MP कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: महिला सुरक्षा, UCC, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक सुधारों पर बड़ा एक्शन
MP : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के विकास, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों को मंजूरी दी गई। यह बैठक राज्य के भविष्य की विकास दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठकों में से एक मानी जा रही है, जिसमें कई क्षेत्रों में एक साथ बड़े सुधारों और निवेश योजनाओं को हरी झंडी दी गई।
सरकार ने इस बैठक में महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि विकास, कानूनी सुधार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष फोकस किया। कुल मिलाकर यह बैठक राज्य के विकास मॉडल को नई दिशा देने वाली साबित हुई।
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 8 नए वन स्टॉप सेंटर
कैबिनेट का सबसे अहम निर्णय महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ा रहा। राज्य सरकार ने प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य हिंसा और उत्पीड़न की शिकार महिलाओं और बालिकाओं को तुरंत और समग्र सहायता उपलब्ध कराना है।
ये सेंटर महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेंगे, जिनमें शामिल हैं—
- चिकित्सा सहायता
- कानूनी सहायता
- पुलिस सहायता समन्वय
- मनोवैज्ञानिक परामर्श
- अस्थायी आश्रय सुविधा
इन केंद्रों को मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार जिले के मनावर और पीथमपुर, इंदौर के लसूड़िया और सांवेर तथा झाबुआ के पेटलावद में स्थापित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इन केंद्रों से महिलाओं को त्वरित न्याय और सहायता मिलने में सुविधा होगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला हेल्पलाइन 181 जैसी योजनाओं के लिए वर्ष 2031 तक लगभग ₹240 करोड़ का बजट आवंटित किया है। यह निर्णय राज्य में महिला सुरक्षा ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर बड़ा कदम
कैबिनेट बैठक में एक और ऐतिहासिक निर्णय समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा रहा। सरकार ने इसके अध्ययन और क्रियान्वयन के लिए एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी है।
इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इसके अलावा इसमें प्रशासनिक अधिकारी, कानून विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।
समिति का मुख्य कार्य होगा—
- उत्तराखंड और गुजरात में लागू मॉडल का अध्ययन करना
- सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक प्रभावों का विश्लेषण करना
- मध्य प्रदेश के लिए उपयुक्त मॉडल तैयार करना
- 60 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपना
इस निर्णय को राज्य में बड़े कानूनी और सामाजिक बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह कदम समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹19,810 करोड़ का निवेश
राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़े वित्तीय पैकेज को मंजूरी दी है। वर्ष 2026 से 2031 तक की अवधि के लिए कुल ₹19,810 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा सड़क और पुल निर्माण पर खर्च किया जाएगा, जिसमें लगभग ₹10,801 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इस योजना के तहत राज्य में—
- नई सड़कों का निर्माण
- पुराने मार्गों का उन्नयन
- पुलों का विस्तार
- ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी में सुधार
जैसे कार्य किए जाएंगे।
सरकार ने सड़क निर्माण के लिए ‘बनाओ, चलाओ और सौंपो’ (BOT) मॉडल और एन्यूटी भुगतान प्रणाली को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, जिससे निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह निर्णय राज्य की आर्थिक गतिविधियों और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कृषि और सिंचाई क्षेत्र को बड़ा लाभ
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कैबिनेट ने सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना को ₹286.26 करोड़ की मंजूरी दी है।
इस परियोजना से—
- हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी
- कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी
- जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और बेहतर सिंचाई सुविधाओं से जोड़ना है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण पर जोर
राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता में रखा है। वन स्टॉप सेंटर, हेल्पलाइन सेवाएं और विशेष योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को न केवल सुरक्षा मिले बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी में भी समान अवसर प्राप्त हों।
ग्रामीण और शहरी विकास का संतुलन
कैबिनेट बैठक में यह भी तय किया गया कि विकास योजनाओं का लाभ केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहकर ग्रामीण इलाकों तक भी पहुंचे।
सड़क, सिंचाई और बुनियादी ढांचे के विकास से ग्रामीण क्षेत्रों में—
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
- जीवन स्तर में सुधार होगा
- पलायन की समस्या कम होगी
कानूनी और प्रशासनिक सुधारों पर फोकस
सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य में कानूनी और प्रशासनिक सुधारों को गति दी जाएगी। UCC समिति के गठन के साथ-साथ अन्य नीतिगत सुधारों पर भी काम किया जाएगा।
प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नई प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी।
विकास मॉडल को नई दिशा
यह कैबिनेट बैठक केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि इसे मध्य प्रदेश के विकास मॉडल को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
सरकार का फोकस अब—
- दीर्घकालिक विकास
- सामाजिक सुरक्षा
- आर्थिक मजबूती
- और तकनीकी सुधार
पर केंद्रित है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश कैबिनेट के ये फैसले राज्य के विकास, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करते हैं। महिला सुरक्षा से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और UCC जैसे संवेदनशील मुद्दों तक, सरकार ने कई क्षेत्रों में एक साथ कदम बढ़ाए हैं।
आने वाले वर्षों में इन योजनाओं और नीतियों का प्रभाव राज्य की अर्थव्यवस्था, सामाजिक संरचना और शासन व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। यह बैठक मध्य प्रदेश के लिए एक नए विकास युग की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
