MP News PWD Action: मध्य प्रदेश में पीडब्ल्यूडी ने 35 निर्माण परियोजनाओं का निरीक्षण किया, 20 में खामियां मिलीं। ठेकेदार ब्लैकलिस्ट और अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश।
MP News PWD Action: अमानक निर्माण पर विभाग की सख्ती, 20 परियोजनाओं में खामियां, ठेकेदार पर कार्रवाई
MP News PWD Action क्या है
MP News PWD Action के तहत मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। प्रदेश में सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण कार्यों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया है।
इस विशेष अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की गई। जांच के दौरान कई परियोजनाओं में गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद संबंधित ठेकेदारों और कंसल्टेंट्स पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
35 परियोजनाओं का औचक निरीक्षण
लोक निर्माण विभाग की विशेष कार्ययोजना के तहत 6 मार्च को सात निरीक्षण दलों का गठन किया गया था। इन दलों ने प्रदेश के कई जिलों में निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण जिन जिलों में किया गया उनमें शामिल हैं:
- सीहोर
- पांढुर्णा
- भिंड
- बड़वानी
- मऊगंज
- उज्जैन
- पन्ना
इन जिलों में कुल 35 निर्माण परियोजनाओं का रेंडम निरीक्षण किया गया। इस दौरान परियोजनाओं की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों का परीक्षण किया गया।जांच में सामने आया कि कई परियोजनाओं में निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किए गए थे।
भिंड में सबसे बड़ी गड़बड़ी सामने आई
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी गड़बड़ी भिंड जिले के उदोतगढ़ में सामने आई।
यहां निर्माणाधीन:
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन
- जी-टाइप आवासीय भवन
- एचआई-टाइप आवासीय भवन
का कार्य असंतोषजनक पाया गया।इसके बाद विभाग ने कड़ा फैसला लेते हुए संबंधित ठेकेदार मेसर्स जय कैला देवी कंस्ट्रक्शन कंपनी, मुरैना को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।इसके साथ ही परियोजना से जुड़े कंसलटेंट मेसर्स एनोवियस कंसल्टेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल के खिलाफ भी कार्रवाई करने और वसूली करने के निर्देश दिए गए।संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
20 अन्य निर्माण कार्यों में कमियां
MP News PWD Action के तहत किए गए निरीक्षण में कुल 35 परियोजनाओं में से 20 परियोजनाओं में तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी कमियां पाई गईं।
इन परियोजनाओं में निम्न प्रकार की समस्याएं सामने आईं:
- निर्माण सामग्री की गुणवत्ता खराब
- डिजाइन के अनुसार कार्य नहीं
- निर्माण की धीमी प्रगति
- तकनीकी मानकों का पालन नहीं
इन सभी परियोजनाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।विभाग ने यह भी कहा है कि अगर सुधार नहीं किया गया तो संबंधित एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुई समीक्षा बैठक
निरीक्षण के बाद विभागीय रिपोर्ट की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।यह बैठक मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित हुई।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:
- प्रमुख अभियंता (सड़क-पुल) केपीएस राणा
- प्रमुख अभियंता (भवन) एसआर बघेल
- प्रमुख अभियंता (बीडीसी) अजय श्रीवास्तव
- तकनीकी सलाहकार एमपीआरडीसी आरके मेहरा
के अलावा मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री भी मौजूद रहे।
मानसून से पहले मरम्मत के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मानसून से पहले पुल-पुलियों और सड़कों की मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।जहां पुल या सड़क की स्थिति खतरनाक है, वहां नए निर्माण प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
इसका उद्देश्य है कि बारिश के मौसम में किसी प्रकार की दुर्घटना या यातायात बाधा की स्थिति न बने।
सड़क सुरक्षा और ब्रिज सेफ्टी ऑडिट पर जोर
MP News PWD Action के तहत विभाग ने सड़क सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
इसके अंतर्गत:
- ब्रिज सेफ्टी ऑडिट
- रोड सेफ्टी ऑडिट
- दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान
जैसे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।यह पहल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है।
डिजिटल सर्वे और नई कार्य प्रणाली
लोक निर्माण विभाग अब निर्माण कार्यों की निगरानी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी कर रहा है।इसके लिए लोक निर्माण सर्वेक्षण ऐप का उपयोग किया जाएगा।
इस ऐप के माध्यम से:
- सभी सड़कों की डिजिटल मैपिंग
- निर्माण से पहले सर्वे
- कार्यादेश जारी करना
- परियोजना मॉनिटरिंग
की जाएगी।विभाग ने यह भी तय किया है कि नई सड़क निर्माण परियोजनाओं का वर्क ऑर्डर तभी जारी होगा जब सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से सर्वे पूरा होगा।
CM हेल्पलाइन शिकायतों पर भी निर्देश
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जाए।
इसके साथ ही:
- पूर्व निरीक्षण रिपोर्ट का पालन
- कार्यों की नियमित समीक्षा
- अधिकारियों की जवाबदेही
सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
निष्कर्ष
MP News PWD Action यह संकेत देता है कि मध्य प्रदेश सरकार अब निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।औचक निरीक्षण, ठेकेदारों की ब्लैकलिस्टिंग, डिजिटल निगरानी और जवाबदेही तय करने जैसे कदमों से यह स्पष्ट है कि विभाग अब पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।यदि इन निर्देशों का सख्ती से पालन किया गया तो प्रदेश में सड़कों, पुलों और सरकारी भवनों की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार देखने को मिलेगा।

