नवंबर 2025 अपडेट: MP में SPS से IPS पदोन्नति की DPC रद्द, अब 21 नवंबर को होगी नई बैठक
भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्य पुलिस सेवा (SPS) से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। 12 सितंबर को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक को केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) के निर्देश पर निरस्त कर दिया गया है। अब यह DPC 21 नवंबर 2025 को फिर से आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि IPS अवार्ड के लिए होने वाली DPC के इतिहास में यह पहला मौका है जब एक पूरी बैठक को रद्द किया गया है।
DPC रद्द होने का मुख्य कारण
12 सितंबर की DPC में SPS के 1997 और 1998 बैच के कुल 15 अधिकारियों की पदोन्नति पर विचार किया जा रहा था, जिनमें से 5 अधिकारियों को IPS अवार्ड दिए जाने की अनुशंसा की जानी थी। हालांकि, चर्चा के दौरान ही एक बड़ी बाधा आ गई।
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जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति: बैठक में वर्ष 1997 बैच के अधिकारी अमृत मीणा के जाति प्रमाण पत्र को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज की गई। इस आपत्ति के चलते पूरी प्रक्रिया अटक गई।
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UPSC का हस्तक्षेप: इस विवाद और प्रक्रिया में आई खामी के मद्देनजर UPSC ने हस्तक्षेप करते हुए पुरानी DPC को रद्द करने और पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने के निर्देश राज्य के गृह विभाग को दिए हैं।
21 नवंबर की नई DPC: क्या होगा अलग?
रद्द हुई 12 सितंबर की DPC के बाद, अब 21 नवंबर को होने वाली नई बैठक में और सख्ती और पारदर्शिता बरती जाएगी।
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फिर से होंगी सभी अभिलेखों की जांच: नई DPC से पहले, शामिल किए गए सभी 15 अधिकारियों के गोपनीय अभिलेख (ACR) और अन्य दस्तावेजों की पुनः पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग द्वारा बारीकी से जांच की जाएगी।
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सभी पात्रता मानदंडों की समीक्षा: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर अधिकारी के सभी दस्तावेज और पात्रता मानदंड पूरी तरह से दोषमुक्त हों।
किन अधिकारियों की पदोन्नति अटकी हुई है?
इस विवाद के चलते निम्नलिखित SPS अधिकारियों की IPS में पदोन्नति पर रोक लग गई है, जिन पर 12 सितंबर की बैठक में विचार किया गया था:
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1997 बैच: सीताराम ससात्या, अमृत मीणा, विक्रांत मुराव।
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1998 बैच: सुरेंद्र कुमार जैन, आशीष खरे, राजेश रघुवंशी, निमिषा पांडे, राजेश कुमार मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सव्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येंद्र सिंह तोमर।
इस पूरे मामले ने मध्य प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र में एक बड़ी चर्चा छेड़ दी है। सभी की नजरें अब 21 नवंबर को होने वाली नई DPC पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिरकार इनमें से कौन-से अधिकारी IPS ग्रेड में पदोन्नत हो पाते हैं।
