MP कैबिनेट ने दी 1782 करोड़ की राघवपुर परियोजना को मंजूरी, 6 नए वन विज्ञान केंद्र समेत कई प्रस्ताव पारित
भोपाल: MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें राघवपुर परियोजना के लिए विशेष पैकेज की घोषणा भी शामिल थी। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने दी।
1782 करोड़ की राघवपुर परियोजना को मिली मंजूरी
MP के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि कैबिनेट ने अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया परियोजना के डूब प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। इसके तहत 1782 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
इस विशेष पैकेज के माध्यम से तीन जिलों – अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी में सिंचाई का कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
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कुल 71967 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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परियोजना के तहत 125 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होगा।
डिप्टी सीएम ने कहा कि यह पैकेज विशेष रूप से डूब प्रभावितों के लिए तैयार किया गया है, ताकि उनका जीवन स्तर सुधर सके और क्षेत्र में कृषि एवं ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिले।

अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव और मंजूरियां
1. स्थायी और आकस्मिक पदों की व्यवस्था
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कैबिनेट ने कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के सभी पदों को सांख्येतर घोषित करने की अनुमति दी।
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इन पदों पर नवीन नियुक्ति नहीं की जाएगी।
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साथ ही, राज्य शासन के विभिन्न विभागों में स्वीकृत अस्थायी और स्थायी पदों के विभेदन को समाप्त करने की स्वीकृति दी गई।
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वर्तमान अस्थायी पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करने के लिए सेवा भर्ती नियम में आवश्यक प्रावधान लागू किया जाएगा।
2. मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना
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इस योजना के सूचकांक को दो से तीन कर दिया गया।
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मुख्यमंत्री सड़कों और ग्रामीण अवसंरचना परियोजना के तहत 3810 करोड़ रुपये के कार्यों को मंजूरी दी गई।
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यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं बुनियादी ढांचे के विकास में नई गति देगा।
3. उद्धम क्रांति योजना 2026-27
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कैबिनेट ने उद्धम क्रांति योजना 2026-27 को सतत रखने की मंजूरी दी।
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इसके लिए 905 करोड़ रुपये के कार्यों की स्वीकृति दी गई।
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इस योजना का उद्देश्य राज्य में रोजगार सृजन और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है।
4. 6 नए वन विज्ञान केंद्र
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राज्य में वन विज्ञान और जैविक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 48 करोड़ रुपये की लागत से 6 नए वन विज्ञान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
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इन केंद्रों का उद्देश्य वन संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और स्थानीय जैविक विविधता पर शोध को बढ़ावा देना है।
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यह पहल छात्रों, शोधकर्ताओं और पर्यावरण उत्साही लोगों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बनेगी।
5. भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना
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मेट्रो रेल परियोजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए राजस्व मद में बजट का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा गया।
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साल 2025-26 के लिए 90.67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
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इससे मेट्रो परियोजनाओं के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने में योगदान मिलेगा।
राघवपुर परियोजना का महत्व
राघवपुर परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है। इसके कई बहुआयामी फायदे हैं:
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कृषि विकास: 71967 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई से किसानों की पैदावार बढ़ेगी।
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ऊर्जा उत्पादन: 125 मेगावाट बिजली उत्पादन से क्षेत्रीय ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।
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डूब प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्वास: इस परियोजना से डूब प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों की जीवन स्थितियों में सुधार होगा।
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आर्थिक संवृद्धि: सिंचाई और ऊर्जा परियोजना से रोजगार सृजन होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से मध्य प्रदेश के कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में नई गति आएगी और यह क्षेत्रीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

कैबिनेट की अन्य पहलकदमियां
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राज्य के विभिन्न विभागों में पदों की स्थायित्व प्रक्रिया को सरल बनाया गया।
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ग्रामीण सड़क एवं अवसंरचना योजना से गांवों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
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उद्धम क्रांति योजना और वन विज्ञान केंद्रों से युवाओं और शोधकर्ताओं को लाभ मिलेगा।
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भोपाल और इंदौर की मेट्रो परियोजनाओं के संचालन के लिए बजट प्रावधान से शहरों में सार्वजनिक परिवहन और सुविधा बढ़ेगी।
इन पहलकदमियों से राज्य के विकास के विभिन्न आयामों में सुधार होगा, जिसमें ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, शिक्षा, विज्ञान और ऊर्जा उत्पादन शामिल हैं।
भविष्य की उम्मीदें
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार की दूरदर्शिता और विकास पर ध्यान को दर्शाता है।
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राघवपुर परियोजना और अन्य स्वीकृत योजनाओं से क्षेत्रीय विकास और जनहित सुनिश्चित होगा।
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वन विज्ञान केंद्रों और मेट्रो परियोजनाओं के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई दिशा मिलेगी।
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सरकार का प्रयास है कि हर क्षेत्र में समग्र विकास हो और राज्य की जनता को सीधा लाभ मिल सके।
विशेषज्ञों और जनता का मानना है कि इन परियोजनाओं के कार्यान्वयन से मध्य प्रदेश में कृषि, ऊर्जा, शिक्षा, विज्ञान और अवसंरचना के क्षेत्र में नए मील के पत्थर स्थापित होंगे।
निष्कर्ष:
MP की कैबिनेट की यह बैठक विकास और समग्र संवृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। राघवपुर परियोजना, वन विज्ञान केंद्र, उद्धम क्रांति योजना, ग्रामीण सड़क और मेट्रो रेल परियोजना जैसे निर्णय राज्य के सभी वर्गों के लिए लाभकारी होंगे।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य जनहित, आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को संतुलित रूप से आगे बढ़ाना है।
