मंत्री की ‘नाग’ वाली टिप्पणी, गडकरी का आरटीओ पर तंज और कीचड़ में फंसी महापौर की गाड़ी—मध्य प्रदेश की तीन चर्चित घटनाएं
दैनिक स्वराज वाणी | भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दो बयानों और सड़क की बदहाली से जुड़ी एक घटना ने ध्यान खींचा है। सीहोर में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अच्छे कर्म करने की सीख देते हुए ‘अगले जन्म में नाग’ बनने की बात कही। भोपाल में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आरटीओ के कामकाज पर तंज कसा। उधर, सीधी जिले में सड़क निर्माण की मांग का समर्थन करने पहुंचीं सिंगरौली की महापौर रानी अग्रवाल की गाड़ी कीचड़ में फंस गई। तीनों घटनाएं अलग-अलग स्थानों और संदर्भों की हैं।
सीहोर में राजस्व मंत्री ने दी अच्छे कर्म करने की सीख
सीहोर जिले के ढाबला गांव में विद्युत उपकेंद्र के लोकार्पण और विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने लोगों को अच्छे कर्म करने की सलाह दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी का बुरा नहीं करना चाहिए और बदले की भावना से दूर रहना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने गलत काम करने वालों को सुधरने की बात कहते हुए ‘अगले जन्म में नाग’ बनने का उल्लेख किया।
मंत्री ने अपने भाषण में राजनीतिक संदर्भ भी जोड़ा। उन्होंने इछावर विधानसभा में मिले वोटों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले उन्हें 42 प्रतिशत और बाद में 54 प्रतिशत वोट मिले। उनके बयान का आशय सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताना था। कार्यक्रम में दिया गया उनका ‘नाग’ वाला कथन अब चर्चा का विषय है।
भोपाल में गडकरी ने आरटीओ अधिकारियों पर कसा तंज
भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ बस सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहनों की जांच और पंजीकरण पर बात की। उन्होंने आरटीओ अधिकारियों के कामकाज पर नोट दिखने पर तुरंत मुहर लगाने का तंज कसा। गडकरी ने चेताया कि गलत बस को मंजूरी देने पर संबंधित अधिकारी की नौकरी जा सकती है। उनका बयान वाहन जांच में सतर्कता बरतने की अपील के संदर्भ में था।
गडकरी के अनुसार, नई व्यवस्था में बसों के लिए जांच सूची तैयार होगी और उसे वाहन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। उन्होंने भौतिक और वीडियो जांच के बिना बस का पंजीकरण नहीं करने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि परिवहन से जुड़ी 17 सेवाएं डिजिटल की गई हैं, ताकि लोगों को सामान्य कार्यों के लिए आरटीओ कार्यालय न जाना पड़े। उनके भाषण को किसी खास अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
सीधी में सड़क देखने पहुंचीं महापौर को पैदल जाना पड़ा
सीधी जिले की खड्डी खुर्द पंचायत के बगैहा टोला में ग्रामीण पक्की सड़क की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को आंदोलन के समर्थन में पहुंचीं सिंगरौली नगर निगम की महापौर रानी अग्रवाल की गाड़ी कच्चे रास्ते के कीचड़ में फंस गई। ग्रामीणों ने धक्का देकर वाहन निकाला। इसके बाद महापौर को धरना स्थल तक दो किलोमीटर से अधिक पैदल चलना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य मार्ग से टोले को जोड़ने वाला करीब तीन से चार किलोमीटर का रास्ता पक्का नहीं है। उनका कहना है कि बारिश के समय यहां आवागमन और कठिन हो जाता है। महापौर अग्रवाल ने कहा कि सड़क की वास्तविक स्थिति उन्हें मौके पर पहुंचकर पता चली और वे इस संबंध में शासन को पत्र लिखेंगी। ग्रामीण अब सड़क निर्माण पर ठोस जवाब का इंतजार कर रहे हैं। n
