 11 से 25 अक्टूबर तक पुलिस की छुट्टियों पर रोक, नवरात्रि और दशहरा के लिए आदेश जारी
भोपाल। मध्यप्रदेश में नवरात्रि और दशहरा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के आदेश के तहत 11 से 25 अक्टूबर तक बिना विशेष अनुमति के अवकाश नहीं मिलेगा। त्योहारों के दौरान पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
इस अवधि में सामान्य रूप से छुट्टी लेने के लिए केवल आवेदन देना पर्याप्त नहीं होगा। अवकाश के लिए विशेष अनुमति आवश्यक रहेगी। आदेश का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के समय सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की नियमित जिम्मेदारियों के लिए पर्याप्त बल उपलब्ध रखना है। नवरात्रि और दशहरा के आयोजनों को देखते हुए यह अवधि कानून व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
11 से 25 अक्टूबर तक लागू रहेगी अवकाश पर रोक
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अवकाश संबंधी यह व्यवस्था 11 अक्टूबर से शुरू होकर 25 अक्टूबर तक लागू रहेगी। इस दौरान बिना विशेष अनुमति के छुट्टी नहीं मिल सकेगी। आदेश में तय की गई अवधि के भीतर अवकाश लेने के इच्छुक पुलिसकर्मियों को इस शर्त का ध्यान रखना होगा।
छुट्टियों पर रोक का संबंध त्योहारों के दौरान पुलिस बल की उपलब्धता से है। नवरात्रि और दशहरा पर अलग-अलग स्थानों पर धार्मिक तथा सार्वजनिक कार्यक्रम होते हैं। ऐसे समय में पुलिस की जिम्मेदारी नियमित कामकाज के साथ आयोजन स्थलों और सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्था संभालने की भी रहती है। इसी आवश्यकता को देखते हुए अवकाश पर नियंत्रण का निर्णय लिया गया है।
नवरात्रि और दशहरा को देखते हुए लिया निर्णय
नवरात्रि और दशहरा के दौरान मंदिरों, पूजा पंडालों और आयोजन स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ती है। कई स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सार्वजनिक आयोजन भी होते हैं। इन कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा तथा आसपास की व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।
त्योहारों के समय अलग-अलग स्थानों पर एक साथ गतिविधियां होने से पुलिस बल की जरूरत बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में पर्याप्त अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता व्यवस्था संभालने में मदद करती है। छुट्टियों पर रोक लगाने के निर्णय को इसी जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है। जारी जानकारी के मुताबिक, आदेश का उद्देश्य त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
विशेष अनुमति के बिना नहीं मिलेगी छुट्टी
अवकाश पर रोक के साथ विशेष अनुमति की शर्त रखी गई है। इसका अर्थ है कि निर्धारित अवधि में छुट्टी सामान्य प्रक्रिया के आधार पर स्वतः स्वीकृत नहीं मानी जाएगी। पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश लेने के लिए विशेष अनुमति प्राप्त करनी होगी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि विशेष अनुमति किन परिस्थितियों में दी जाएगी और इसके लिए किस स्तर पर आवेदन करना होगा। इसलिए आपात स्थिति, पारिवारिक आवश्यकता या अन्य कारणों से छुट्टी चाहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए विभाग के विस्तृत निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। विशेष अनुमति की व्यवस्था को बिना शर्त छुट्टी मिलने की छूट के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए।
कानून व्यवस्था के लिए पुलिस बल की उपलब्धता पर जोर
त्योहारों के दौरान पुलिस का काम केवल किसी एक आयोजन तक सीमित नहीं रहता। नियमित शिकायतों, सुरक्षा संबंधी जरूरतों और अन्य जिम्मेदारियों के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों की व्यवस्था भी संभालनी होती है। ऐसे में बल की उपलब्धता प्रशासनिक तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती है।
अवकाश पर रोक से निर्धारित अवधि में अधिक पुलिसकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। इससे त्योहारों से जुड़ी आवश्यकताओं के अनुसार जिम्मेदारियां तय करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किस जिले में कितने पुलिसकर्मी तैनात होंगे या किन स्थानों पर अतिरिक्त बल लगाया जाएगा, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
भीड़ और यातायात व्यवस्था भी रहती है महत्वपूर्ण
धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ने से आयोजन स्थल के आसपास भीड़ और यातायात को संभालना आवश्यक हो जाता है। मंदिरों, बाजारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के आसपास सुचारु आवागमन बनाए रखना भी व्यवस्था का हिस्सा होता है। पुलिस बल की उपलब्धता इन जिम्मेदारियों को पूरा करने में सहायता करती है।
इसी तरह, अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रमों का समय और स्वरूप भिन्न होने से सुरक्षा की जरूरतें भी बदल सकती हैं। छुट्टियों पर रोक का आदेश बल उपलब्ध रखने से संबंधित है। इसे किसी विशेष स्थान पर नई यातायात व्यवस्था, मार्ग परिवर्तन या अतिरिक्त प्रतिबंध की घोषणा नहीं माना जा सकता। ऐसे निर्देश जारी होने पर उनकी जानकारी अलग से आवश्यक होगी।
पुलिसकर्मियों के लिए अवकाश योजना में बदलाव
11 से 25 अक्टूबर के बीच छुट्टी की योजना बना रहे पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जारी आदेश के अनुसार अपनी योजना तय करनी होगी। इस अवधि में बिना विशेष अनुमति के अवकाश उपलब्ध नहीं रहेगा। इसलिए छुट्टी संबंधी किसी भी आवश्यकता के लिए विभागीय निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
पहले से स्वीकृत छुट्टियों, किसी विशेष प्रकार के अवकाश या लंबित आवेदनों पर इस आदेश का क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है। इन मामलों में विस्तृत आदेश अथवा विभागीय स्पष्टीकरण के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल जारी जानकारी का मुख्य बिंदु यही है कि मध्यप्रदेश पुलिस में 11 से 25 अक्टूबर तक अवकाश पर रोक रहेगी और छुट्टी के लिए विशेष अनुमति जरूरी होगी। डीजीपी कैलाश मकवाना का यह निर्णय नवरात्रि और दशहरा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
