लाड़ली लक्ष्मी योजना: बेटियों को ₹1.43 लाख का लाभ, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
भोपाल। मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। योजना में पात्र बालिका के नाम ₹1.43 लाख का आश्वासन प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है। यह पूरी राशि पंजीकरण के समय एक साथ नहीं मिलती। इसका भुगतान पढ़ाई के विभिन्न चरणों और निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर किया जाता है। स्कूल की छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा की प्रोत्साहन राशि और 21 वर्ष की आयु पर मिलने वाला अंतिम भुगतान इसमें शामिल हैं।
बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना उद्देश्य
मध्य प्रदेश में वर्ष 2007 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना है। इसके साथ बेटियों के शैक्षणिक स्तर, स्वास्थ्य और भविष्य को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित योजना ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के पात्र परिवारों के लिए है।
योजना के माध्यम से परिवारों को बेटी की पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिलती है। अलग-अलग शैक्षणिक पड़ाव पर मिलने वाली राशि का प्रावधान इसे बेटी के बचपन से युवावस्था तक जुड़ी सहायता व्यवस्था बनाता है।
किस चरण में कितनी राशि मिलेगी?
लाड़ली लक्ष्मी योजना में स्कूल की पढ़ाई के दौरान चार चरणों में छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके बाद पात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि मिलती है।
| शैक्षणिक चरण अथवा आयु | सहायता राशि |
|---|---|
| कक्षा छठवीं में प्रवेश | ₹2,000 |
| कक्षा नौवीं में प्रवेश | ₹4,000 |
| कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश | ₹6,000 |
| कक्षा बारहवीं में प्रवेश | ₹6,000 |
| पात्र स्नातक अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश | ₹25,000 |
| 21 वर्ष की आयु पर निर्धारित शर्तें पूरी होने पर | ₹1,00,000 |
| कुल | ₹1,43,000 |
बारहवीं के बाद कम से कम दो वर्ष की अवधि वाले स्नातक या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर ₹25,000 मिलते हैं। यह राशि दो बराबर किस्तों में पाठ्यक्रम के प्रथम और अंतिम वर्ष में दी जाती है।
आवेदन के लिए क्या है पात्रता?
सामान्य प्रकरणों में एक जनवरी 2006 अथवा उसके बाद जन्मी बालिका पात्र हो सकती है। उसका स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण होना चाहिए। माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी हों और आयकरदाता नहीं हों।
सामान्य पात्रता में माता-पिता की दो या उससे कम संतान होने की शर्त है। प्रथम प्रसव से जन्मी बालिका को परिवार नियोजन अपनाए बिना लाभ दिया जा सकता है। द्वितीय प्रसव से जन्मी बालिका के लिए माता या पिता द्वारा परिवार नियोजन अपनाना आवश्यक है। विशेष परिस्थितियों वाले आवेदनों के लिए अलग प्रावधान हैं।
एक लाख रुपये के अंतिम भुगतान की शर्तें
अंतिम ₹1 लाख का भुगतान बालिका के 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार होता है। लाभार्थी का कक्षा बारहवीं की परीक्षा में सम्मिलित होना आवश्यक है। यदि वह विवाहित है, तो विवाह कानून में निर्धारित न्यूनतम आयु पूरी करने के बाद हुआ होना चाहिए।
इसलिए प्रमाण-पत्र जारी होने को तत्काल पूरी राशि मिलने की स्वीकृति नहीं समझना चाहिए। हर भुगतान संबंधित चरण और पात्रता से जुड़ा है। स्वीकृत सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
शासन की योजना जानकारी के अनुसार, बालिका का माता या पिता के साथ फोटो, जन्म प्रमाण-पत्र और टीकाकरण कार्ड जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं। निवास संबंधी प्रमाण के लिए मूल निवासी या स्थानीय प्रमाण-पत्र, माता-पिता का मतदाता पहचान-पत्र अथवा परिवार का राशन कार्ड जैसे दस्तावेज बताए गए हैं।
आवेदन तैयार करते समय नाम, जन्मतिथि और परिवार का विवरण दस्तावेजों के अनुरूप भरें। दस्तावेजों तथा पात्रता की जानकारी पहले जुटाने से आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होगी।
ऑनलाइन और आंगनवाड़ी के माध्यम से आवेदन
इच्छुक परिवार आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन की सुविधा देख सकते हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, लोक सेवा केंद्र अथवा इंटरनेट सेवा केंद्र के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। योजना का आवेदन शुल्क निःशुल्क है।
पंजीकृत बालिका की जानकारी पंजीयन क्रमांक, नाम, जन्मतिथि या माता-पिता के ना से प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है। आवेदन में कठिनाई होने पर संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अथवा बाल विकास परियोजना कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
