MP IPS Award 2026: राज्य पुलिस सेवा के 7 अफसरों को मिला IPS कैडर, गृह मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन
MP पुलिस विभाग के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य पुलिस सेवा (SPS) के सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति मिली है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने शुक्रवार 17 जुलाई 2026 को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इन अधिकारियों की आईपीएस में नियुक्ति को अंतिम रूप दिया गया।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सिलेक्टर लिस्ट-2025 को मंजूरी दे दी गई है। इस सूची में शामिल मध्यप्रदेश के सात राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को अब भारतीय पुलिस सेवा का हिस्सा बनाया गया है। सभी अधिकारियों को मध्यप्रदेश कैडर आवंटित किया गया है।
7 अधिकारियों को मिला IPS कैडर
राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत होने वाले अधिकारियों में निमिषा पांडे, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सव्यसाची सराफ और समर वर्मा शामिल हैं।
इन अधिकारियों के नाम सिलेक्टर लिस्ट-2025 में शामिल थे। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद गृह मंत्रालय ने नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही अब ये अधिकारी आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी नई जिम्मेदारियां संभालेंगे।
MP कैडर हुआ आवंटित
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, सभी चयनित अधिकारियों को मध्यप्रदेश कैडर दिया गया है। यानी ये अधिकारी आगे भी मध्यप्रदेश पुलिस प्रशासन में अपनी सेवाएं देंगे।
आईपीएस कैडर मिलने के बाद अधिकारियों की जिम्मेदारियां और अधिकार दोनों बढ़ जाएंगे। उन्हें कानून व्यवस्था, प्रशासनिक प्रबंधन और पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
एक साल प्रोबेशन पर रहेंगे अधिकारी
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, आईपीएस में नियुक्त होने वाले सभी अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा परिवीक्षा नियम, 1954 के तहत एक वर्ष तक प्रोबेशन अवधि में रखा जाएगा।
इस दौरान अधिकारियों के कामकाज, प्रशिक्षण और प्रशासनिक क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद वे नियमित रूप से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
हैदराबाद में मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
आईपीएस में शामिल किए गए अधिकारियों को अनिवार्य इंडक्शन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी भेजा जाएगा।
यह अकादमी देश के आईपीएस अधिकारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां अधिकारियों को पुलिस नेतृत्व, कानून व्यवस्था प्रबंधन, जांच प्रक्रिया, साइबर अपराध, आधुनिक पुलिसिंग और प्रशासनिक कौशल से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
राज्य पुलिस सेवा से IPS बनने की प्रक्रिया
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में शामिल करने के लिए एक तय प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, कार्यक्षमता, अनुभव और योग्यता के आधार पर चयन किया जाता है।
इसके बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), राज्य सरकार और संबंधित विभागों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों के नाम चयन सूची में शामिल किए जाते हैं। अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद मिलती है।
पुलिस विभाग में बढ़ेगा अनुभव का लाभ
राज्य पुलिस सेवा से आने वाले अधिकारियों के पास मैदानी पुलिसिंग का लंबा अनुभव होता है। आईपीएस कैडर मिलने के बाद उनका अनुभव राज्य और राष्ट्रीय स्तर की पुलिस व्यवस्था में उपयोग किया जाता है।
इन अधिकारियों ने लंबे समय तक प्रदेश के अलग-अलग जिलों और विभागों में सेवाएं दी हैं। अब आईपीएस अधिकारी बनने के बाद वे बड़े प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी संभाल सकेंगे।
विभाग में खुशी का माहौल
सात अधिकारियों को आईपीएस कैडर मिलने के बाद मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है। साथी अधिकारियों और कर्मचारियों ने चयनित अधिकारियों को बधाई दी है।
पुलिस विभाग में पदोन्नति को अधिकारियों के करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। आईपीएस में शामिल होने के बाद अधिकारियों को प्रदेश और केंद्र स्तर पर पुलिस प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देने का अवसर मिलेगा।
गृह मंत्रालय की अधिसूचना जारी होने के साथ ही अब इन सातों अधिकारियों की नई पारी शुरू हो गई है। आने वाले समय में वे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।
