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MP : निगम-मंडल पदाधिकारियों को CM मोहन यादव की सख्त नसीहत, कहा—तालमेल से करें काम, जरूरत पड़े तो काम रोका या बदला भी जा सकता है

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Published On: 19 May 2026
CM
— “भोपाल में निगम-मंडल पदाधिकारियों को CM मोहन यादव की सख्त नसीहत—तालमेल से करें काम, और सरकार के निर्देशों के अनुसार जिम्मेदारी निभाएं।”

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MP : निगम-मंडल पदाधिकारियों को CM मोहन यादव की सख्त नसीहत, कहा—तालमेल से करें काम, जरूरत पड़े तो काम रोका या बदला भी जा सकता है

MP की राजधानी भोपाल में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान CM डॉ. मोहन यादव ने नवनियुक्त निगम और मंडल अध्यक्षों तथा अन्य पदाधिकारियों को स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित किया गया, जहां सरकार से जुड़े विभिन्न निगमों और मंडलों के नए पदाधिकारियों को उनके कार्यों और जिम्मेदारियों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान CM ने सभी पदाधिकारियों को सरकार की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक व्यवस्था और समन्वय के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि सभी को सरकार की योजनाओं और नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना होगा और किसी भी तरह के टकराव या असहमति से बचते हुए व्यवस्था को मजबूत करना होगा।

तालमेल से ही बढ़ेगी सरकार की साख” – सीएम मोहन यादव

CM मोहन यादव ने अपने संबोधन में साफ कहा कि सरकार की प्रतिष्ठा और प्रभाव तभी बढ़ेगा जब सभी विभाग, निगम और मंडल एक साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने पदाधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने कार्य क्षेत्र की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और समझदारी से निभाना चाहिए।

CM ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी काम में बाधा डालना नहीं है, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इसलिए सभी को एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर कार्य करना चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंच सके।

काम बदला या रोका भी जा सकता है” – सीएम का सख्त संदेश

CM ने प्रशिक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के पास निर्णय लेने का अधिकार है और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी कार्य को बदला या रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को इस बात को समझना होगा कि वे सरकार की बड़ी व्यवस्था का हिस्सा हैं और उन्हें बिना किसी संकोच के दिए गए कार्यों को स्वीकार करना चाहिए।

CM ने कहा कि कभी-कभी परिस्थितियों के अनुसार काम में बदलाव किया जा सकता है या किसी योजना को कुछ समय के लिए रोकने की आवश्यकता भी पड़ सकती है। ऐसे में सभी पदाधिकारियों को धैर्य और सहयोग की भावना के साथ कार्य करना चाहिए।

विभागीय समझ और अनुभव पर दिया जोर

CM ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को यह भी सलाह दी कि वे अपने-अपने विभागों के कामकाज को अच्छी तरह समझें और उनसे जुड़ा व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना या विभाग को सफलतापूर्वक चलाने के लिए उसकी बारीकियों को समझना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में कई प्रकार की चुनौतियां सामने आती हैं, लेकिन इन चुनौतियों का समाधान टीमवर्क और समन्वय के माध्यम से ही किया जा सकता है।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ तालमेल जरूरी

CM मोहन यादव ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि निगम और मंडल के पदाधिकारियों को विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रभारी मंत्रियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार का हर अंग एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है और किसी भी स्तर पर तालमेल की कमी पूरे सिस्टम की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सभी को एक टीम के रूप में काम करना होगा।

नियम और व्यवस्था के पालन पर जोर

CM ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी पदाधिकारियों को नियमों और कानूनों का पालन करते हुए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी व्यवस्था में बाधा डालना नहीं है, बल्कि उसे और मजबूत बनाना है।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है, और सभी को इसी दिशा में काम करना होगा।

चुनौतियों का सामना मिलकर करें – मुख्यमंत्री

CM मोहन यादव ने कहा कि कामकाज के दौरान कई तरह की चुनौतियां आएंगी, लेकिन उनसे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारियों को मिलकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा और सरकार की नीतियों को सही तरीके से लागू करना होगा।

उन्होंने भरोसा जताया कि यदि सभी लोग अपने-अपने स्तर पर ईमानदारी और जिम्मेदारी से कार्य करेंगे तो मध्य प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर CM मोहन यादव का यह संबोधन निगम और मंडल के नए पदाधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश था कि सरकार के साथ समन्वय, अनुशासन और टीमवर्क ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने साफ कर दिया कि प्रशासनिक ढांचे में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन सभी को मिलकर एक साझा लक्ष्य की दिशा में काम करना होगा।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने पदाधिकारियों को न केवल उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाई, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की नीतियों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए अनुशासन और सहयोग अनिवार्य है।

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