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MP सरकार ने 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया, किसानों के लिए नई योजनाएं

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Published On: 12 January 2026
MP to Boost Farming: 16 Departments to Work Together for Farmers’ Welfare
— MP to Boost Farming: 16 Departments to Work Together for Farmers’ Welfare

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MP में खेती को लाभदायक बनाने के लिए 16 विभाग मिलकर करेंगे काम, चना-सरसों के लिए तीन नए रिसर्च सेंटर बनेंगे

भोपाल।
MP सरकार ने साल 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। CM मोहन यादव ने रविवार (11 जनवरी) को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में इसका औपचारिक ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पूरे साल किसानों के कल्याण और कृषि विकास से संबंधित गतिविधियां राज्य के सभी जिलों में संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां बीते कुछ वर्षों के प्रयासों से खेती का रकबा लगभग ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ा है। सरकार का लक्ष्य अब किसानों की आय दोगुना करना और खेती को पूर्ण रूप से लाभकारी व्यवसाय बनाना है।

16 विभाग करेंगे संयुक्त प्रयास

कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी सभी गतिविधियों में MP सरकार के 16 विभाग सक्रिय रूप से योगदान देंगे। इन विभागों में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामीण विकास, उद्योग विभाग और अन्य संबंधित निकाय शामिल हैं। ये विभाग राज्य के अलग-अलग हिस्सों में योजनाओं को लागू करेंगे और किसानों को तकनीकी, वित्तीय और प्रशिक्षण संबंधी मदद प्रदान करेंगे।

सरकार कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी। कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी और राज्य के किसान अपनी उपज से अधिक आय अर्जित कर सकेंगे।

CM ने कहा कि अनुसंधान और नवाचार (Innovation) के माध्यम से कृषि सशक्तिकरण की दिशा में काम किया जाएगा। विशेष रूप से युवाओं को खेती से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्टार्टअप सपोर्ट और डिजिटल कृषि तकनीक पर जोर दिया जाएगा।

कृषि पर्यटन और ग्रामीण रोजगार

सरकार कृषि पर्यटन को भी महत्व दे रही है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार और पहचान के अवसर उत्पन्न होंगे। ग्रामीण पर्यटन से न केवल आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि किसानों और उनके उत्पादों की पहचान भी बढ़ेगी।

इसके साथ ही, खेती के साथ जुड़े अन्य सेक्टरों में भी जोर दिया जाएगा:

  • डेयरी और पशुपालन
  • मत्स्य पालन
  • फूड प्रोसेसिंग उद्योग
  • फल, सब्जी, मसाला और औषधीय फसलों का उत्पादन

सरकार इन क्षेत्रों को प्रोत्साहित करेगी ताकि किसानों की आय बढ़े और खेती को एक पूर्णतः लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके।

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कृषि स्टार्टअप्स और मेगा प्रोजेक्ट

कृषि पर आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की जा रही है। इसमें शामिल हैं:

  • मेगा फूड पार्क का विकास
  • एग्री प्रोसेसिंग क्लस्टर की स्थापना
  • लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना

इसके अलावा, कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा उत्पादन के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (CBG) की स्थापना की जाएगी। सरकार की योजनाओं में ‘MPग्लोबल एग्री ब्रांडिंग’ और ‘एग्री-हैकाथॉन’ जैसी इनोवेशन एक्टिविटी पर विशेष ध्यान रहेगा।

तीन नए रिसर्च सेंटर

कृषि अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए राज्य में तीन नए रिसर्च सेंटर स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उन्नत तकनीक और आधुनिक कृषि समाधान प्रदान करेंगे। रिसर्च सेंटर इस प्रकार होंगे:

  • डिंडौरी – श्रीअन्न (Millets) रिसर्च सेंटर
  • ग्वालियर – सरसों अनुसंधान केंद्र
  • उज्जैन – चना अनुसंधान केंद्र

इन केंद्रों के माध्यम से फसलों का उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को खेती के नए तरीके और बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

राज्य में कृषि महोत्सव और फेस्टिवल

कृषि और ग्रामीण जीवन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में विभिन्न महोत्सव और फेस्टिवल आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य किसानों को प्रोत्साहित करना, उनकी उपज का प्रचार करना और ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से आर्थिक अवसर उत्पन्न करना है।

CM ने बताया कि आगामी महोत्सव और फेस्टिवल इस प्रकार आयोजित होंगे:

  • नर्मदापुरम में आम महोत्सव – मई महीने में
  • फूड फेस्टिवल – अक्टूबर-नवंबर महीने में
  • नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव

ये आयोजन किसानों के उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने में मदद करेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देंगे।

किसानों की आय दोगुना करने की योजना

सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों की आय को दोगुना करना भी है। इसके लिए आधुनिक खेती तकनीक, उन्नत बीज, बेहतर सिंचाई सुविधाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योगों में निवेश को आकर्षित किया जाएगा।

युवाओं को डिजिटल कृषि, स्टार्टअप और नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से खेती से जोड़ा जाएगा। इससे युवा किसान खेती में रुचि लेंगे और राज्य का कृषि क्षेत्र नई ऊँचाइयों तक पहुंचेगा।

अनुसंधान और नवाचार पर जोर

कृषि अनुसंधान और नवाचार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से नई तकनीक, उन्नत बीज, संसाधनों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उपाय विकसित किए जाएंगे।

नवाचार के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा आधारित खेती समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे खेती में लागत कम होगी और उत्पादन अधिक होगा।

निष्कर्ष

MP सरकार की यह पहल किसानों के कल्याण और खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 16 विभागों का संयुक्त प्रयास, तीन नए रिसर्च सेंटर, कृषि पर्यटन, स्टार्टअप और नवाचार पर जोर, सभी मिलकर राज्य के किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

साल 2026 के ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के माध्यम से किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे और मध्यप्रदेश देश के कृषि मानचित्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरेगा।

इस योजना से यह सुनिश्चित होगा कि MP की कृषि न केवल उत्पादन में बल्कि लाभ और आधुनिक तकनीक में भी देश में अग्रणी बने।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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