MP News: निकाय चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा राजनीतिक दांव, 183 नगर निकायों में 1,080 एल्डरमैन की नियुक्ति की तैयारी
MP में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। सरकार प्रदेश के 183 नगर निकायों में कुल 1,080 एल्डरमैन (नॉमिनेटेड पार्षद) नियुक्त करने जा रही है। इस फैसले को चुनाव से पहले पार्टी के संगठन को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
183 निकायों में होंगे एल्डरमैन की नियुक्तियां
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार राज्य के नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों सहित कुल 183 स्थानीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। इन एल्डरमैन को मतदान का अधिकार नहीं होता, लेकिन नगर निकायों की बैठकों और विकास संबंधी चर्चाओं में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इस योजना के तहत 13 नगर निगमों में 105 एल्डरमैन, 56 नगर पालिकाओं में 325 एल्डरमैन और 114 नगर पंचायतों में 650 एल्डरमैन नियुक्त किए जाएंगे। कुल मिलाकर यह संख्या 1,080 तक पहुंचती है।
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जल्द जारी होंगे आदेश
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किए जा सकते हैं। आदेश जारी होने के बाद जिलों में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इन नियुक्तियों को अगले एक वर्ष के लिए किया जाएगा, क्योंकि राज्य में अगले स्थानीय निकाय चुनाव जुलाई 2027 के आसपास प्रस्तावित हैं। इस अवधि में इन एल्डरमैन की भूमिका प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भाजपा की रणनीति: संगठन को मजबूत करने की तैयारी
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। एल्डरमैन की नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा स्थानीय स्तर पर अपने प्रभाव को और मजबूत करना चाहती है।
इन नियुक्तियों में पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को स्थान दिए जाने की संभावना है। इससे संगठन को बूथ और वार्ड स्तर तक मजबूत करने में मदद मिलेगी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की सिफारिश
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राज्य सरकार को कुल 1,080 एल्डरमैन की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा था। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर सहमति बन चुकी है और इसे जल्द ही अमल में लाया जाएगा।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि स्थानीय निकायों में मजबूत पकड़ चुनावी परिणामों को सीधे प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से इस बार नियुक्तियों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
पहले भी की जा चुकी हैं नियुक्तियां, लेकिन अटकी प्रक्रिया
गौरतलब है कि इससे पहले 29 मार्च को राज्य सरकार ने 169 नगर निकायों में 768 एल्डरमैन नियुक्त करने के आदेश जारी किए थे। इनमें 123 नगर परिषद और 46 नगर पालिकाएं शामिल थीं।
हालांकि, इन नियुक्तियों के बाद पुलिस सत्यापन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो सकीं, जिसके कारण तीन महीने बाद भी उनका अंतिम नोटिफिकेशन जारी नहीं हो पाया। नतीजतन, ये नियुक्तियां अब तक केवल कागजों पर ही सीमित हैं।
स्थानीय निकायों में भूमिका और महत्व
एल्डरमैन नगर निकायों की बैठकों में भाग लेते हैं और विकास कार्यों पर अपनी राय रखते हैं। हालांकि उन्हें मतदान का अधिकार नहीं होता, फिर भी उनकी सलाह और सुझाव प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बड़ी संख्या में एल्डरमैन राजनीतिक रूप से सक्रिय लोगों को नियुक्त किया जाता है, तो इससे स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ और मजबूत हो सकती है।
चुनावी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा कदम
MP में अगले वर्ष स्थानीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में इस प्रकार की नियुक्तियों को राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। विपक्षी दलों द्वारा इस कदम पर सवाल उठाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है, क्योंकि इसे चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।
निष्कर्ष
183 नगर निकायों में 1,080 एल्डरमैन की नियुक्ति का यह फैसला न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। भाजपा और राज्य सरकार इसे संगठनात्मक मजबूती के रूप में देख रही है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी रणनीति के रूप में पेश कर सकता है। आने वाले दिनों में इस फैसले पर राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने की संभावना है।
