CM Yadav की मंजूरी: 10520 करोड़ की पांच नई कृषि योजनाएँ किसानों के लिए
भोपाल, MP: CM मोहन यादव ने किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों के लिए कुल 10520 करोड़ रुपए की पांच महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है। ये योजनाएँ अगले पाँच वर्षों (1 अप्रैल 2026 – 31 मार्च 2031) तक किसानों को लाभ पहुँचाएँगी।
मुख्य योजनाओं में शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM National Agricultural Development Scheme)
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – माइक्रो इरिगेशन (PM Kisan Irrigation Scheme – Micro Irrigation)
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण मिशन योजना (National Food Security and Nutrition Mission)
- नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना (National Mission on Natural Farming)
- राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना (National Edible Oil Mission)
इन योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार किसानों तक आवश्यक संसाधन, तकनीकी सहयोग और वित्तीय सहायता पहुँचाने का काम करेगी।
1. PM राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
इस योजना के तहत 2010 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
- राज्य सरकार किसानों तक जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगी।
- फसल उत्पादन बढ़ाने, मिट्टी की उर्वरता सुधारने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा।
- योजना का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा, जिससे उत्पादन क्षमता और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
2. PM कृषि सिंचाई योजना – ड्रॉप मोर क्रॉप
इस योजना में 2400 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
- इसका उद्देश्य ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली किसानों के खेतों में उपलब्ध कराना है।
- इस योजना से कम जल में अधिक फसल उत्पादन सुनिश्चित होगा।
- किसानों को जल संरक्षण और सिंचाई दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- विशेषकर ड्रॉप मोर क्रॉप (Double Cropping) वाले क्षेत्रों में इसका लाभ मिलेगा।
3. राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड स्कीम
इस योजना के लिए 1800 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
- यह योजना विशेष रूप से तिलहन उत्पादक किसानों के लिए लाभकारी है।
- किसानों को तिलहन फसल की बुवाई, प्रबंधन और उत्पादन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
- योजना से राज्य में खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
4. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण मिशन योजना
इस योजना के तहत 3300 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
- योजना का लक्ष्य है किसानों को धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नगदी फसलें उगाने में मदद करना।
- किसानों के खेतों में फसल की पैदावार बढ़ाने, रकबे में विस्तार करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता दी जाएगी।
- यह योजना किसानों की आय में सुधार और राज्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
5. नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग
इस योजना के लिए 1010 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
- योजना के तहत प्राकृतिक खेती (Chemical-free/Organic Farming) के क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा।
- किसानों को रसायन मुक्त खाद्य उत्पादन में प्रशिक्षित किया जाएगा।
- मिट्टी की उर्वरता सुधारने, उत्पादन बढ़ाने और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से लाभकारी खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
- इस योजना से किसानों की लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
6. भावांतर योजना और सरसों उत्पादन
राज्य सरकार ने उड़द और सरसों की खरीदी के लिए भी योजना बनाई है।
- उड़द के लिए किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपए बोनस देने को मंजूरी दी गई।
- सरसों पर भावांतर योजना लागू करने का निर्णय लिया गया।
- सीएम मोहन यादव ने बताया कि इस साल सरसों का उत्पादन 71 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले साल से 28% अधिक है।
- योजना किसानों की आय में सुधार और फसल के उचित मूल्य सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
7. जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कृषि कैबिनेट
कैबिनेट ने भगौरिया लोकपर्व को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
- सीएम मोहन यादव ने बताया कि सरकार मालवा अंचल के जनजातीय बहुल बड़वानी, धार और झाबुआ जिलों में कृषि कैबिनेट की तैयारी कर रही है।
- इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में कृषि विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय किसानों को विशेष सहायता प्रदान करना है।
8. अन्य कैबिनेट निर्णय
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी से तीन सवाल का जवाब मांगा है।
- उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि रबी और खरीफ फसल में कौन-कौन सी फसलें लगती हैं।
- यह सवाल मुख्य रूप से कृषि ज्ञान और किसानों की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया।
9. किसानों के लिए दीर्घकालिक लाभ
इन योजनाओं के लागू होने से किसानों को निम्न लाभ मिलेंगे:
- फसल उत्पादन और आय में वृद्धि।
- सिंचाई और जल प्रबंधन में सुधार।
- प्राकृतिक खेती और रसायन मुक्त उत्पादन को बढ़ावा।
- खाद्य सुरक्षा और पोषण सुनिश्चित करना।
- तेलहन उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ।
- राज्य के जनजातीय और कृषि प्रधान क्षेत्रों का समग्र विकास।
निष्कर्ष
CM मोहन यादव की यह पहल किसानों की आमदनी बढ़ाने, कृषि उत्पादन सुधारने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
- 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक इन योजनाओं का क्रियान्वयन किसानों को लगातार लाभ देगा।
- सरसों और उड़द की भावांतर योजना किसानों के वित्तीय हितों की रक्षा करेगी।
- नेचुरल फार्मिंग और कृषि सिंचाई योजनाएं सतत कृषि विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
- जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कृषि कैबिनेट के माध्यम से समान अवसर और आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
इन सभी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से मध्य प्रदेश के किसानों की आय में सुधार, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।

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