MP Guna Triple Murder Case: अवैध संबंध और संपत्ति विवाद में तीन हत्याएं, दो आरोपी गिरफ्तार
MP Guna Triple Murder Case : मध्य प्रदेश के गुना जिले में सामने आए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस का पुलिस ने महज कुछ घंटों में खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अवैध संबंध और संपत्ति हड़पने की मंशा इस जघन्य वारदात की मुख्य वजह बनी।
खेत के मकान से शुरू हुआ खुलासा
मामला गुना जिले के म्याना क्षेत्र का है, जहां एक खेत पर बने मकान से रविवार को एक पुरुष का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। शव मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू की। अगले ही दिन जब मकान के अन्य कमरों की तलाशी ली गई, तो वहां से दो और शव बरामद हुए। लगातार तीन शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित कर जांच तेज कर दी।
18 जून की रात दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच के अनुसार 18 जून 2026 की रात आरोपी सीताराम जाटव (32 वर्ष) ने अपने ममेरे भाई सुरेंद्र जाटव (27 वर्ष) और एक अन्य साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि तीनों आरोपी म्याना स्थित खेत पर बने मकान में पहुंचे, जहां ओमप्रकाश शर्मा (56 वर्ष), बिंदाबाई जाटव और एक अन्य पुरुष मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले तीनों को अपने विश्वास में लिया और फिर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
शवों को अलग-अलग कमरों में छिपाया
हत्या के बाद आरोपियों ने तीनों शवों को मकान के अलग-अलग कमरों में रखकर बाहर से ताला लगा दिया। उनका उद्देश्य था कि घटना का खुलासा देर से हो और उन्हें फरार होने का पर्याप्त समय मिल सके। हालांकि कुछ दिनों बाद मकान से दुर्गंध आने लगी, जिससे आसपास के लोगों को संदेह हुआ।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एक के बाद एक तीन शव मिलने से मामला ट्रिपल मर्डर में बदल गया।
सीसीटीवी और बयानों ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके अलावा संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान कुछ लोगों के बयानों में विरोधाभास पाया गया, जिससे पुलिस का शक गहरा गया।
तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने सीताराम जाटव और सुरेंद्र जाटव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों के जवाब लगातार बदलते रहे, जिसके बाद सख्ती से पूछताछ करने पर पूरे मामले का खुलासा हो गया।
अवैध संबंध और संपत्ति विवाद बना हत्या का कारण
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों और मृतकों के बीच अवैध संबंधों को लेकर विवाद था। साथ ही संपत्ति को लेकर भी लंबे समय से तनाव चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से तीनों की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे पूछताछ जारी है और हत्या में इस्तेमाल किए गए संभावित साक्ष्यों को भी एकत्र किया जा रहा है। वहीं तीसरे फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में सनसनी, लोगों में दहशत
एक ही मकान से तीन शव मिलने और हत्या के पीछे सामने आए कारणों ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
फिलहाल पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़कर जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस हत्याकांड से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
