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MP में BJP ने कोर ग्रुप बनाया, बड़े नेताओं को शामिल कर संगठन और चुनावी रणनीति मजबूत की गई।

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Published On: 14 April 2026
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य का नया कोर ग्रुप तैयार कर लिया है। यह कोर ग्रुप पार्टी के शीर्ष नेताओं और अनुभवी चेहरों का एक प्रभावशाली समूह है, जो न केवल संगठन की दिशा तय करेगा बल्कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय को भी मजबूती देगा। आगामी चुनावों और नीतिगत फैसलों को ध्यान में रखते हुए इस कोर ग्रुप का गठन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कोर ग्रुप में किन नेताओं को मिली जगह

नए कोर ग्रुप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रमुख भूमिका में रखा गया है। उनके साथ उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा भी इस समूह का हिस्सा हैं। ये तीनों नेता प्रदेश सरकार के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए कोर ग्रुप में उनकी मौजूदगी संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगी।

केंद्रीय स्तर से भी मजबूत प्रतिनिधित्व इस कोर ग्रुप में देखने को मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया को इसमें शामिल किया गया है। इन दोनों नेताओं का अनुभव और राजनीतिक पकड़ पार्टी के लिए रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है।

इसके अलावा प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं में राकेश सिंह, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को भी कोर ग्रुप में शामिल किया गया है। अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को भी इस टीम में जगह देकर सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की गई है।

अनुभवी नेताओं को भी दी गई अहम जिम्मेदारी

कोर ग्रुप में केवल वर्तमान पदाधिकारियों को ही नहीं, बल्कि अनुभवी नेताओं को भी शामिल किया गया है। पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और अरविंद भदौरिया को भी इस समूह में स्थान दिया गया है।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सांसद विष्णुदत्त शर्मा भी कोर ग्रुप का हिस्सा हैं। इसके अलावा लता वानखेड़े और मंत्री संपतिया उइके को भी इसमें शामिल किया गया है। यह दर्शाता है कि पार्टी ने अनुभव और नए नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है।

पहली बैठक: समय और स्थान

मध्य प्रदेश भाजपा के इस नए कोर ग्रुप की पहली बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की जाएगी। यह बैठक शाम 7 बजे से शुरू होगी और इसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

यह बैठक केवल औपचारिक नहीं होगी, बल्कि इसमें संगठन और सरकार के कामकाज की गहन समीक्षा की जाएगी। साथ ही भविष्य की रणनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।

इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

बैठक का एजेंडा काफी व्यापक और महत्वपूर्ण है। इसमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे राष्ट्रीय मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के क्रियान्वयन पर भी विचार होगा।

विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन का मुद्दा भी बैठक में प्रमुख रूप से उठाया जाएगा। यह विषय आगामी चुनावों के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।

संगठन और सरकार के कामकाज की समीक्षा

इस बैठक में जिला इकाइयों के कामकाज की समीक्षा भी की जाएगी। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत हो और सरकार की योजनाएं प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचें।

मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के प्रदर्शन का भी आकलन किया जाएगा। इससे यह तय किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है और किन नेताओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

सहकारिता और नियुक्तियों पर फोकस

बैठक में सहकारिता क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। इसमें नियुक्तियों और चुनाव से संबंधित विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। सहकारिता क्षेत्र ग्रामीण और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए पार्टी इस पर विशेष ध्यान दे रही है।

इसके अलावा नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को लेकर भी रणनीति बनाई जाएगी, ताकि महिलाओं की भागीदारी को और अधिक बढ़ाया जा सके।

क्यों अहम है यह कोर ग्रुप

राजनीतिक दृष्टि से यह कोर ग्रुप बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह समूह पार्टी के लिए एक “थिंक टैंक” की तरह काम करेगा, जो नीतियों और रणनीतियों को दिशा देगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कोर ग्रुप के जरिए भाजपा आगामी चुनावों की तैयारियों को और अधिक मजबूत करेगी। साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में भी यह समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भविष्य की रणनीति और चुनावी तैयारी

आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह कोर ग्रुप पार्टी के लिए रणनीतिक फैसले लेने में अहम भूमिका निभाएगा। इसमें उम्मीदवार चयन, चुनाव प्रचार और संगठन विस्तार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।

पार्टी का लक्ष्य है कि वह हर स्तर पर मजबूत संगठन तैयार करे और जनता के बीच अपनी पकड़ बनाए रखे। इसके लिए कोर ग्रुप को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह समय-समय पर समीक्षा और मार्गदर्शन करता रहे।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश में भाजपा का नया कोर ग्रुप पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसमें अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं को शामिल कर एक संतुलित टीम तैयार की गई है।

पहली बैठक में होने वाली चर्चाएं और लिए जाने वाले फैसले आने वाले समय में पार्टी की दिशा और रणनीति तय करेंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह कोर ग्रुप किस तरह से संगठन और सरकार के बीच समन्वय स्थापित करता है और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए क्या कदम उठाता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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