MP News: मध्य प्रदेश में 756 एल्डरमैन की नियुक्ति का गजट नोटिफिकेशन जारी, 166 से ज्यादा नगरीय निकायों में जिम्मेदारी सौंपी गई
MP News: मध्य प्रदेश की नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब आधिकारिक रूप से पूरी हो गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश में नियुक्त किए गए 756 एल्डरमैन का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके साथ ही नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में मनोनीत पार्षदों को एल्डरमैन के रूप में जिम्मेदारी संभालने का रास्ता साफ हो गया है।
विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, 46 नगर पालिकाओं में 276 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं, जबकि 120 नगर परिषदों में 480 मनोनीत पार्षदों को एल्डरमैन बनाया गया है। प्रत्येक नगर परिषद में चार-चार एल्डरमैन की नियुक्ति की गई है।
तीन महीने बाद जारी हुआ गजट नोटिफिकेशन
नगरीय प्रशासन विभाग ने एल्डरमैन नियुक्ति का आदेश 28 मार्च 2026 को जारी किया था। हालांकि, इसका गजट नोटिफिकेशन करीब तीन महीने बाद जारी किया गया। अब सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद सभी नियुक्तियां आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गई हैं।
गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद संबंधित नगरीय निकायों में एल्डरमैन अपनी जिम्मेदारियां संभाल सकेंगे। इन्हें नगर निकायों के कामकाज और बैठकों में भागीदारी का अधिकार मिलेगा।
24 जिलों में की गई नियुक्तियां
नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 24 जिलों में एल्डरमैन नियुक्त किए हैं। इनमें प्रदेश के कई प्रमुख जिले शामिल हैं।
जिन जिलों में नियुक्तियां की गई हैं, उनमें सागर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, देवास, रतलाम, मंदसौर और नीमच शामिल हैं।
इन जिलों की नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में मनोनीत पार्षदों को एल्डरमैन की भूमिका दी गई है।
पहले 169 निकायों में नियुक्ति का था आदेश
इससे पहले नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश की 169 नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में कुल 768 एल्डरमैन नियुक्त करने का आदेश जारी किया था। यह आदेश 28 मार्च 2026 को जारी किया गया था।
हालांकि, अंतिम गजट अधिसूचना में 756 एल्डरमैन की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। इसके बाद अब नगरीय निकायों में एल्डरमैन व्यवस्था लागू हो गई है।
क्या होती है एल्डरमैन की भूमिका?
एल्डरमैन नगर निकायों में मनोनीत सदस्य होते हैं। इन्हें आमतौर पर ऐसे लोगों में से चुना जाता है, जिन्हें सामाजिक कार्यों, प्रशासनिक अनुभव या किसी विशेष क्षेत्र में योगदान के लिए जाना जाता है।
एल्डरमैन नगर परिषद या नगर पालिका की बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रख सकते हैं। हालांकि, इनके अधिकार और मतदान संबंधी व्यवस्थाएं राज्य के नियमों के अनुसार तय होती हैं।
नगरीय चुनावों के बीच महत्वपूर्ण नियुक्ति
MP में पिछली बार नगरीय निकाय चुनाव वर्ष 2022 में जून-जुलाई के दौरान हुए थे। चुनाव के बाद गठित नगर सरकारों का कार्यकाल अब लगभग चार साल पूरा करने की ओर है। वर्तमान निकायों का कार्यकाल पूरा होने में करीब एक साल का समय शेष है।
राजनीतिक दृष्टि से भी एल्डरमैन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नगरीय निकायों में इन मनोनीत सदस्यों की भूमिका स्थानीय स्तर पर प्रभाव डाल सकती है।
2027 में हो सकते हैं अगले नगरीय चुनाव
वर्तमान कार्यकाल को देखते हुए प्रदेश में अगले नगरीय निकाय चुनाव वर्ष 2027 में होने की संभावना है। पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के हिसाब से चुनाव मई से जुलाई 2027 के बीच कराए जा सकते हैं।
हालांकि, मतदाता सूची के पुनरीक्षण, वार्ड परिसीमन और आरक्षण प्रक्रिया के कारण चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
अगस्त-सितंबर तक खिसक सकते हैं चुनाव
प्रशासनिक तैयारियों को देखते हुए नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषद के चुनाव एक साथ कराए जाने की संभावना है। इसके लिए मतदाता सूची अपडेट, वार्डों का परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इन प्रक्रियाओं में समय लगने की स्थिति में चुनाव अगस्त या सितंबर 2027 तक भी टल सकते हैं।
राजनीतिक हलचल बढ़ने के संकेत
एल्डरमैन नियुक्ति के बाद नगरीय क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज होने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर मनोनीत सदस्यों की भूमिका बढ़ेगी और वे नगर निकायों के कामकाज में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
सरकार द्वारा की गई इन नियुक्तियों को आगामी नगरीय चुनावों की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। अब गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सभी नियुक्त एल्डरमैन आधिकारिक रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
