इंदौर से अमृतसर बाढ़ पीड़ितों के लिए पहुँची राहत सामग्री
मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ ने सठवाल गांव को किया गोद, दी जाएगी दीर्घकालिक सहायता
इंदौर/अमृतसर, 22 सितम्बर 2025।
पंजाब के अमृतसर ज़िले में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों की मदद के लिए इंदौर से रवाना हुआ राहत सामग्री का बड़ा काफिला अमृतसर पहुँच गया है। यह राहत अभियान मध्यप्रदेश एनजीओ महासंघ और राधे-राधे फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से चलाया जा रहा है।
राहत सामग्री से भरे ट्रकों में ज़रूरत की तमाम वस्तुएँ शामिल की गई थीं—जैसे राशन, दवाइयाँ, कपड़े, कंबल, बिस्किट, पानी की बोतलें और यहां तक कि पशुओं के लिए भी दवाइयाँ। इस सामग्री को अमृतसर ज़िले के आसपास बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थानीय सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवकों की मदद से पहुँचाया जा रहा है।
सठवाल गांव को किया एडॉप्ट
महासंघ ने घोषणा की है कि अमृतसर ज़िले के डेरा बाबा नानक क्षेत्र के पास स्थित सठवाल गांव को पूर्ण रूप से एडॉप्ट किया जाएगा। इस गांव की लगभग 136 एकड़ कृषि भूमि और 200 से अधिक परिवार बाढ़ की चपेट में आकर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
यहाँ न केवल पीड़ितों को राशन और कपड़े पहुँचाए जा रहे हैं, बल्कि राहत कार्यों के तहत:
- मेडिकल कैंप लगाकर दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाएँगी
- किसानों को बीज, डीएपी/एनपीके उर्वरक दिए जाएँगे
- पशुओं की देखभाल के लिए विशेष दवाइयाँ वितरित की जाएँगी
- बच्चों व महिलाओं के लिए आवश्यक सामान की व्यवस्था की जाएगी

समाजसेवियों का योगदान
यह सेवा कार्य समाजसेवी योगेंद्र महंत, संतोष मीणा, मंजीत सिंह भाटिया, रिंकू वीर जी, रुपेश जैन, सलीम शेख, मनोज मेहना सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
वहीं, महासंघ के अध्यक्ष शशि सातपुते के नेतृत्व में श्रेयांश जैन, रविन्द्र जाधव, विकास पवार और विनय परमार राहत वितरण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये सभी अमृतसर के प्रभावित इलाकों में लगातार दौरा कर रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
दीर्घकालिक सहायता का संकल्प
महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यह मदद केवल तत्कालीन राहत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सठवाल गांव को दीर्घकालिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य है कि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें और कृषि सहित अपनी आजीविका को पुनः स्थापित कर सकें।

