MP Cabinet Decision: बालाघाट में होगी कृषि कैबिनेट, तलाकशुदा बेटियों को भी मिलेगी पेंशन
MP Cabinet: MP की राज्य सरकार ने हाल ही में अपनी कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका असर सीधे राज्य के विकास, सुरक्षा, किसानों, कर्मचारियों, वन्यजीव संरक्षण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में दिखाई देगा। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि यह बैठक प्रदेश के लिए ऐतिहासिक रही, क्योंकि इसमें बालाघाट को पूरी तरह नक्सल मुक्त घोषित करने से लेकर पेंशन योजना में सुधार तक कई बड़े निर्णय लिए गए।
बालाघाट में कृषि कैबिनेट का आयोजन
मंत्री काश्यप ने बताया कि बालाघाट को नक्सल मुक्त करना आसान काम नहीं था। दिसंबर तक की समय-सीमा तय की गई थी, जिसे सरकार और पुलिस बल ने मिलकर पूरा किया। मुख्यमंत्री स्वयं बालाघाट पहुंचे और नक्सल विरोधी अभियान में शामिल पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। कई जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी दिया गया। कैबिनेट में यह निर्णय लिया गया कि विधानसभा सत्र के बाद बालाघाट में कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि आदिवासी और कृषि बहुल क्षेत्रों के मुद्दों पर सीधे चर्चा की जा सके। इस पहल से स्थानीय किसानों और ग्रामीण समुदाय को उनके विकास और समस्याओं के समाधान में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा।
वन्यजीव संरक्षण और चीतों की बढ़ती संख्या
वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या बढ़कर अब 34 हो गई है। हाल ही में दो शावकों का जन्म हुआ है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कूनो के पास एक रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जाए, जिससे वन्यजीवों के इलाज और देखभाल की व्यवस्था बेहतर हो सके। यह निर्णय राज्य में जैवविविधता और वन्यजीव संरक्षण के महत्व को उजागर करता है और भविष्य में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।
धान खरीद और किसानों को लाभ
किसानों की राहत के लिए सरकार ने धान के समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड उपार्जन का आंकड़ा पेश किया। वर्ष 2025-26 में अब तक 51 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ है, जबकि 43 लाख 52 हजार मीट्रिक टन धान खरीदा गया। समर्थन मूल्य 2300 रुपये तय किया गया, जो पिछले सत्र की तुलना में अधिक है। इस खरीद के परिणामस्वरूप लगभग 8 लाख किसानों को सीधे लाभ मिला। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में निवेश और उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
नई पेंशन योजना 2026 और तलाकशुदा बेटियों के लिए सुविधा
पेंशन व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। राज्य सरकार ने नई पेंशन योजना 2026 के नियमों को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत पारिवारिक पेंशन और विशेष परिस्थितियों में तलाकशुदा पुत्रियों को पेंशन का प्रावधान किया गया है। यह कदम सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और महिलाओं, विशेषकर तलाकशुदा बेटियों के आर्थिक संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। साथ ही ओल्ड पेंशन और नई पेंशन व्यवस्था के नियमों को भी सुव्यवस्थित किया गया है, जिससे कर्मचारियों और लाभार्थियों को सुविधा मिलेगी।
आदिवासी क्षेत्रों का विद्युतीकरण और सोलर ऊर्जा
आदिवासी क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए सरकार ने ‘धरती आभा अभियान’ के तहत विद्युतीकरण को बढ़ावा दिया है। अब तक सोलर ऊर्जा के माध्यम से 8,521 घरों तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है, जबकि 63 हजार से अधिक स्थान चिन्हित किए गए थे। इस पहल से आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, और छोटे उद्योगों के लिए ऊर्जा उपलब्ध होगी।
अन्य विभागों की योजनाओं की निरंतरता
कैबिनेट ने इंदौर में आयोजित दो दिवसीय दालों के सेमिनार, नई मशीनों के प्रदर्शन, मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना, सीएम राइज योजना, आवास सहायता और महिला-बाल विकास योजनाओं को निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी। मंत्री काश्यप ने बताया कि विधानसभा सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा और 18 फरवरी को राज्य का बजट पेश किया जाएगा।
बड़े निवेश प्रस्ताव और रोजगार सृजन
सरकार 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और औद्योगिक विकास के माध्यम से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही उच्च न्यायालय में कंप्यूटर ऑपरेटर्स के पदों पर काम करने वालों को 5 साल का एक्सटेंशन भी दिया गया है।
निष्कर्ष
MP सरकार की यह कैबिनेट बैठक एक व्यापक और समग्र दृष्टिकोण के साथ हुई। बालाघाट में कृषि कैबिनेट का आयोजन, किसानों के लिए धान खरीद योजना, नई पेंशन योजना, आदिवासी क्षेत्रों में विद्युतीकरण, वन्यजीव संरक्षण और बड़े निवेश प्रस्ताव—all इन कदमों से स्पष्ट होता है कि सरकार विकास और सामाजिक कल्याण दोनों पर समान ध्यान दे रही है। यह रणनीति प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरणीय संरक्षण और आदिवासी कल्याण के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगी।

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