MP Digital Temple Mission के तहत मध्य प्रदेश के सभी मंदिरों को बाबा महाकाल की तर्ज पर डिजिटल बनाया जाएगा। VIP दर्शन, आरती बुकिंग, ऑनलाइन दान और QR कोड सुविधा शुरू होगी। जानिए पूरी योजना।
MP Digital Temple Mission: बाबा महाकाल मॉडल पर हाईटेक होंगे प्रदेश के मंदिर, VIP दर्शन से आरती शुल्क तक सब कुछ होगा ऑनलाइन
MP Digital Temple Mission: महाकाल मॉडल अब पूरे प्रदेश में
मध्य प्रदेश सरकार प्रदेश के मंदिरों को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। MP Digital Temple Mission के तहत बाबा महाकाल मंदिर उज्जैन की तर्ज पर प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में डिजिटल सेवाएं लागू की जाएंगी।
इस योजना के बाद श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से आरती बुकिंग, VIP दर्शन, प्रसाद, दान और अन्य धार्मिक सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। सरकार का उद्देश्य मंदिरों में पारदर्शिता बढ़ाना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बाबा महाकाल मंदिर बना डिजिटल प्रबंधन का मॉडल
विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल मंदिर देश के सबसे आधुनिक मंदिर प्रबंधन मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। यहां दान, दर्शन और आरती बुकिंग की लगभग सभी सेवाएं डिजिटल माध्यम से संचालित हो रही हैं।मंदिर परिसर में जगह-जगह QR कोड लगाए गए हैं, जिनकी मदद से श्रद्धालु सीधे अपने मोबाइल फोन से दान कर सकते हैं। इससे नकद लेन-देन कम हुआ है और पारदर्शिता बढ़ी है।
हर आरती का शुल्क होगा ऑनलाइन
महाकाल मंदिर में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती, संध्या आरती और शयन आरती के लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग करनी होती है।इसी मॉडल को प्रदेश के अन्य मंदिरों में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
इसके तहत—
- ऑनलाइन आरती बुकिंग
- ऑनलाइन VIP दर्शन
- डिजिटल रसीद
- ऑनलाइन दान
- मोबाइल भुगतान
- QR कोड आधारित सेवाएं
शुरू की जाएंगी।
VIP दर्शन के लिए भी ऑनलाइन भुगतान
महाकाल मंदिर में वर्तमान में VIP या प्रोटोकॉल दर्शन के लिए निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा किया जाता है।डिजिटल भुगतान व्यवस्था से नकदी का उपयोग कम हुआ है और मंदिर प्रशासन को आय का सटीक रिकॉर्ड रखने में मदद मिल रही है।
QR कोड से होगा दान
MP Digital Temple Mission के तहत मंदिरों में QR कोड आधारित दान प्रणाली लागू की जाएगी।इस व्यवस्था से श्रद्धालु:
- UPI से भुगतान कर सकेंगे
- ऑनलाइन रसीद प्राप्त करेंगे
- सुरक्षित भुगतान कर पाएंगे
- दान का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु
बाबा महाकाल के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है।सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 1 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं सावन, महाशिवरात्रि और विशेष पर्वों के दौरान यह संख्या 5 लाख तक पहुंच जाती है।भारी भीड़ के बावजूद डिजिटल व्यवस्था के कारण मंदिर संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।
मंदिर की आय में हुआ रिकॉर्ड इजाफा
डिजिटल भुगतान व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ मंदिर की आय में पारदर्शिता और बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है।वित्तीय वर्ष 2025 में महाकालेश्वर मंदिर को दान और VIP दर्शन से लगभग 168 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई।विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से अन्य मंदिरों की आय में भी वृद्धि होगी और लेखा-जोखा अधिक पारदर्शी बनेगा।
