Shahdol News: जिला पत्रकार सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का बड़ा ऐलान, पत्रकार संघ के जिला कार्यालय के लिए दिए निर्देश
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के सम्मेलन में पत्रकारों के हितों पर हुई चर्चा, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने की सहभागिता
संभागीय ब्यूरो प्रमुख – सुनील रैदास
शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को जिला स्तरीय पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा होटल सूर्य इंटरनेशनल, शहडोल में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में पत्रकारिता के महत्व, पत्रकारों की भूमिका, पत्रकार हितों और संगठन की मजबूती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में प्रदेशाध्यक्ष शलभ भदौरिया की विशेष उपस्थिति रही, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता शहडोल जिला इकाई के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह परिहार ने की।
इस अवसर पर संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पत्रकार, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ: उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। पत्रकार अपनी लेखनी के माध्यम से आम जनता की समस्याओं को सामने लाते हैं और शासन-प्रशासन तक लोगों की आवाज पहुंचाने का कार्य करते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों के हितों को प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं के समाधान और उनके कल्याण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
शहडोल में पत्रकार संघ के जिला कार्यालय के लिए निर्देश
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह को निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला कार्यालय की स्थापना के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उपमुख्यमंत्री के इस निर्देश का कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।
पत्रकारों ने इस पहल को संगठन की मजबूती और पत्रकार हितों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जिला कार्यालय बनने से पत्रकारों को संगठनात्मक गतिविधियों, बैठकों और पत्रकार कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
प्रदेशाध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर दिया संदेश
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेशाध्यक्ष शलभ भदौरिया ने अपने संबोधन में पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सच्ची पत्रकारिता वही है जो निष्पक्ष, निर्भीक और जनहित के लिए समर्पित हो। पत्रकार का कार्य केवल समाचार प्रकाशित करना नहीं है, बल्कि समाज की समस्याओं को समझना और जनता की आवाज बनकर उन्हें सामने लाना भी है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों को हमेशा सत्य, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
शलभ भदौरिया ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। एक जिम्मेदार पत्रकार समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दे सकता है।
उन्होंने उपस्थित पत्रकारों से अपील की कि वे पत्रकारिता के मूल्यों को बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दें।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
जिला पत्रकार सम्मेलन में कई प्रमुख जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख लोगों में:
- जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह
- जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी
- ब्यौहारी विधायक शरद कोल
- शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह
- शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह
सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
सभी अतिथियों ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता का विशेष महत्व है।
पत्रकारों का मेडल पहनाकर किया गया सम्मान
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण पत्रकार सम्मान समारोह रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पत्रकारों को मंच पर बुलाकर मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया।
सम्मान प्राप्त करने वाले पत्रकारों ने इसे अपने कार्य के प्रति प्रोत्साहन बताया। कार्यक्रम में पत्रकारों के अनुभव, समस्याओं और भविष्य की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
सम्मान समारोह के माध्यम से संगठन ने पत्रकारों के योगदान को सम्मान देने का प्रयास किया।
पत्रकार हितों और सुरक्षा को लेकर हुई चर्चा
सम्मेलन में पत्रकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मुख्य रूप से इन विषयों पर चर्चा हुई:
- पत्रकारों की सुरक्षा व्यवस्था
- पत्रकार कल्याण योजनाएं
- संगठन को मजबूत बनाने के प्रयास
- पत्रकारों के अधिकार और सुविधाएं
- ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे पत्रकारों की समस्याएं
वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना जरूरी है ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
शहडोल संभाग के पत्रकारों की बड़ी भागीदारी
इस सम्मेलन में शहडोल संभाग के विभिन्न जिलों से पत्रकार बड़ी संख्या में पहुंचे। आयोजन में पत्रकारों के बीच आपसी संवाद और संगठनात्मक एकजुटता देखने को मिली।
पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा किए और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में पत्रकारों के बीच सहयोग, समन्वय और एकता का संदेश भी दिया गया।
संगठन की मजबूती पर दिया गया जोर
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन लगातार प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन के माध्यम से पत्रकारों के हितों की आवाज प्रभावी तरीके से उठाई जा सकती है।
सम्मेलन में यह संकल्प लिया गया कि पत्रकारों के हितों, सम्मान और सुरक्षा के लिए लगातार कार्य किया जाएगा।
आभार प्रदर्शन के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
जिला पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इसके बाद सभी अतिथियों और पत्रकारों के लिए प्रीतिभोज का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ शहडोल जिला इकाई के पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजकों ने सभी अतिथियों, पत्रकारों और सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि भविष्य में भी पत्रकार हितों से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
निष्कर्ष
शहडोल में आयोजित जिला पत्रकार सम्मेलन केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें पत्रकारों के अधिकार, सुरक्षा और संगठन की मजबूती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा पत्रकार संघ के जिला कार्यालय के लिए दिए गए निर्देश को पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस आयोजन ने पत्रकारों को एक मंच प्रदान किया और लोकतंत्र में उनकी भूमिका को फिर से रेखांकित किया।
