—Advertisement—

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने Ola, Uber और Rapido को बाइक टैक्सी सुरक्षा पर नोटिस जारी किया

Author Picture
Published On: 7 March 2026
MP High Court Issues Notice to Ola, Uber, and Rapido Over Bike Taxi Safety
— MP High Court Issues Notice to Ola, Uber, and Rapido Over Bike Taxi Safety

—Advertisement—

MP हाई कोर्ट ने Ola,Uber और Rapido को बाइक टैक्सी सुरक्षा पर नोटिस जारी किया

इंदौर, मध्य प्रदेश – मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बाइक टैक्सी सेवाओं जैसे Ola, Uber और Rapido पर मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन कंपनियों के अलावा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और मध्य प्रदेश के गृह विभाग के प्रमुख सचिव को भी नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है कि व्यावसायिक रूप से चलाए जा रहे दोपहिया वाहनों में यात्री सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं और इन वाहनों में GPS क्यों नहीं लगाए गए हैं।

यह कार्रवाई कानून के छात्र आयुष जाट द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) के बाद हुई है। एडवोकेट अमित सिंह सिसोदिया के माध्यम से प्रस्तुत याचिका में यह चिंता जताई गई है कि शहर में चल रहे ये दोपहिया वाहन वास्तव में निजी उपयोग के लिए पंजीकृत हैं, लेकिन व्यावसायिक रूप से यात्रियों को सेवा प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में दुर्घटना या किसी अप्रिय घटना की स्थिति में यात्रियों को बीमा का दावा करने या किसी से जिम्मेदारी मांगने में समस्या आती है।

सुरक्षा और GPS ट्रैकिंग की कमी

हाई कोर्ट ने सीधे सवाल किया कि व्यावसायिक उपयोग में लगे दोपहिया वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही यह भी पूछा गया कि GPS डिवाइस क्यों नहीं लगाए गए हैं। GPS की कमी के कारण वाहन की वास्तविक समय स्थिति पता करना मुश्किल है और किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना कठिन हो जाता है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि इस समय अधिकारियों के पास यह जांचने का कोई तरीका नहीं है कि वाहन चालक के पास वैध लाइसेंस है या नहीं और वाहन का रजिस्ट्रेशन वैध है या नहीं। कोर्ट ने यह माना कि यह स्थिति यात्रियों के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न करती है और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है।

मामला का इतिहास

यह पहला अवसर नहीं है जब हाई कोर्ट ने इस विषय पर कदम उठाया है। अक्टूबर 2025 में हाई कोर्ट की युगलपीठ ने राज्य सरकार को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66 का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। यह धारा व्यावसायिक वाहनों के संचालन में सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन अनिवार्य करती है। हालांकि, याचिका के अनुसार, राज्य सरकार ने अब तक इन निर्देशों को पूरी तरह लागू नहीं किया है।

अब हाई कोर्ट ने कंपनियों और संबंधित विभागों से स्पष्ट जवाब मांगा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाइक टैक्सी सेवा प्रदाता यात्री सुरक्षा और कानूनी अनुपालन को गंभीरता से ले रहे हैं।

कानूनी और नियामक मुद्दे

याचिका में यह भी कहा गया है कि व्यावसायिक गतिविधियों में लगे वाहनों को मोटर व्हीकल एक्ट के सभी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है। इसमें वैध परमिट, बीमा, वाहन पंजीकरण और चालक की जानकारी शामिल है। याचिका में यह मांग भी की गई है कि व्यावसायिक वाहनों की नंबर प्लेट सामान्य वाहनों से अलग हो, ताकि यात्री और अधिकारी आसानी से पहचान सकें।

इन कदमों को लागू करने से पारदर्शिता बढ़ेगी, कंपनियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित होगी और यात्रियों के लिए सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

राइड-शेयरिंग कंपनियों पर प्रभाव

बाइक टैक्सी सेवाएं शहरों में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं, खासकर इंदौर जैसे शहरों में। यह सुविधाजनक और किफायती माध्यम बन चुकी हैं। लेकिन सुरक्षा मानकों की कमी यात्रियों और कंपनियों दोनों के लिए कानूनी और सुरक्षा जोखिम पैदा करती है।

हाई कोर्ट का नोटिस राइड-हैलिंग कंपनियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि कानून का पालन और यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि कंपनियां उचित जवाब नहीं देती हैं या सुरक्षा उपाय लागू नहीं करती हैं, तो उन्हें कड़े कदमों का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें जुर्माना, संचालन पर रोक या आगे की कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकती है।

सरकारी और कॉर्पोरेट प्रतिक्रिया

कोर्ट के नोटिस के बाद राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे व्यावसायिक दोपहिया वाहनों के लिए नियमों का पालन कर रहे हैं। मंत्रालय और गृह विभाग को यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने अब तक कौन से कदम उठाए हैं और भविष्य में क्या उपाय किए जाएंगे।

वहीं, ओला, उबर और रेपिडो को भी यह बताना होगा कि उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए हैं। इसमें चालक का लाइसेंस, वाहन बीमा, GPS की सुविधा और पंजीकरण का सत्यापन शामिल है।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

बाइक टैक्सी में यात्रियों की सुरक्षा चार पहियों वाले वाहनों की तुलना में कम होती है। इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षा उपायों में GPS ट्रैकिंग, आपातकालीन संपर्क सुविधा और चालक एवं वाहन की सही पहचान शामिल होनी चाहिए।

हाई कोर्ट की कार्रवाई यह संकेत देती है कि टेक्नोलॉजी आधारित परिवहन के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

सार्वजनिक जागरूकता और जवाबदेही

यह मामला यह भी दिखाता है कि जनहित याचिकाएं किस तरह नियमों के पालन और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए प्रभावी हो सकती हैं। आयुष जाट द्वारा यह याचिका दर्शाती है कि नागरिक भी सार्वजनिक सुरक्षा और नियमों के पालन के लिए कदम उठा सकते हैं।

हाई कोर्ट का निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन सकता है, जिससे राइड-शेयरिंग सेवाओं की निगरानी और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जा सके।

भविष्य की रूपरेखा

जैसे-जैसे शहरी परिवहन विकसित हो रहा है, सरकार और अदालतों के लिए चुनौती यह है कि नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखा जाए। कंपनियों को निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:

  • सभी व्यावसायिक वाहनों में GPS ट्रैकिंग की स्थापना।
  • सुनिश्चित करना कि चालक के पास वैध लाइसेंस और प्रशिक्षण हो।
  • वाहन पर स्पष्ट पंजीकरण, बीमा और परमिट जानकारी।
  • व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग नंबर प्लेट।
  • नियमित ऑडिट और निगरानी के जरिए कानून का पालन सुनिश्चित करना।

इन उपायों से न केवल यात्री सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि राइड-शेयरिंग सेवाओं पर सार्वजनिक भरोसा भी मजबूत होगा।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का Ola, Uber और Rapido को नोटिस जारी करना बाइक टैक्सी सुरक्षा के मामले में महत्वपूर्ण कदम है। शहरों में लाखों लोग इन सेवाओं पर निर्भर हैं, इसलिए कानूनी अनुपालन, निगरानी और आपातकालीन व्यवस्थाओं का पालन अत्यावश्यक है।

कोर्ट का यह कड़ा रुख यह दर्शाता है कि कंपनियों और राज्य सरकार दोनों की जिम्मेदारी है कि वे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें। इस मामले के परिणाम अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक बन सकते हैं और पूरे भारत में बाइक टैक्सी सुरक्षा मानकों को मजबूत कर सकते हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp