MP Direct Recruitment 73% Reservation: मध्यप्रदेश में जिला स्तरीय भर्ती के लिए नया रोस्टर जारी,
MP Direct Recruitment 73% Reservation: मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में जिला स्तर पर होने वाली सीधी सरकारी भर्तियों के लिए आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी नए सर्कुलर में 100 बिंदुओं का नया रोस्टर तैयार किया गया है, जिसमें जिलों की जनसंख्या और सामाजिक संरचना के आधार पर आरक्षण का प्रतिशत तय किया गया है।
नए आदेश के अनुसार, कुछ जिलों में सीधी भर्ती के पदों पर 73 प्रतिशत तक आरक्षण लागू होगा। यह निर्णय राज्य के अलग-अलग जिलों में सामाजिक और जनसंख्या संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया है।
100 बिंदुओं वाला नया रोस्टर जारी
GAD द्वारा जारी नए सर्कुलर में जिला स्तर पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जनसंख्या आधारित बनाने के लिए 100 पॉइंट रोस्टर लागू किया गया है। इस रोस्टर के तहत अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए अलग-अलग प्रतिशत तय किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इससे हर जिले में स्थानीय जनसंख्या के अनुपात में रोजगार अवसर सुनिश्चित किए जा सकेंगे।
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा 73% आरक्षण
आदिवासी बहुल छिंदवाड़ा जिले में सबसे अधिक 73 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है। यहां अनुसूचित जनजाति की अधिक जनसंख्या को देखते हुए ST वर्ग को सबसे बड़ा हिस्सा दिया गया है।
छिंदवाड़ा जिला (कुल 73%)
- अनुसूचित जनजाति (ST): 39%
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 14%
- अनुसूचित जाति (SC): 11%
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 9%
सरकार का मानना है कि इस मॉडल से आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और सामाजिक संतुलन बेहतर होगा।
सतना और रीवा में भी नया आरक्षण ढांचा
सतना जिला (कुल 68%)
- OBC: 27%
- SC: 19%
- ST: 12%
- EWS: 10%
रीवा जिला (कुल 66%)
- OBC: 27%
- SC: 16%
- ST: 13%
- EWS: 10%
इन जिलों में भी जनसंख्या संरचना के आधार पर आरक्षण का वितरण किया गया है।
नए और पुनर्गठित जिलों में भी बदलाव
राज्य सरकार ने तीन पुनर्गठित और तीन नए जिलों के लिए भी अलग से रोस्टर तैयार किया है। इसमें छिंदवाड़ा, रीवा और सतना के अलावा नए जिलों मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा को भी शामिल किया गया है।
मैहर जिला (कुल 71%)
- OBC: 27%
- SC: 19%
- ST: 15%
- EWS: 10%
मऊगंज जिला (कुल 69%)
- OBC: 27%
- SC: 18%
- ST: 14%
- EWS: 10%
पांढुर्णा जिला (कुल 72%)
- OBC: 27%
- ST: 25%
- SC: 10%
- EWS: 10%
OBC और EWS को भी मिला समान महत्व
नए रोस्टर में कई जिलों में OBC वर्ग को 27 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया है। वहीं लगभग सभी नए और पुनर्गठित जिलों में EWS वर्ग के लिए 9 से 10 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था सामाजिक संतुलन और सभी वर्गों को समान अवसर देने के उद्देश्य से की गई है।
आदिवासी वर्ग को सबसे अधिक लाभ
आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जनजाति (ST) को सबसे अधिक लाभ छिंदवाड़ा जिले में मिला है, जहां उन्हें 39 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसके अलावा पांढुर्णा और अन्य आदिवासी क्षेत्रों में भी ST वर्ग को उल्लेखनीय हिस्सा दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आदिवासी बहुल जिलों में रोजगार और प्रशासनिक भागीदारी बढ़ाने में मदद करेगा।
क्या है 100-पॉइंट रोस्टर सिस्टम?
100-पॉइंट रोस्टर एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें सरकारी पदों पर भर्ती के लिए आरक्षण क्रमबद्ध तरीके से तय किया जाता है। इसमें हर श्रेणी को एक निश्चित क्रम और प्रतिशत के अनुसार अवसर दिया जाता है।
इस सिस्टम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती प्रक्रिया में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व संतुलित रहे।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी नया जिला स्तरीय रोस्टर राज्य की भर्ती प्रणाली में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। 73 प्रतिशत तक आरक्षण के प्रावधान के साथ यह नीति सामाजिक और जनसंख्या आधारित संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हालांकि, इस फैसले को लेकर आगे राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा भी देखने को मिल सकती है। फिलहाल यह व्यवस्था राज्य में जिला स्तर की सीधी भर्तियों पर लागू होगी और आने वाले समय में इसका प्रभाव सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया पर साफ तौर पर दिखाई देगा।
