MP सरकार का जनहितैषी Budget: 50 हजार रिक्त पदों पर भर्तियों के साथ कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत
मध्य प्रदेश सरकार ने इस वर्ष का Budget पेश करने की तैयारियों को तेज कर दिया है। राज्य के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेंगे। इस बार का बजट विशेष रूप से कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों और छोटे उद्योगों के हित को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार के वित्त विभाग की जानकारी के अनुसार, इस Budget में 50 हजार रिक्त पदों पर भर्तियों के साथ ही कर्मचारियों के लिए कई बड़े हितैषी प्रावधान किए जा सकते हैं। संविदा कर्मचारियों को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के बजाय महंगाई भत्ता (DA) देने, कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को अंशदायी कैशलेस सिस्टम में लाने, महंगाई भत्ते में वृद्धि और एक अप्रैल से नए पेंशन नियम लागू करने की भी संभावना है।
Budget में कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों के लिए बदलाव
सूत्रों का कहना है कि कर्मचारियों और संविदा कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस बार Budget में कई ऐतिहासिक घोषणाएं की जा सकती हैं। संविदा कर्मचारियों को अब अन्य कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता मिलने का निर्णय भी अंतिम चरण में है। इससे राज्य के डेढ़ लाख संविदा कर्मचारियों की आमदनी में सुधार होगा और उनका जीवन स्तर बेहतर बनेगा। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य बीमा लागू करने की योजना है, जिससे सरकारी कर्मचारी और पेंशनर स्वास्थ्य संबंधी खर्चों से राहत पा सकेंगे। महंगाई भत्ते में वृद्धि भी कर्मचारियों की बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित है।
किसानों और छोटे उद्योगों के लिए बजट में विशेष प्रावधान
Budget में सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा जा रहा है। किसानों के लिए उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बार सोयाबीन, सरसों और अन्य फसलों में भावांतर की घोषणा की संभावना है, जिससे किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिलेगा। इसके अलावा, छोटे उद्योगों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि देने की भी योजना बनाई गई है। इससे प्रदेश में रोजगार सृजन होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। Budget पेश करने से पहले वित्त मंत्री और विभाग ने सभी विशेषज्ञों और एक्सपर्ट से परामर्श किया है। साथ ही, विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से सुझाव लेकर बजट तैयार किया जा रहा है।
योजनाओं को गति देने के लिए कैबिनेट की स्वीकृति
Budget से पहले राज्य की कैबिनेट ने कुछ लंबित योजनाओं को फिर से गति देने की स्वीकृति दी है। इनमें पांच प्रमुख योजनाएं शामिल हैं, जो पिछले कई वर्षों से संचालित हो रही हैं। इन्हें फिर से सक्रिय कर सरकारी योजनाओं की गति बढ़ाई जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भी विभागीय बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें योजनाओं की समीक्षा और गति के मुद्दों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि फरवरी में एक अंतिम बैठक के बाद Budget विधानसभा में पेश किया जाएगा।
पेंशनरों के लिए बड़े सुधार
इस Budget में पेंशनरों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान प्रस्तावित हैं। 50 वर्ष बाद पेंशन नियम में बदलाव कर इसे 1 अप्रैल से लागू करने की संभावना है। इससे पेंशनरों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा और उन्हें महंगाई से राहत मिलेगी। इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना को बेहतर और अंशदायी कैशलेस सिस्टम में लागू करने का प्रस्ताव है। यह कदम राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों को मजबूत करेगा और सरकारी कर्मचारियों में विश्वास बढ़ाएगा।
बजट पेश करने की तारीख और प्रक्रिया
मध्य प्रदेश विधानसभा का Budget सत्र इस साल 16 फरवरी से शुरू होगा। डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को बजट पेश करेंगे। इस Budget में कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों और उद्योगों के हितों को संतुलित रूप से ध्यान में रखा गया है। वित्त विभाग ने Budget तैयार करने के दौरान विभिन्न विभागों की बैठकें की हैं। लगभग दो दर्जन विभागों की बैठकों में योजनाओं की गति और समीक्षा पर चर्चा हुई। बजट में स्वरूप में बदलाव की संभावना है, जिससे योजना क्रियान्वयन और आर्थिक विकास में सुधार होगा।
