अब घर बैठे पुरानी रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी:
MP सरकार ने नागरिकों के लिए एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। अब राज्य के नागरिक पुरानी रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय जाने के झंझट से मुक्त हो गए हैं। पंजीयन विभाग ने इसके लिए Sampada-2.0 पोर्टल और मोबाइल ऐप को तैयार किया है, जिससे लोग अपने घर से ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विशेष रूप से यह सुविधा उन रजिस्ट्री दस्तावेज़ों के लिए भी उपलब्ध है, जिनका डिजिटाइजेशन अभी तक नहीं हुआ है। इस माध्यम से आवेदन करने पर पंजीयन विभाग दस्तावेज़ को डिजिटाइज करके ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा। इस सुविधा का नियत शुल्क 300 रुपए रखा गया है।
मंदसौर पहला जिला जहां 100 फीसदी रजिस्ट्री डिजिटाइज
आईजी (पंजीयन) अमित तोमर के अनुसार, मध्यप्रदेश में 2000 तक के दस्तावेज़ डिजिटाइज किए जा चुके हैं। राज्य में पहला जिला बनकर मंदसौर ने यह उपलब्धि हासिल की है कि वहां के सभी रजिस्ट्री दस्तावेज़ डिजिटाइज हो चुके हैं।
यहां तक कि 1908 तक की रजिस्ट्री भी डिजिटाइज की जा चुकी है। केंद्र सरकार ने इस पहल के लिए MP सरकार को 24 करोड़ रुपए का विशेष अनुदान भी दिया है। इस कदम से राज्य में पारदर्शिता बढ़ी है और नागरिकों के लिए सरकारी दस्तावेज़ प्राप्त करना अब कहीं अधिक आसान और सुविधाजनक हो गया है।
Sampada-2.0 पोर्टल और मोबाइल ऐप: सुविधाएँ
Sampada-2.0 पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से नागरिक निम्न सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं:
- पुरानी रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी ऑनलाइन प्राप्त करना
- डिजिटाइज न हुई रजिस्ट्री के लिए आवेदन करना और उसे डिजिटाइज कराना
- ऑनलाइन शुल्क भुगतान और डिजिटल रसीद प्राप्त करना
- डिजिटल हस्ताक्षर युक्त सर्टिफाइड कॉपी ई-मेल या व्हाट्सऐप पर प्राप्त करना
इस सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब लंबी कतारों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर से छुटकारा मिल गया है।
पुरानी रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी कैसे प्राप्त करें: स्टेप-बाय-स्टेप
यदि आप भी पुरानी रजिस्ट्री की कॉपी लेना चाहते हैं तो इसे ऑनलाइन आसान स्टेप्स में किया जा सकता है:
1. Sampada पोर्टल पर लॉगिन करें
सबसे पहले एमपीआइजीआर (MPIGR) के संपदा पोर्टल पर जाएं। वहां मांगी गई जानकारी भरकर अपनी लॉगिन आईडी बनाएं।
2. दस्तावेज प्रमाणित प्रति चुनें
लॉगिन करने के बाद “दस्तावेज प्रमाणित प्रति” विकल्प पर क्लिक करें और पेज ओपन करें।
3. पुरानी रजिस्ट्री सर्च करें
यदि आपके पास रजिस्ट्री का डॉक्यूमेंट नंबर है, तो उसे डालकर सर्च करें।
4. डॉक्यूमेंट नंबर नहीं है तो अवधि और नाम से खोजें
यदि नंबर उपलब्ध नहीं है, तो रजिस्ट्री किस वर्ष में हुई थी और नाम दर्ज करके सर्च करें। दस्तावेज़ मिलने पर उसे एड टू कार्ट करें।
5. शुल्क जमा करें
नियत शुल्क 300 रुपए ऑनलाइन जमा करें।
6. डिजिटल हस्ताक्षर युक्त सर्टिफाइड कॉपी प्राप्त करें
संबंधित सब रजिस्ट्रार की डिजिटल हस्ताक्षर युक्त सर्टिफाइड कॉपी आपको ई-मेल और व्हाट्सऐप पर भेज दी जाएगी।
नोट: जिन दस्तावेज़ों का डिजिटाइजेशन नहीं हुआ है, उनकी सर्टिफाइड कॉपी के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। विभाग उन्हें डिजिटाइज कर ऑनलाइन उपलब्ध कराएगा।
इस डिजिटल पहल के लाभ
1. समय और संसाधन की बचत
अब नागरिकों को सब रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर लंबी कतार में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है।
2. पारदर्शिता और सुरक्षा
डिजिटाइजेशन और डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज़ कानूनी रूप से वैध और सुरक्षित रहते हैं।
3. सुविधा और सुलभता
ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल भुगतान और घर बैठे दस्तावेज़ प्राप्त करने की सुविधा नागरिकों के लिए बेहद आसान बन गई है।
4. डिजिटाइज न हुई रजिस्ट्री का डिजिटाइजेशन
पुरानी और डिजिटाइज न हुई रजिस्ट्री के दस्तावेज़ अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे, जिससे भविष्य में यह प्रक्रिया और भी आसान होगी।
5. राज्य में ई-गवर्नेंस की दिशा में मजबूत कदम
यह पहल मध्यप्रदेश में डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
सरकार की डिजिटल पहल: मध्यप्रदेश में बदलाव
मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटाइजेशन के माध्यम से रजिस्ट्री दस्तावेज़ की उपलब्धता बढ़ी है और नागरिकों को कागजी कार्रवाई और समय की बचत हुई है।
मंदसौर जिले में 100 फीसदी डिजिटाइजेशन और पूरे राज्य में डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया दिखाती है कि भविष्य में सभी रजिस्ट्री दस्तावेज़ ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। इससे व्यवसायियों और आम नागरिकों दोनों के लिए दस्तावेज़ प्राप्त करना और अधिक आसान और तेज़ होगा।
निष्कर्ष
MP में पुरानी रजिस्ट्री की सर्टिफाइड कॉपी अब सुलभ, तेज़ और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से प्राप्त की जा सकती है। संपदा-2.0 पोर्टल और मोबाइल ऐप ने नागरिकों के लिए यह प्रक्रिया बेहद आसान बना दी है।
डिजिटल हस्ताक्षर युक्त सर्टिफाइड कॉपी, ऑनलाइन शुल्क भुगतान और डिजिटाइजेशन सुविधा के साथ यह सेवा राज्य में ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल से यह साफ है कि मध्यप्रदेश सरकार हर नागरिक तक सरकारी सेवाओं को सरल, सुरक्षित और तेज़ तरीके से पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अब नागरिक अपने घर बैठे, मोबाइल या कंप्यूटर से ही अपनी पुरानी रजिस्ट्री की वैध कॉपी प्राप्त कर सकते हैं और सरकारी कार्यालयों के चक्कर से पूरी तरह मुक्त हो सकते हैं।
