वल्लभ भवन में हुई अहम कैबिनेट बैठक
MP के भोपाल स्थित वल्लभ भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के हर वर्ग तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
ओबीसी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप में बड़ी बढ़ोतरी
कैबिनेट बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक ओबीसी वर्ग के छात्रों से जुड़ा रहा। सरकार ने दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए दी जाने वाली स्कॉलरशिप में बड़ी बढ़ोतरी की है।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप के अनुसार, ओबीसी वर्ग के छात्रों को अब पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। स्कॉलरशिप राशि को 1550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
यह निर्णय उन छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है जो उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली जैसे शहरों में रहकर पढ़ाई करते हैं। इससे उन्हें आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
38 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली व्यवस्था
कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा निर्णय आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ा हुआ रहा। प्रदेश की कुल 38,901 आंगनवाड़ी भवनों में बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए सरकार ने लगभग 80 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से छोटे बच्चों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली की कमी के कारण बच्चों और स्टाफ को काफी परेशानी होती थी। अब बिजली की सुविधा उपलब्ध होने के बाद आंगनवाड़ी केंद्रों का वातावरण अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा।
शाजापुर और उज्जैन के लिए पंप हाइड्रो सिस्टम को मंजूरी
राज्य सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शाजापुर जिले के लखुंदर बांध पर पंप हाइड्रो सिस्टम स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इस परियोजना पर लगभग 155 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस योजना से शाजापुर के 17 गांव और उज्जैन जिले की तराना तहसील के 7 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
इस परियोजना से लगभग 9000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों की आय बढ़ने और कृषि उत्पादन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
सिंचाई क्षेत्र में 30 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद
मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि लखुंदर बांध पहले से मौजूद है, लेकिन नहरों के माध्यम से खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिससे सिंचाई क्षमता सीमित थी।
अब पंप हाइड्रो सिस्टम लागू होने के बाद क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। इससे किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिल सकेगी और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
भोपाल और रीवा मेडिकल कॉलेजों के लिए 254 करोड़ की स्वीकृति
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण मेडिकल कॉलेज परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
- भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटों की बढ़ोतरी के लिए अधोसंरचना विकास हेतु 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल निर्माण के लिए संशोधित लागत के रूप में 174 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इन परियोजनाओं से राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई पर 26,800 करोड़ रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा वित्तीय निर्णय स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई क्षेत्रों से जुड़ा रहा। इन तीन प्रमुख क्षेत्रों के लिए कुल मिलाकर लगभग 26,800 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से राज्य के विकास की गति तेज होगी और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
पीडब्ल्यूडी परियोजनाओं के लिए 53 हजार करोड़ की निरंतरता
बैठक में लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। पांच प्रमुख कार्यों के लिए 2030 तक 53 हजार करोड़ रुपये की निरंतरता स्वीकृति प्रदान की गई है।
इससे राज्य में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी।
सरकार का विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार का मुख्य फोकस विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर है।
सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और राज्य में आर्थिक एवं सामाजिक विकास को गति मिले।
निष्कर्ष
भोपाल के वल्लभ भवन में आयोजित यह कैबिनेट बैठक मध्यप्रदेश के विकास के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रही। ओबीसी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ोतरी, आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली व्यवस्था, सिंचाई परियोजनाएं और मेडिकल कॉलेजों के विकास जैसे निर्णयों से राज्य के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।
इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए राज्य के समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।
