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MP Fire NOC: कैसे बनवाएं फायर एनओसी? पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया | दैनिक स्वराज वाणी

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Published On: 15 October 2026
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MP Fire NOC: कैसे बनवाएं फायर एनओसी? पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया | दैनिक स्वराज वाणी

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूल, अस्पताल, होटल, मॉल, व्यावसायिक भवन और अन्य निर्धारित श्रेणी की इमारतों के लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र यानी फायर एनओसी जरूरी हो सकती है। यह प्रमाणपत्र भवन में आग से बचाव और आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच के बाद जारी किया जाता है। किस भवन को एनओसी लेनी होगी, यह उसके उपयोग, ऊंचाई, क्षेत्रफल और लागू नियमों पर निर्भर करता है। राज्य के सेवा पोर्टल पर आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत भवनों के लिए अंतिम फायर एनओसी तथा अस्थायी एनओसी और नवीनीकरण की सेवाएं सूचीबद्ध हैं।

किन भवनों के लिए जरूरी हो सकती है एनओसी

फायर एनओसी की जरूरत भवन की श्रेणी और लागू अग्नि सुरक्षा मानकों के आधार पर तय होती है। स्कूल और कॉलेज, अस्पताल, होटल, मॉल, व्यावसायिक परिसर, सार्वजनिक सभा स्थल, औद्योगिक इकाइयां और बहुमंजिला इमारतें उन श्रेणियों में शामिल हो सकती हैं जिनके लिए अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र या मंजूरी जरूरी हो। अलग-अलग भवनों के लिए नियम एक जैसे नहीं होते। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित नगर निगम, नगर पालिका या सक्षम अग्निशमन प्राधिकरण से अपने भवन पर लागू शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए।

मध्य प्रदेश के सेवा पोर्टल पर संस्थागत, वाणिज्यिक और आवासीय भवनों के लिए अंतिम एनओसी की अलग सेवाएं दी गई हैं। कुछ सेवाएं प्रारंभिक स्वीकृति, अस्थायी एनओसी या नवीनीकरण से संबंधित हैं।

आवेदन कहां और कैसे करें

फायर एनओसी के लिए आवेदन ई-नगरपालिका पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है। पोर्टल पर फायर एनओसी आवेदन का विकल्प चुनकर भवन और आवेदक से जुड़ी जानकारी भरनी होती है। आवेदन में 53 बिंदुओं वाली चेकलिस्ट पूरी करना अनिवार्य बताया गया है। आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर फॉर्म जमा करने के बाद आवेदन का अनुरोध क्रमांक मिलता है। इसकी सूचना आवेदक को एसएमएस और ईमेल से भेजी जाती है। सक्षम अधिकारी को भी नए आवेदन की सूचना मिलती है।

आवेदन की जांच के दौरान दस्तावेजों और भवन की जानकारी का मिलान किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अधिकारी स्थल निरीक्षण कर सकते हैं। भवन में निर्धारित अग्नि सुरक्षा इंतजाम पूरे होने और जांच प्रक्रिया संतोषजनक रहने पर अंतिम प्रमाणपत्र जारी किया जा सकता है। राज्य सेवा पोर्टल पर संस्थागत, वाणिज्यिक और आवासीय भवनों के अंतिम एनओसी के विकल्प अलग-अलग सूचीबद्ध हैं।

फायर एनओसी के लिए जरूरी दस्तावेज

मध्य प्रदेश ई-नगरपालिका पोर्टल की प्रक्रिया के अनुसार, आवेदन के साथ सामान्य तौर पर भवन के स्वीकृत नक्शे और अग्नि सुरक्षा से संबंधित दस्तावेज देने होते हैं। आधिकारिक एसओपी में आवेदन के लिए ये दस्तावेज बताए गए हैं:

  • सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृत भवन नक्शा या प्रत्येक मंजिल का स्वीकृत लेआउट प्लान।
  • प्रत्येक मंजिल का फायर प्लान, भवन का एलिवेशन प्लान और सेक्शन प्लान।
  • स्वामित्व का दस्तावेज, जैसे लीज डीड, रजिस्ट्री की सारांश प्रति या खसरा।
  • 53 बिंदुओं वाली अनिवार्य चेकलिस्ट, जिसे भरकर अपलोड करना होता है।
  • जरूरत पड़ने पर फायर कंसल्टेंट की योग्यता का प्रमाणपत्र।

दस्तावेजों की अंतिम सूची भवन के प्रकार और आवेदन की श्रेणी के अनुसार बदल सकती है। आवेदन शुरू करने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान चेकलिस्ट देखना जरूरी है।

जांच, सुधार और नवीनीकरण

फायर एनओसी केवल फॉर्म जमा करने से नहीं मिलती। आवेदन में भवन की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था का विवरण देना होता है और प्राधिकरण जांच के बाद निर्णय लेता है। यदि कोई कमी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी के निर्देशों के अनुसार उसे पूरा करना पड़ सकता है। प्रमाणपत्र जारी होने के बाद उसकी वैधता और नवीनीकरण की शर्तें भी जांचें। राज्य पोर्टल पर अस्थायी एनओसी और नवीनीकरण की सेवाएं अलग से सूचीबद्ध हैं।

आवेदक भवन की श्रेणी के अनुसार सही आवेदन चुनें, सभी मंजूर नक्शे और दस्तावेज तैयार रखें और आवेदन क्रमांक सुरक्षित रखें। नियम और दस्तावेज भवन तथा स्थानीय निकाय के अनुसार अलग हो सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित सक्षम प्राधिकरण से लागू प्रक्रिया की पुष्टि करें।

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