MP First Air Conditioned Bus Stand इंदौर में 101 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने के बावजूद डेढ़ साल से शुरू नहीं हो पाया है। प्रशासन, RTO और ट्रेवल्स ऑपरेटरों के बीच समन्वय की कमी के कारण मध्य प्रदेश का पहला वातानुकूलित बस स्टैंड धूल फांक रहा है।
MP First Air Conditioned Bus Stand: 101 करोड़ का अत्याधुनिक बस स्टैंड डेढ़ साल से धूल फांक रहा, संचालन को लेकर जिम्मेदारों में खींचतान
MP First Air Conditioned Bus Stand: डेढ़ साल से इंतजार में खड़ा इंदौर का आधुनिक बस टर्मिनल
मध्य प्रदेश के सबसे आधुनिक परिवहन प्रोजेक्ट्स में शामिल MP First Air Conditioned Bus Stand आज अपनी बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनता जा रहा है। इंदौर के कुमेड़ी क्षेत्र में लगभग 101 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया यह अत्याधुनिक वातानुकूलित बस स्टैंड डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद संचालन शुरू होने का इंतजार कर रहा है।
राज्य के पहले एयर कंडीशंड इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के रूप में विकसित इस परियोजना से हजारों यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जिम्मेदार विभागों के बीच समन्वय की कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण यह परियोजना अधूरी सफलता की कहानी बनकर रह गई है।
MP First Air Conditioned Bus Stand में क्या हैं सुविधाएं?
कुमेड़ी स्थित यह ISBT अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बनाया गया है। परियोजना का उद्देश्य इंदौर को राष्ट्रीय स्तर की बस परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना था।मुख्य सुविधाएं:
- पूर्णतः वातानुकूलित टर्मिनल
- विशाल प्रतीक्षालय
- डिजिटल सूचना प्रणाली
- आधुनिक टिकट काउंटर
- पार्किंग व्यवस्था
- यात्रियों के लिए शौचालय एवं विश्राम क्षेत्र
- हरित परिसर एवं लैंडस्केपिंग
- सुरक्षा निगरानी प्रणाली
- बस बे और यात्री प्लेटफॉर्म
परियोजना तैयार होने के बाद उम्मीद थी कि इंदौर का बस परिवहन सिस्टम नए स्तर पर पहुंचेगा।
डेढ़ साल पहले पूरा हुआ निर्माण
जानकारी के अनुसार MP First Air Conditioned Bus Stand का निर्माण कार्य लगभग डेढ़ साल पहले पूरा हो चुका था। जनवरी 2025 में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा इसे बस स्टैंड का दर्जा देने के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी।
नोटिफिकेशन जारी होने के बाद यह अपेक्षा की जा रही थी कि कुछ ही महीनों में बस संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।आज स्थिति यह है कि करोड़ों रुपए का यह आधुनिक बस टर्मिनल उपयोग के अभाव में धूल फांक रहा है।
ट्रेवल्स संचालकों की अनिच्छा बनी बड़ी समस्या
करीब एक माह पूर्व इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) में निजी ट्रेवल्स संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई थी।वर्तमान में अधिकांश निजी बस ऑपरेटर अपनी सेवाएं:
- सरवटे बस स्टैंड
- शहर के विभिन्न निजी पिकअप पॉइंट
- प्रमुख चौराहों
से संचालित कर रहे हैं।बैठक में ट्रेवल्स संचालकों को नए ISBT से बस संचालन शुरू करने के लिए कहा गया, लेकिन अधिकांश संचालक इसके लिए तैयार नहीं हुए।विशेषज्ञों का मानना है कि बस ऑपरेटरों को नए स्थान पर शिफ्ट होने में व्यावसायिक चुनौतियां नजर आ रही हैं।
IDA का पक्ष: हमारा काम पूरा हो चुका
इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े का कहना है कि प्राधिकरण ने अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है।उनके अनुसार:
“IDA ने बस स्टैंड का निर्माण पूरा कर दिया है। अब जिला प्रशासन और RTO को संचालन सुनिश्चित करना चाहिए।”
डॉ. झाड़े का मानना है कि इतनी बड़ी सार्वजनिक परियोजना को शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।
