MP Bakrid 2026: भोपाल की ताज-उल-मसाजिद समेत प्रदेशभर की मस्जिदों में अदा की गई नमाज, ईद की खुशियों में डूबा मध्यप्रदेश
MP में बकरीद (ईद-उल-अजहा) 2026 का पर्व पूरे धार्मिक उत्साह और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों में स्थित मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने के लिए पहुंचे।
भोपाल की ऐतिहासिक और एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक ताज-उल-मसाजिद में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। यहां सुबह 6:30 बजे सबसे पहले ईद की नमाज अदा की गई, जिसके बाद पूरे प्रदेश में अलग-अलग समय पर नमाज का सिलसिला जारी रहा।
ताज-उल-मसाजिद में अदा हुई विशेष नमाज
भोपाल की ताज-उल-मसाजिद में ईद-उल-अजहा की नमाज के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सुबह तड़के ही बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचने लगे थे। सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहा।
नमाज के दौरान मस्जिद परिसर “अल्लाहु अकबर” की सदाओं से गूंज उठा। इमाम ने देश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ कराई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
पूरे प्रदेश में दिखा भाईचारे का संदेश
भोपाल के साथ-साथ इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सागर, खंडवा, धार और अन्य जिलों की मस्जिदों और ईदगाहों में भी बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
सुबह से ही लोग नए कपड़ों में सज-धजकर ईदगाहों में पहुंचे और सामूहिक रूप से नमाज अदा की। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
बकरीद के मौके पर प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही विशेष योजना तैयार की थी। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए भी निगरानी की गई ताकि पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
नमाज के बाद दुआ और संदेश
नमाज के बाद इमामों ने देश में शांति, भाईचारे और अमन-चैन की दुआ कराई। उन्होंने कहा कि बकरीद का पर्व त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देता है।
लोगों ने भी इस अवसर पर जरूरतमंदों की मदद करने और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। कई जगहों पर लोगों ने गरीबों और जरूरतमंदों में कुर्बानी का मांस भी बांटा।
त्योहार में दिखा उत्साह और सौहार्द
बकरीद के अवसर पर प्रदेशभर में उत्सव जैसा माहौल रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में खासा उत्साह देखने को मिला। बाजारों में भी चहल-पहल रही और लोग ईद की तैयारियों में व्यस्त नजर आए।
नमाज के बाद लोगों ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मुलाकात कर एक-दूसरे को ईद की बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी बकरीद की शुभकामनाओं का सिलसिला दिनभर जारी रहा।
ताज-उल-मसाजिद का विशेष महत्व
भोपाल की ताज-उल-मसाजिद न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश की प्रमुख इस्लामिक धरोहरों में से एक मानी जाती है। इसका ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व इसे विशेष बनाता है।
बकरीद जैसे बड़े अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचते हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
निष्कर्ष
MP में बकरीद 2026 का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। भोपाल की ताज-उल-मसाजिद समेत प्रदेशभर की मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों लोगों ने नमाज अदा की और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।
यह पर्व एक बार फिर आपसी भाईचारे, त्याग और इंसानियत का संदेश देता हुआ नजर आया, जहां लोगों ने मिलजुलकर देश में शांति और समृद्धि की दुआ की।
