MP Hill Stations पर उमड़ा पर्यटकों का सैलाब, गर्मियों में पर्यटन कारोबार को मिला नया बूस्ट
गर्मी के मौसम में बदला पर्यटन का ट्रेंड
MP Hill Stations : आमतौर पर गर्मियों का मौसम मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए ऑफ-सीजन माना जाता रहा है, लेकिन वर्ष 2026 में यह धारणा पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। देश के विभिन्न राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मध्यप्रदेश के प्रमुख हिल स्टेशन पचमढ़ी, तामिया और अमरकंटक पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। इन पर्यटन स्थलों पर लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या ने राज्य के पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय, परिवहन सेवाओं और स्थानीय व्यापार को नई ऊर्जा प्रदान की है।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार मई और जून के दौरान इन क्षेत्रों में होटल बुकिंग में पिछले वर्ष की तुलना में 35 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। सप्ताहांत पर स्थिति ऐसी बन रही है कि कई प्रमुख होटल और रिसॉर्ट्स में कमरे उपलब्ध नहीं हैं और पर्यटकों को पहले से बुकिंग करानी पड़ रही है।
पचमढ़ी, तामिया और अमरकंटक बने आकर्षण का केंद्र
सतपुड़ा की वादियों में बसे पचमढ़ी, तामिया की प्राकृतिक सुंदरता और अमरकंटक का धार्मिक व प्राकृतिक महत्व इस समय पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है। ठंडा मौसम, हरियाली, शांत वातावरण और प्राकृतिक नजारों के कारण लोग महानगरों की भीड़भाड़ और गर्मी से राहत पाने के लिए इन स्थानों का रुख कर रहे हैं।
परिवारों के साथ-साथ युवा पर्यटक, एडवेंचर प्रेमी और प्रकृति के बीच समय बिताने वाले यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर इन स्थानों की बढ़ती लोकप्रियता ने भी पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
होटल और रिसॉर्ट व्यवसाय को मिला फायदा
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सबसे बड़ा लाभ होटल और रिसॉर्ट उद्योग को मिल रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटल और निजी रिसॉर्ट्स इस सीजन में लगभग फुल क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं।
पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन आवासों और तामिया के लक्जरी रिसॉर्ट्स में कमरों की मांग लगातार बढ़ रही है। पर्यटन कारोबारियों के अनुसार पर्यटक अब हिमालयी राज्यों की लंबी और महंगी यात्राओं के बजाय मध्यप्रदेश के अपेक्षाकृत नजदीकी और बजट-अनुकूल पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे होटल उद्योग की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि “वेकेशन विद पूल”, “नेचर स्टे” और “इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट” जैसे नए ट्रेंड्स के कारण होटलों की औसत रूम दरों में भी 15 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है।
परिवहन क्षेत्र में भी बढ़ी गतिविधियां
पर्यटन सीजन का सकारात्मक प्रभाव परिवहन क्षेत्र पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पिपरिया, छिंदवाड़ा, जबलपुर और आसपास के रेलवे स्टेशनों तथा एयरपोर्ट्स से हिल स्टेशनों तक जाने वाली टैक्सी सेवाओं की मांग में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
स्थानीय टैक्सी संचालकों, टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंसियों के कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। कई ट्रैवल कंपनियों ने पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष पैकेज भी शुरू किए हैं, जिनमें होटल, स्थानीय भ्रमण और परिवहन सेवाएं शामिल हैं।
स्थानीय व्यापार और बाजारों को मिला लाभ
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का लाभ स्थानीय दुकानदारों, हस्तशिल्प विक्रेताओं, रेस्टोरेंट संचालकों और छोटे व्यापारियों को भी मिल रहा है। अमरकंटक, पचमढ़ी और तामिया के स्थानीय बाजारों में खरीदारी बढ़ी है, जिससे छोटे व्यवसायों को आर्थिक मजबूती मिली है।
हर्बल उत्पाद, स्थानीय हस्तशिल्प, जनजातीय कला सामग्री और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस वर्ष पर्यटकों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक रही है, जिससे कारोबार में बड़ा सुधार देखने को मिला है।
रोजगार के नए अवसर
पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती मांग ने रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। होटल, रिसॉर्ट्स, ट्रैवल एजेंसियों और एडवेंचर गतिविधियों से जुड़ी कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की है।
जानकारों के अनुसार सीजनल मांग को देखते हुए 20 से 25 प्रतिशत तक अतिरिक्त स्टाफ को रोजगार मिला है। इससे स्थानीय युवाओं को अस्थायी और स्थायी दोनों प्रकार के रोजगार अवसर प्राप्त हुए हैं।
इको-टूरिज्म और सस्टेनेबल मॉडल पर बढ़ा फोकस
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश में इको-टूरिज्म की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। तामिया और पातालकोट जैसे अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध लेकिन प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों में निजी निवेश बढ़ रहा है।
कई बड़े होटल समूह और पर्यटन कंपनियां इन क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट विकसित करने की योजना बना रही हैं। प्रकृति आधारित पर्यटन, वर्क फ्रॉम माउंटेन, वीकेंड गेटवे और वेलनेस टूरिज्म जैसे कॉन्सेप्ट निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन अवसंरचना को और मजबूत किया जाए तो मध्यप्रदेश आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
निष्कर्ष
गर्मी के मौसम में मध्यप्रदेश के हिल स्टेशनों पर बढ़ती पर्यटकों की संख्या ने यह साबित कर दिया है कि राज्य का पर्यटन उद्योग तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। पचमढ़ी, तामिया और अमरकंटक जैसे पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार, होटल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। यदि यही रुझान जारी रहता है तो मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र आने वाले वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।
