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‘दद्दा से पूछो, पहले सड़क देखी भी थी?’ गड्ढों की शिकायत पर मंत्री लखन पटेल का बयान चर्चा में, जीतू पटवारी ने साधा निशाना

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Published On: 3 September 2026
sdasda

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‘दद्दा से पूछो, पहले सड़क देखी भी थी?’ गड्ढों की शिकायत पर मंत्री लखन पटेल का बयान चर्चा में, जीतू पटवारी ने साधा निशाना

Damoh News: नरसिंहगढ़ में सड़क की बदहाली का मुद्दा उठने पर राज्यमंत्री लखन पटेल ने पुराने समय से की तुलना; वीडियो शेयर कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार को घेरा

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या को लेकर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री और पथरिया विधायक लखन पटेल का एक बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। नरसिंहगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सड़क में गड्ढों की शिकायत पर मंत्री ने मौजूदा स्थिति की तुलना पुराने समय से करते हुए कहा कि पहले सड़कें ही नहीं हुआ करती थीं। उनके इसी जवाब का वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधा है।

मंत्री के बयान का आशय सड़क नेटवर्क के विस्तार को पुराने समय की स्थिति से तुलना करके बताना था, लेकिन गड्ढों की शिकायत पर दिए गए उनके जवाब और बोलने के अंदाज को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

सड़क के गड्ढों का उठा था मुद्दा

जानकारी के मुताबिक, नरसिंहगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की सड़क की स्थिति और गड्ढों की समस्या का जिक्र हुआ था। इसी दौरान मंत्री लखन पटेल ने सड़क व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी।

उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति ने उनसे सड़क में गड्ढे होने की शिकायत की थी। इस पर मंत्री ने पुराने समय की सड़क व्यवस्था का जिक्र करते हुए मौजूदा स्थिति से उसकी तुलना की।

उनका कहना था कि आज सड़क में गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब कई स्थानों पर सड़कें ही उपलब्ध नहीं थीं।

‘दद्दा से पूछो, उन्होंने सड़क देखी थी या नहीं’

वायरल हो रहे बयान में मंत्री लखन पटेल स्थानीय बोली में कहते सुनाई देते हैं कि शिकायत करने वाले व्यक्ति से उन्होंने कहा था कि अपने ‘दद्दा’ यानी पिता से पूछें कि उन्होंने पहले सड़क देखी भी थी या नहीं।

मंत्री ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि नई पीढ़ी के लोगों को अब सड़क में गड्ढे दिखाई देते हैं, जबकि पहले सड़कें ही नहीं थीं।

उनके बयान का संदर्भ पहले के मुकाबले वर्तमान में सड़क नेटवर्क बढ़ने की बात से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि खराब सड़क की शिकायत पर इस तरह का जवाब दिए जाने के कारण बयान ने राजनीतिक रंग ले लिया।

बयान के अंदाज पर शुरू हुई सियासत

मंत्री लखन पटेल के बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई। विपक्ष ने इसे सड़क की समस्या से जूझ रहे लोगों की शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने से जोड़ते हुए सरकार को घेरना शुरू कर दिया।

वहीं मंत्री के बयान को पूरे संदर्भ में देखने पर उनका तर्क यह दिखाई देता है कि प्रदेश में पहले की तुलना में सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ है और अब लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ी हैं।

इसके बावजूद सवाल यह उठ रहा है कि यदि किसी सड़क पर गड्ढों की समस्या है तो उसके समाधान को लेकर संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों की क्या जिम्मेदारी है।

जीतू पटवारी ने वीडियो शेयर कर सरकार को घेरा

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मंत्री के बयान से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

पटवारी ने सड़क व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस की ओर से मंत्री के बयान को प्रदेश की खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश की गई।

राज्य में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं स्थानीय राजनीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहती हैं। ऐसे में मंत्री के बयान ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया मौका दे दिया है।

गड्ढों की शिकायत पर क्यों बढ़ा विवाद?

सड़क में गड्ढों की शिकायत आमतौर पर सीधे तौर पर लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी होती है। खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को परेशानी के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी रहता है।

ऐसे में जब एक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्तर पर सड़क की समस्या उठाई गई तो लोगों को समाधान या सुधार से संबंधित जवाब की अपेक्षा रही होगी। लेकिन मंत्री ने पुराने समय में सड़कें नहीं होने का उदाहरण देकर जवाब दिया।

यही कारण है कि उनके बयान के शब्द और अंदाज चर्चा का विषय बन गए।

मंत्री का तर्क- पहले की तुलना में बढ़ा सड़क नेटवर्क

मंत्री लखन पटेल की टिप्पणी को पूरे संदर्भ में देखें तो उनका जोर यह बताने पर था कि पहले कई क्षेत्रों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं थी, जबकि आज सड़कें बनने के बाद लोग उनकी गुणवत्ता और गड्ढों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

यह विकास की तुलना से जुड़ा उनका राजनीतिक तर्क था। हालांकि इससे मौजूदा सड़कों के रखरखाव और मरम्मत से जुड़े सवाल समाप्त नहीं होते।

सड़क बनने के बाद उसका नियमित रखरखाव, गड्ढों की मरम्मत और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होती है।

दमोह की सड़कों का मुद्दा फिर चर्चा में

इस बयान के बाद दमोह जिले की सड़कों की स्थिति भी एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रहती हैं।

अब विपक्ष मंत्री के बयान को आधार बनाकर सड़क व्यवस्था पर सरकार को घेर रहा है। वहीं सरकार और संबंधित विभाग की ओर से संबंधित सड़क की वास्तविक स्थिति तथा मरम्मत को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।

बयान बनाम बुनियादी समस्या

मंत्री लखन पटेल के बयान को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच मूल मुद्दा सड़क की स्थिति और गड्ढों की समस्या है। किसी दौर में सड़कें नहीं होने और वर्तमान में सड़क नेटवर्क बढ़ने की तुलना अपनी जगह है, लेकिन मौजूदा सड़कों को सुरक्षित और बेहतर बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

इस पूरे घटनाक्रम में मंत्री के बयान ने राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की प्रतिक्रिया के बाद मामला अब केवल स्थानीय शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की सड़क व्यवस्था को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गया है।

 

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