RTO का जवाब: जल्द होगी नई बैठक
दूसरी ओर RTO प्रदीप शर्मा का कहना है कि बस स्टैंड के संचालन में सबसे बड़ी बाधा निजी ट्रेवल्स संचालकों की असहमति है।उन्होंने बताया कि:
- बस स्टैंड का नोटिफिकेशन हो चुका है।
- ट्रेवल्स संचालकों को कई बार समझाया गया है।
- कलेक्टर के निर्देश पर पुनः बैठक आयोजित की जाएगी।
- आवश्यकता पड़ने पर सख्ती भी की जा सकती है।
RTO का दावा है कि प्रशासन बस संचालन शुरू कराने के लिए प्रयासरत है।
MP First Air Conditioned Bus Stand में सूख रही हरियाली
बस स्टैंड परिसर को आकर्षक बनाने के लिए बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए थे।हालांकि, नियमित देखरेख के अभाव में:
- कई पौधे सूख चुके हैं।
- हरित क्षेत्र खराब हो रहा है।
- लैंडस्केपिंग प्रभावित हुई है।
हाल ही में परिसर की बदहाल स्थिति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था, जिसमें सूखे पौधे और उपेक्षित परिसर दिखाई दिया।स्थानीय नागरिकों ने इस पर चिंता जताई है।
संचालन एजेंसी का अनुबंध अब तक नहीं
ISBT संचालन के लिए IDA द्वारा कई बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई।सूत्रों के अनुसार:
- पांचवीं बार टेंडर जारी किया गया।
- पुणे की एक एजेंसी को संचालन की जिम्मेदारी देने का निर्णय हुआ।
- मार्च 2026 की बजट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
इसके बावजूद आज तक एजेंसी के साथ औपचारिक अनुबंध नहीं हो पाया है।यही कारण है कि संचालन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इंदौर की यातायात व्यवस्था को हो रहा नुकसान
यदि MP First Air Conditioned Bus Stand शुरू हो जाए तो:
- शहर के अंदर बसों का दबाव कम होगा।
- सरवटे बस स्टैंड पर भीड़ घटेगी।
- यातायात जाम में कमी आएगी।
- यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
- बस संचालन अधिक व्यवस्थित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना इंदौर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
जनता पूछ रही सवाल
101 करोड़ रुपए की सार्वजनिक राशि खर्च होने के बाद भी परियोजना का उपयोग न होना नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।लोग सवाल उठा रहे हैं:
- आखिर संचालन में देरी क्यों?
- जिम्मेदार कौन?
- करोड़ों की परियोजना कब शुरू होगी?
- यात्रियों को सुविधाओं का लाभ कब मिलेगा?
इन सवालों का जवाब फिलहाल किसी भी विभाग के पास स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता।
क्या जल्द शुरू होगा MP First Air Conditioned Bus Stand?
प्रशासन का दावा है कि आने वाले समय में ट्रेवल्स संचालकों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।यदि:
- संचालन एजेंसी का अनुबंध पूरा हो जाए,
- ट्रेवल्स संचालक सहमत हो जाएं,
- प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बन जाए,
तो जल्द ही बस स्टैंड आम जनता के लिए शुरू किया जा सकता है।हालांकि डेढ़ साल की देरी को देखते हुए नागरिकों को अब भी इंतजार है।
निष्कर्ष
MP First Air Conditioned Bus Stand मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी परिवहन परियोजनाओं में से एक है। 101 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह आधुनिक बस टर्मिनल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाया गया था। लेकिन निर्माण पूर्ण होने, नोटिफिकेशन जारी होने और संचालन एजेंसी चयनित होने के बावजूद इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है।
IDA, जिला प्रशासन, RTO और निजी ट्रेवल्स संचालकों के बीच समन्वय स्थापित कर यदि जल्द निर्णय लिया जाता है, तो यह परियोजना इंदौर की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। फिलहाल यह आधुनिक बस स्टैंड शुरू होने की प्रतीक्षा में खड़ा है और करोड़ों रुपए का निवेश जनता के उपयोग से दूर बना हुआ है।
