MP कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय: 10,500 करोड़ की 5 योजनाओं को मिली मंजूरी
CM मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
MP के CM मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को राज्य कैबिनेट की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के कृषि क्षेत्र और किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विशेष रूप से यह बैठक किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत पांच बड़ी और रणनीतिक कृषि योजनाओं पर केंद्रित थी। बैठक के दौरान कैबिनेट ने इन पांच योजनाओं के लिए कुल 10,500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जो अगले पांच वर्षों (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) लागू होंगी। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य के किसानों को तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से लाभ मिलेगा।
सीएम मोहन यादव ने बैठक के बाद बताया कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता सुधारने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पांच प्रमुख योजनाओं को मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कुल पांच प्रमुख कृषि योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों के लिए आधुनिक तकनीक, संसाधन और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
- इस योजना के लिए 2,393 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
- इसका उद्देश्य खेतों में आधुनिक सिंचाई प्रणालियों का विस्तार करना है।
- योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों से पानी की बचत होगी और फसल उत्पादन बढ़ेगा।
- पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-AASHA)
- इस योजना के लिए 2,008 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
- किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, जैविक खाद, तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- इसका लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने और फसल उत्पादन में सुधार करना है।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना (NFSM)
- इस योजना के लिए 3,285 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
- योजना के तहत धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज और नकदी फसल उत्पादक किसानों को उत्पादन बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता सुधारने में सहायता दी जाएगी।
- इसके साथ ही किसानों को उन्नत तकनीक और कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
- राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना
- तिलहन उत्पादक किसानों के लिए 1,793 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
- योजना के अंतर्गत किसानों को तिलहन फसलों के बीज, कृषि सलाह और उत्पादन सहायता दी जाएगी।
- यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी।
- नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (NMNF)
- प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल विस्तार के लिए 1,011.59 करोड़ रुपये मंजूर।
- यह योजना रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा देती है।
- मिट्टी की उर्वरता में सुधार, उत्पादन में वृद्धि और स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभकारी होगी।
उड़द उत्पादक किसानों के लिए बोनस
कैबिनेट ने उड़द की फसल के उत्पादन पर किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये का बोनस देने का निर्णय भी लिया।
सीएम मोहन यादव ने बताया कि इस वर्ष सरसों का उत्पादन 71 लाख टन रहने का अनुमान है और भावांतर योजना के तहत किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
उड़द और सरसों जैसी फसलों पर बोनस देने का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी आय स्थिर करना है। इसके अलावा, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भावांतर योजना और बोनस का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे।
कैबिनेट के अन्य निर्णय
- मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया।
- राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में सतत विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर जोर दिया।
- किसान कल्याण के लिए बनाए गए पांच बड़े पैमाने की योजनाओं से कृषि उत्पादन, मिट्टी की उर्वरता और प्राकृतिक खेती में सुधार होगा।
- सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि योजनाओं का लाभ सभी किसानों तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाएगा।
किसानों और कृषि क्षेत्र पर प्रभाव
- आधुनिक तकनीक का प्रसार: पीएम कृषि सिंचाई योजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग से किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक और प्राकृतिक खेती की जानकारी मिलेगी।
- आर्थिक स्थायित्व: उड़द और सरसों उत्पादक किसानों को बोनस और भावांतर योजना के माध्यम से आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
- उत्पादन में वृद्धि: खाद्य सुरक्षा मिशन और खाद्य तेल मिशन से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों की आमदनी में सुधार होगा।
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा मिलेगा, जो पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।
निष्कर्ष
MP सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम किसान कल्याण और कृषि विकास के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन निर्णयों को लेकर कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य के किसान आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय दृष्टि से मजबूत होंगे।
इन पहलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ेगी, कृषि उत्पादन में सुधार होगा और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, उड़द और सरसों पर बोनस किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा।
राज्य सरकार की यह पहल न केवल किसानों के लिए लाभकारी है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
