मंडला में कीचड़ भरी सड़क पर फंसी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की कार, ट्रैक्टर से खींचकर निकाला
चकदेही ग्राम पंचायत में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे सांसद, सड़क की स्थिति देखकर पंचायत से मांगा निर्माण प्रस्ताव
मंडला। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति खराब होती जा रही है। मंडला जिले की चकदेही ग्राम पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को भी खराब सड़क के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश से दलदल बनी कच्ची सड़क पर उनकी कार फंस गई। काफी कोशिशों के बाद भी वाहन नहीं निकल सका तो ग्रामीणों को ट्रैक्टर बुलाना पड़ा।
ट्रैक्टर से रस्सी बांधकर सांसद की कार को कीचड़ से बाहर निकाला गया। इस दौरान उनके काफिले में शामिल अन्य वाहनों को भी रास्ते से निकलने में परेशानी हुई। घटना के बाद सांसद ने सड़क की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई और ग्राम पंचायत से सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा।
सामुदायिक भवन के लोकार्पण के लिए पहुंचे थे सांसद
मंडला लोकसभा क्षेत्र से सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते चकदेही ग्राम पंचायत में करीब 60 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान गांव में अस्पताल से जुड़े निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम की जानकारी भी सामने आई है।
लगातार बारिश के बावजूद सांसद का निर्धारित कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांव पहुंचने के लिए उनका काफिला कच्ची सड़क से आगे बढ़ा, लेकिन बारिश के कारण सड़क की मिट्टी दलदल में बदल चुकी थी। सड़क पर पानी और गहरा कीचड़ जमा होने से वाहनों का निकलना कठिन हो रहा था।
सांसद की कार जैसे ही इस रास्ते पर पहुंची, उसके पहिये कीचड़ में धंस गए। चालक ने वाहन को आगे निकालने का प्रयास किया, लेकिन पहिये फिसलने लगे और कार कीचड़ में और अधिक फंस गई।
काफिले के अन्य वाहनों को भी हुई परेशानी
सांसद की कार के साथ उनके काफिले में चल रहे कुछ दूसरे वाहन भी खराब रास्ते के कारण फंस गए। सड़क की स्थिति ऐसी थी कि वाहनों को आगे या पीछे ले जाना मुश्किल हो रहा था।
मौके पर मौजूद अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों ने कार को धक्का देकर बाहर निकालने का प्रयास किया। पहियों के नीचे पत्थर और अन्य सामग्री रखकर वाहन को पकड़ देने की कोशिश भी की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।
लगातार प्रयासों के बाद भी जब कार नहीं निकल सकी तो ग्रामीणों से सहायता ली गई। रास्ते की हालत के कारण कार्यक्रम में पहुंचे अन्य लोगों को भी आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने ट्रैक्टर बुलाकर की मदद
कार को निकालने के लिए गांव से तत्काल एक ट्रैक्टर बुलाया गया। वाहन को रस्सी की सहायता से ट्रैक्टर से बांधा गया और सावधानीपूर्वक खींचकर दलदल से बाहर निकाला गया।
ट्रैक्टर की सहायता मिलने के बाद सांसद की कार आगे बढ़ सकी। इसके बाद काफिले के दूसरे वाहनों को भी सुरक्षित रास्ते से निकालने की व्यवस्था की गई। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सांसद कार्यक्रम पूरा करने के बाद वहां से रवाना हो सके।
इस घटनाक्रम ने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की वास्तविक स्थिति को एक बार फिर सामने ला दिया है। जिस रास्ते से सांसद और अधिकारियों का काफिला गुजर रहा था, उसी सड़क का इस्तेमाल स्थानीय ग्रामीणों द्वारा रोजाना किया जाता है।
ग्रामीणों ने बताई हर साल की समस्या
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश शुरू होते ही कच्ची सड़क पर कीचड़ और जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। रास्ता दलदल में बदल जाने से पैदल चलना और दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें प्रत्येक वर्ष बरसात में ऐसी ही परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में परेशानी होती है।
चार पहिया वाहन सड़क पर फंसने का खतरा बना रहता है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या अन्य सहायता वाहन समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाने की आशंका भी रहती है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क के निर्माण और सुधार की मांग कर रहे हैं।
सांसद ने पंचायत से मांगा सड़क का प्रस्ताव
खराब सड़क की स्थिति और अपनी कार फंसने की घटना के बाद सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
प्रस्ताव तैयार होने के बाद सड़क निर्माण के लिए उपलब्ध योजनाओं और मदों के माध्यम से राशि स्वीकृत कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। सांसद ने अधिकारियों से सड़क की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम करने को कहा।
हालांकि, सड़क कब तक बनेगी, इसके लिए राशि किस योजना से स्वीकृत होगी और निर्माण कब शुरू होगा, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अस्पताल तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क जरूरी
चकदेही ग्राम पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए अस्पताल से संबंधित निर्माण कार्य प्रस्तावित बताया गया है। ऐसी स्थिति में गांव तक पक्की और सुरक्षित सड़क की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केंद्र तैयार होने के बाद मरीजों, एंबुलेंस, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को आवागमन के लिए बेहतर सड़क की जरूरत होगी। सड़क खराब रहने पर भवन और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को पूरी तरह नहीं मिल पाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी विकास परियोजना के साथ वहां तक पहुंचने वाली सड़क, बिजली, पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भारी बारिश में ग्रामीण सड़कों की स्थिति खराब
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण कच्ची और क्षतिग्रस्त सड़कें आवागमन के लिए मुश्किल बन गई हैं। नदी-नाले उफान पर होने और रास्तों पर जलभराव के कारण कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क किनारे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से थोड़ी अधिक बारिश में सड़कें दलदल में बदल जाती हैं। कई स्थानों पर सड़क बनने के बाद नियमित रखरखाव नहीं होने से भी गड्ढे और कटाव बढ़ जाते हैं।
चकदेही की घटना ने सड़क निर्माण के साथ उसके रखरखाव और जल निकासी की आवश्यकता पर भी ध्यान खींचा है।
सड़क बनने की उम्मीद जगी
सांसद द्वारा पंचायत से प्रस्ताव मांगे जाने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि अब वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सकेगा। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रस्ताव और घोषणा केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहें, बल्कि जल्द राशि स्वीकृत कर सड़क का निर्माण कराया जाए।
सांसद की कार फंसने से जो परेशानी कुछ समय के लिए सामने आई, वही समस्या ग्रामीण बरसात के पूरे मौसम में झेलते हैं। अब देखना होगा कि पंचायत सड़क निर्माण का प्रस्ताव कब तैयार करती है और संबंधित विभाग उसे कितनी जल्दी स्वीकृति देता है।
