मानवाधिकार से मानवता तक: मकर संक्रांति पर Dewas में बदली कई जिंदगियाँ
मकर संक्रांति के महापर्व को सेवा, संवेदना और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ मनाते हुए भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा Dewas जिले के मालवा अंचल की एक गरीब बस्ती में भव्य सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मानवीय पहल के तहत जरूरतमंद बच्चों, महिलाओं और परिवारों को दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली आवश्यक वस्तुएँ वितरित की गईं, जिससे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्ग के चेहरों पर मुस्कान लाना, उन्हें सम्मान का अनुभव कराना तथा मकर संक्रांति पर्व के सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना रहा। इस सेवा कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पैंट-शर्ट एवं गर्म कपड़े वितरित किए गए, वहीं महिलाओं को साड़ियाँ प्रदान की गईं। इसके साथ ही सभी बच्चों को तिल के लड्डू और बिस्कुट पैकेट देकर पर्व की मिठास साझा की गई।
बच्चों और महिलाओं में दिखी खास खुशी
Dewas कपड़े और खाद्य सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर जो खुशी और उत्साह देखने को मिला, वह इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। ठंड के मौसम में गर्म कपड़े पाकर बच्चों और महिलाओं ने राहत महसूस की। कई परिवारों ने संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल भौतिक सहायता देते हैं, बल्कि आत्मसम्मान और अपनत्व का भाव भी जगाते हैं।
जिला अध्यक्ष अरुणा त्रिपाठी रहीं विशेष रूप से उपस्थित
Dewas कार्यक्रम में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष श्रीमती अरुणा त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने बच्चों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए संगठन के उद्देश्यों, मानवाधिकारों के महत्व और सामाजिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती तभी संभव है, जब हर व्यक्ति अपने आसपास के जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील हो।
मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, सामाजिक संदेश है: अरुणा त्रिपाठी
इस अवसर पर श्रीमती अरुणा त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा, मकर संक्रांति का पर्व केवल दान-पुण्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में प्रेम, करुणा, सहयोग और समरसता का संदेश देता है। हमारी कामना है कि इन बच्चों और महिलाओं के जीवन में तिल-गुड़ की मिठास हमेशा बनी रहे। हमें गर्व है कि हम ऐसे संगठन से जुड़े हैं, जो सेवा और संवेदना को सर्वोपरि मानता है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट निरंतर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने के लिए कार्य कर रहा है और आगे भी ऐसे सेवा कार्यक्रम जारी रहेंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश: सेवा के संकल्प को मिलती है नई ऊर्जा
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कार्यक्रम को लेकर अपने संदेश में कहा कि संगठन का मूल संकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सहयोग पहुँचाना है। उन्होंने कहा, मकर संक्रांति जैसे पर्व हमें हमारी सामाजिक जिम्मेदारियों की याद दिलाते हैं। ऐसे अवसरों पर सेवा कार्य कर हम समाज के प्रति अपने दायित्वों को और मजबूती से निभा सकते हैं।
सेवा ही सच्चा धर्म: संगठन पदाधिकारी
Dewas कार्यक्रम के दौरान संगठन से जुड़े शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, मनीष गुप्ता, युवराज सिंह राठौर और जीवनलाल जैन चायवाले ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, सेवा ही सच्चा धर्म है। जो संगठन गरीब, पीड़ित और वंचित वर्ग के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करता है, वही सच्चे अर्थों में राष्ट्रसेवा करता है।” उन्होंने इस तरह के सेवा अभियानों को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्थानीय नागरिकों की रही सराहनीय सहभागिता
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठन के अन्य सदस्यों की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। सभी ने मिलकर व्यवस्थाओं को संभाला और जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
