भोपाल।
MP में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने घोषणा की है कि 7 मई 2026 को पूरे प्रदेश में चक्काजाम किया जाएगा। यह आंदोलन किसानों की समस्याओं, फसलों के उचित मूल्य और सरकारी नीतियों के विरोध में किया जाएगा।
बड़वानी से मुरैना तक चक्काजाम का ऐलान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह आंदोलन प्रतीकात्मक रूप से बड़वानी से मुरैना तक किया जाएगा, जिसमें राज्यभर के किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी सरकार ने किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो पूरे प्रदेश को जाम करने का निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने इसे किसानों की आवाज उठाने वाला आंदोलन बताते हुए सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए।
भावांतर योजना और भुगतान पर सवाल
जीतू पटवारी ने भावांतर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सोयाबीन की खरीद और भुगतान व्यवस्था में किसानों को सही लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित योजनाओं के बावजूद किसानों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गेहूं खरीदी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने गेहूं खरीदी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर गेहूं खरीदी में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और कई जगहों पर खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ियां देखी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता में आए ढाई साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन किसानों के हित में किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
बाजार में गेहूं बेचने वाले किसानों की चिंता
जीतू पटवारी ने सवाल उठाया कि जिन किसानों ने मजबूरी में बाजार में अपना गेहूं बेच दिया, उनका नुकसान कौन पूरा करेगा? उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसान अपने ही उत्पाद का उचित मूल्य पाने से वंचित रह रहे हैं।
दाम बढ़ाने को लेकर सरकार पर दबाव
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने पहले वादा किया था कि धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदी जाएगी, लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने पड़ोसी राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा सरकारें गेहूं 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद रही हैं, जबकि मध्यप्रदेश में किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
उत्पादन और खरीद में बड़ा अंतर
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि प्रदेश में इस वर्ष लगभग 245 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन हुआ है, जबकि सरकार ने केवल 100 लाख मीट्रिक टन खरीदने का निर्णय लिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी 145 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कौन करेगा और किसान अपनी उपज कहां बेचेंगे।
सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस ने साफ कहा है कि यह आंदोलन सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ है। पार्टी का कहना है कि जब तक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और योजनाओं का सही लाभ नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदेशव्यापी तैयारियां शुरू
7 मई को प्रस्तावित चक्काजाम को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलों में बैठकों का दौर जारी है और कार्यकर्ताओं को आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का 7 मई का प्रस्तावित चक्काजाम राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर यह आंदोलन प्रदेश में कृषि नीति और खरीद व्यवस्था को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।
