भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है। स्थानीय नेताओं और जिला अध्यक्षों के बीच संबंध बेहतर न होने के कारण 1,000 से अधिक ब्लॉक अध्यक्षों की सूची अब तक अटकी हुई है। पार्टी ने 60 दिनों के भीतर सभी ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए थे, लेकिन समय सीमा पार होने के बावजूद नियुक्तियां पूरी नहीं हो पाई हैं। इसी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी से संगठन में नियुक्तियों पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने सूची स्थगित की :
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक अध्यक्षों की सूची फिर से स्थगित कर दी है। यह सूची पहले पचमढ़ी प्रशिक्षण शिविर से पहले जारी होने वाली थी, लेकिन मंदसौर, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, देवास ग्रामीण, इंदौर ग्रामीण, आगर मालवा, सतना, सीधी, डिंडोरी, अनूपपुर और धार सहित करीब 12 जिलों में चल रहे विवादों के कारण सूची जारी नहीं की गई। इन जिलों में जिलाध्यक्षों के चयन पर स्थानीय नेताओं और जिला नेतृत्व के बीच सहमति नहीं बन पाई। पीसीसी नेताओं का दावा है कि लगभग 90 प्रतिशत नाम तय हो चुके हैं और शेष पर सहमति बनते ही सूची जारी कर दी जाएगी।

इंदौर में पूर्व विधायक का विरोध :
इंदौर ग्रामीण में जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े की सूची पर पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेलने आपत्ति जताई है और उनके समर्थक दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं। खंडवा और खरगोन में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव की पसंद के नाम शामिल नहीं किए गए। खंडवा शहर में प्रतिभा रघुवंशी, ग्रामीण में उत्तम पाल सिंह पूरनी और खरगोन में रवि नाईक जिलाध्यक्ष बनाए गए हैं। मंदसौर में मीनाक्षी नटराजन की पसंद के अनुसार महेंद्र सिंह गुर्जर को जिलाध्यक्ष बनाया गया, जिस पर लगातार विरोध जारी है।
कांग्रेस प्रवक्ता की प्रतिक्रिया :
कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि सभी सूचियां तैयार हैं और जल्द ही जारी की जाएंगी। उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि एल्डरमैन से लेकर निगम मंडलों में नियुक्ति के लिए दो साल तक इंतजार क्यों कराया गया। गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ नियुक्तियों को पूरा करेगी।
बीजेपी का बयान
बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इसे कांग्रेस का आंतरिक मामला बताया, लेकिन यह भी कहा कि जब पार्टी में कार्यकर्ता ही कम हैं, तो ब्लॉक अध्यक्ष किसे बनाया जाएगा, यह एक चुनौती बनी हुई है।
राहुल गांधी के निर्देश और आगे की चुनौती :
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश दिया था कि ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति जल्द पूरी की जाए। लेकिन स्थानीय नेताओं के बीच गुटबाजी के कारण प्रक्रिया अटक गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि गुटबाजी के बावजूद ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति कब तक पूरी हो पाती है।
