MP Police Hawala Loot Case: सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे समेत 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 1.45 करोड़ रुपए हवाला रकम हड़पने का आरोप
सिवनी, मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा हवाला रकम हड़पने के गंभीर मामले में शुक्रवार, 10 अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस महानिदेशक (DGP) ने सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इससे पहले एक उप निरीक्षक (SI) सहित 9 पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया जा चुका था। यह कार्रवाई तब हुई जब व्यापारी और उनके कर्मचारियों ने पुलिस पर 1.45 करोड़ रुपए की हवाला रकम हड़पने और मारपीट करने का आरोप लगाया।
घटना की पृष्ठभूमि
मीडिया सूत्रों के अनुसार, बुधवार की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि कटनी से नागपुर की ओर जा रही एक कार में हवाला की रकम छिपाई गई है। इस सूचना के आधार पर बंडोल थाना पुलिस ने गुप्त कार्रवाई की और शीलादेही इलाके में वाहन को पकड़ लिया। वाहन में जालना निवासी ज्वेलर सोहन परमार और उनके कर्मचारी सवार थे। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 3 करोड़ रुपए की नकद रकम जब्त की।
हालांकि, जब्त रकम में हेराफेरी और गड़बड़ी की खबरें सामने आईं। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने सोहन परमार के कर्मचारियों के साथ मारपीट की और लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की रकम अपने पास रख ली। शेष राशि को जब्त दिखाया गया। इस मामले में एसडीओपी पूजा पांडे की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के समय एसडीओपी पूजा पांडे मौजूद थीं और अधिकारियों को निर्देश दे रही थीं।
IG और SP ने की कार्रवाई
जबलपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (IG) प्रमोद वर्मा ने घटना की जानकारी मिलते ही 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इसमें उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, पुलिस आरक्षक और गनमैन शामिल हैं। साथ ही सिवनी एसपी सुनील मेहता ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निलंबित पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:
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उप निरीक्षक अर्पित भैरम – थाना प्रभारी, बंडोल
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प्रधान आरक्षक माखन (203) – एसडीओपी कार्यालय, सिवनी
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प्रधान आरक्षक रविन्द्र उईके (447) – रीडर, एसडीओपी कार्यालय
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आरक्षक जगदीश यादव (803) – एसडीओपी कार्यालय
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आरक्षक योगेन्द्र चौरसिया (306) – एसडीओपी कार्यालय
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आरक्षक चालक रितेश (582) – ड्राइवर, एसडीओपी कार्यालय
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आरक्षक नीरज राजपूत (750) – थाना बंडोल
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आरक्षक केदार (610) – गनमैन, एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल, छिंदवाड़ा
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आरक्षक सदाफल (85) – गनमैन, एसडीओपी सिवनी, 8वीं वाहिनी विसबल, छिंदवाड़ा
सभी निलंबित अधिकारियों पर हवाला रकम में हेराफेरी, लापरवाही और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप हैं।
हवाला रकम की जब्ती और विवाद
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने हवाला रकम की जब्ती के दौरान आधी रकम को अपने कब्जे में रख लिया और बाकी को जब्त दिखाया। कर्मचारी और व्यापारी इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सिवनी कोतवाली पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि यह रकम कटनी से नागपुर ले जाई जा रही थी।
एसडीओपी पूजा पांडे के निलंबन का कारण भी यही बताया जा रहा है कि उनके अधीनस्थ अधिकारियों ने उनके निर्देशानुसार कार्रवाई की, लेकिन उन्हें पूरा मुआवजा या सही कार्रवाई करने में विफल पाया गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सिवनी पुलिस और IG कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जांच में शामिल किए गए हैं।
एसपी सुनील मेहता ने कहा, “यह घटना पुलिस की साख के लिए चिंता का विषय है। हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जांच निष्पक्ष हो।”
हवाला कारोबार और कानून
हवाला कारोबार भारत में गैरकानूनी माना जाता है और इसे रोकने के लिए कई कठोर कानून बनाए गए हैं। इस मामले में पुलिस द्वारा हड़पने की कार्रवाई न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि इससे आम जनता में पुलिस पर भरोसा भी कमजोर हो सकता है।
आगे की कार्रवाई
सिवनी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस जांच में एसडीओपी कार्यालय और बंडोल थाना दोनों शामिल हैं।
सिवनी हवाला लूट मामले ने मध्यप्रदेश पुलिस के अनुशासन और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कोई भी पुलिसकर्मी अनुशासनहीनता या भ्रष्टाचार में शामिल पाया गया, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

