जहरीले Cough Syrup कांड: हाई कोर्ट में सुनवाई, डॉ. प्रवीण सोनी ने रखी अपनी दलील
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हुए जहरीले Cough Syrup कांड की कानूनी प्रक्रिया में एक अहम मोड़ आया है। इस मामले में आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपनी जमानत याचिका पर बहस की और कहा कि इस त्रासदी में उनकी नहीं बल्कि दवा कंपनी की गलती है। हाई कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 20 जनवरी, 2026 के लिए तय की है। अगली सुनवाई में कोर्ट सरकार और हस्तक्षेपकर्ताओं के पक्ष को सुनने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगा।
आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की दलील
डॉ. प्रवीण सोनी ने अदालत में दावा किया कि जहरीले Cough Syrup कांड की जिम्मेदारी सिर्फ उनका नहीं बल्कि दवा निर्माण कंपनी की भी है। उन्होंने कहा कि Cough Syrup में जहरीला तत्व दवा कंपनी के निर्माण दोष के कारण आया, न कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उनकी जमानत पर विचार किया जाए क्योंकि मामले की गंभीरता और उनके योगदान का सही मूल्यांकन होना चाहिए। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने मामले के तथ्यों और चार्जशीट की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अगली तारीख 20 जनवरी निर्धारित की। अगली सुनवाई में सरकार, एसआईटी और अन्य हस्तक्षेपकर्ताओं के पक्ष को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
छिंदवाड़ा जेल में बंद आरोपी
जहरीले Cough Syrup कांड में डॉ. प्रवीण सोनी को 6 अक्टूबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वे छिंदवाड़ा जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही परिवार और पीड़ित परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। अदालत में पेश हुई चार्जशीट, जो साढ़े 4 हजार पन्नों की है, उसने मामले की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया है।
चार्जशीट और एसआईटी की भूमिका
मामले में एसआईटी द्वारा पेश की गई चार्जशीट तीन महीने बाद तैयार हुई थी। इस चार्जशीट में पूरे कांड का विस्तृत ब्यौरा शामिल है। हालांकि, पीड़ित परिजनों ने इस प्रक्रिया की गति पर असंतोष जताया। उनका कहना है कि इतनी गंभीर और बड़ी घटना में पुलिस और एसआईटी की कार्रवाई धीमी रही, जिससे न्याय पाने की प्रक्रिया में विलंब हुआ। चार्जशीट में Cough Syrup से हुई मौतों, आरोपी चिकित्सकों, फार्मा कंपनी के मालिक और अन्य संबंधित लोगों के विवरण शामिल हैं। इससे मामले की गंभीरता और देश भर में इसके सामाजिक प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बच्चों की हुई मौत और देश में हड़कंप
Cough Syrup कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया। कोल्ड्रिफ Cough Syrup के सेवन से 25 बच्चों की मौत हुई थी। इस त्रासदी ने न केवल परिवारों को तोड़ा बल्कि स्वास्थ्य विभाग और दवा उद्योग की प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए। इस मामले में अब तक दो प्रमुख मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी ने दवा निर्माता श्रेसन फार्मा के मालिक जी रंगनाथन को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से गिरफ्तार किया था। रंगनाथन को ट्रांजिट रिमांड पर छिंदवाड़ा लाया गया, ताकि मामले की जांच और चार्जशीट प्रक्रिया पूरी हो सके।
दवा कंपनियों और चिकित्सकों की जिम्मेदारी
इस कांड ने चिकित्सकीय दायित्व और दवा निर्माण कंपनियों की जिम्मेदारी को प्रमुखता से उजागर किया। जबकि आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कंपनी दोष की बात कही, अदालत में दलील यह है कि चिकित्सक की भूमिका भी गंभीर है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के जहरीले दवाओं के मामले में सख्त निगरानी और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। बच्चों की जान जाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए दवा कंपनियों, वितरकों और चिकित्सकों की जिम्मेदारी कानून के तहत स्पष्ट होनी चाहिए।
हाई कोर्ट में अगले चरण की सुनवाई
हाई कोर्ट ने Cough Syrup मामले में अगली सुनवाई 20 जनवरी के लिए तय की है। इस सुनवाई में सरकारी पक्ष और हस्तक्षेपकर्ताओं के दृष्टिकोण को सुना जाएगा। अदालत यह तय करेगी कि जमानत देने का निर्णय दिया जाए या आरोपी को जेल में बने रहना चाहिए। विशेष रूप से इस सुनवाई में यह देखा जाएगा कि आरोपी की दलील और चार्जशीट में मौजूद सबूतों के आधार पर जमानत की संभावना कितनी है। साथ ही अदालत यह भी तय करेगी कि किस हद तक दवा कंपनी और चिकित्सक की जिम्मेदारी तय की जाए।
