MP विधानसभा बजट सत्र 2026: कांग्रेस सरकार के तीन मंत्रियों को घेरने की तैयारी में
16 फरवरी 2026 से MP विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को हंगामेदार होने के पूरे संकेत मिल रहे हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह सदन में सरकार के तीन प्रमुख मंत्रियों — उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह — को घेरने की योजना बना रही है। पार्टी का कहना है कि इन मंत्रियों को न तो बोलने दिया जाएगा और न ही उनकी बात सुनी जाएगी। यह सत्र केवल बजट अनुमोदन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की जवाबदेही, संवेदनशील मुद्दों और विभागीय विफलताओं पर विपक्षी हमले का भी प्रमुख मंच बनेगा।
MP विधानसभा सत्र में चर्चा के प्रमुख मुद्दे
Congress ने इस सत्र में कई संवेदनशील और ज्वलंत मुद्दों को उठाने की तैयारी की है। प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित हैं:
- कफ सिरप “कोल्ड्रिफ” से बच्चों की मौत
छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में कथित रूप से जहरीले कफ सिरप के सेवन से कई बच्चों की मौत का मामला कांग्रेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। पार्टी यह आरोप लगाने की तैयारी में है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मंत्री उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस मुद्दे को सदन में जोरदार तरीके से उठाकर सरकार पर दबाव डाला जाएगा। - इंदौर का दूषित पानी मामला
भागीरथपुरा, इंदौर में दूषित पानी के कारण 35 लोगों की मौत की घटना भी बजट सत्र में प्रमुखता से उठाई जाएगी। कांग्रेस इस मामले में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराने की रणनीति तैयार कर रही है। - सेना अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी
हाल ही में कर्नल सोफिया कुरैशी पर हुई विवादित टिप्पणी को लेकर भी कांग्रेस सरकार पर हमला करेगी। यह मामला जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से जुड़ा है, जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है, यह विपक्ष के लिए अहम मुद्दा बन गया है।
इन प्रमुख मुद्दों के अलावा कांग्रेस प्रदेश में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे विषयों को भी सदन में उठाएगी।
Congress के आरोप और सरकार पर दबाव
प्रदेश Congress अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि बच्चों की मौत के मामलों में स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि भागीरथपुरा की घटना में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जिम्मेदारी से बच रहे हैं। वहीं, कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई टिप्पणी के मामले में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई न होने के लिए कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह संरक्षण दे रही है।
कांग्रेस का कहना है कि ये मामले केवल प्रशासनिक गलती नहीं हैं, बल्कि सरकार की अनदेखी और संवेदनहीनता का परिणाम हैं। इसलिए, इस बजट सत्र में विपक्ष इन मुद्दों को सदन में उठाकर सरकार को सार्वजनिक रूप से चुनौती देगा।
विधायक दल की बैठक और रणनीति
Congress ने 16 फरवरी को भोपाल में विधायक दल की बैठक बुलाई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में बजट सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की जाएगी:
- सरकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति
- प्रदेश पर बढ़ते कर्ज और वित्तीय असंतुलन
- अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग पर अत्याचार
- किसानों की समस्याएं और फसल ऋण की स्थिति
- बेरोजगारी और युवाओं के लिए रोजगार अवसर
- महिलाओं के खिलाफ अपराध और सुरक्षा के मुद्दे
इस बैठक के निर्णयों के आधार पर कांग्रेस अपने विधायकों को निर्देश देगी कि बजट सत्र के दौरान प्रत्येक मुद्दे पर आक्रामक तरीके से सरकार को घेरा जाए।
पूर्व घटनाओं का असर और सत्र की तैयारियां
कुछ समय पहले IAS संतोष वर्मा के विवादित बयानों पर कार्रवाई को लेकर भी सरकार केंद्र का जवाब का इंतजार कर रही है। इसी तरह के अन्य सामाजिक मुद्दे, स्वास्थ्य विभाग की विफलताएं और नगरीय परियोजनाओं में लापरवाही के मामले भी कांग्रेस द्वारा सदन में उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार के बजट सत्र में केवल वित्तीय योजना की चर्चा ही नहीं होगी, बल्कि विपक्षी हमले और हंगामे सदन का प्रमुख आकर्षण बनेंगे। बजट सत्र के दौरान मंत्रियों की जवाबदेही और सरकार की नीति पर व्यापक बहस होने की संभावना है।
मंत्रियों पर कांग्रेस का फोकस
कांग्रेस विशेष रूप से तीन मंत्रियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है:
- उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल – स्वास्थ्य विभाग के मामलों में लापरवाही के आरोप।
- नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय – भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौत के मामले में जिम्मेदारी।
- जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह – कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी मामले में कार्रवाई न करना।
कांग्रेस इन तीनों मंत्रियों के खिलाफ सदन में दबाव बनाएगी और उनकी नीतियों तथा प्रशासनिक कार्यों की आलोचना करेगी।
निष्कर्ष
16 फरवरी से शुरू होने वाला MP विधानसभा का बजट सत्र न केवल वित्तीय योजनाओं पर केंद्रित होगा, बल्कि सरकार की जवाबदेही, संवेदनशील घटनाओं और विभागीय विफलताओं पर विपक्ष के हमले का भी प्रमुख मंच बनेगा। कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है – सरकार के तीन मंत्रियों को सदन में घेरकर उनके खिलाफ दबाव बनाना और प्रदेश के संवेदनशील मुद्दों को उजागर करना।
इस बार का बजट सत्र इसलिए राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह न केवल सरकार की वित्तीय योजनाओं और बजट प्रस्तुतियों का परीक्षण करेगा, बल्कि विपक्ष के हमले और हंगामे सदन की राजनीति में एक नया मोड़ भी ला सकते हैं।
