MP विधानसभा बजट सत्र का दूसरा दिन
MP विधानसभा का बजट सत्र 2026 का दूसरा दिन आज शुरू हो गया है। सदन में हंगामेदार माहौल बनने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि विपक्ष ने Indore के दूषित पानी से हुई मौतों जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर पहले ही सरकार पर दबाव डालना शुरू कर दिया है। आज विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज सदन में अनुपूरक बजट पेश करेंगे। अनुपूरक बजट का उद्देश्य वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के खर्चों की पूर्ति करना है। मुख्य बजट 2026-27 18 फरवरी को पेश किया जाएगा। पहले दिन, राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा उठाया था। आज भी विपक्ष सरकार पर इस मुद्दे को लेकर दबाव डाल सकता है। इस सत्र में कुल 12 बैठकें प्रस्तावित हैं, जो 6 मार्च तक चलेंगी।
CONGRESS का विरोध प्रदर्शन
Indore के दूषित पानी से हुई मौतों के मामलों को लेकर कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस के विधायक गंदा पानी लेकर विधानसभा परिसर के बाहर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
उज्जैन के तराना से कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि इंदौर प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूरे विश्व में शर्मसार किया है। उन्होंने बताया कि दूषित पानी से लगभग 35 से 40 लोगों की मौत हो गई, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उन्हें पदोन्नति देकर ऊपर भेज दिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन मासूम लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
अनुपूरक बजट की प्रमुख बातें
अनुपूरक बजट वित्तीय वर्ष के शेष महीनों में खर्चों की पूर्ति के लिए लाया गया है। इसमें सरकार के विभिन्न विभागों और योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि का आवंटन किया जाता है। इस बजट के माध्यम से सरकार उन क्षेत्रों में वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगी जहां पहले से आवंटित धन पर्याप्त नहीं है।
मुख्य बजट पेश होने से पहले अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार अपनी प्राथमिकताओं और खर्च की योजना का संकेत देती है। इस सत्र में अनुपूरक बजट पर सदन में लंबी चर्चा होने की संभावना है।
तिलहन संघ कर्मचारियों का वेतनमान विवाद
सदन में तिलहन संघ कर्मचारियों के वेतनमान का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक केशव देसाई ने न्यायालय के आदेश के बावजूद पांचवें वेतनमान का लाभ न मिलने का सवाल उठाया।
सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग की बजाय नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन को बताया कि सरकार कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई कर रही है। तिलहन संघ के कर्मचारियों के वेतनमान निर्धारण के संबंध में सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि छठे वेतनमान के मामले में उच्च न्यायालय में विचाराधीन अपील और अवमानना प्रकरण लंबित हैं। इसलिए अदालत के फैसले के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। यह मुद्दा सदन में कर्मचारियों और विपक्ष दोनों के लिए संवेदनशील बना हुआ है।
आवारा कुत्तों और जल संसाधन के मुद्दे
सदन में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनकी वजह से होने वाले हादसों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने भोपाल में आवारा कुत्तों की समस्या और नियंत्रण की कमी को लेकर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
वहीं, वरिष्ठ भाजपा विधायक जयंत मलैया ने दमोह जिले के अंतर्गत सीतानगर सिंचाई परियोजना की डीपीआर में किए गए परिवर्तन की जांच की आवश्यकता पर जल संसाधन मंत्री का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि परियोजना में किए गए बदलावों से जिले के जल प्रबंधन और सिंचाई योजनाओं पर प्रभाव पड़ सकता है।
भाजपा विधायक दल की बैठक और रणनीति
आज शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में मंत्रियों और विधायकों के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य विपक्ष के सवालों का प्रभावी जवाब तैयार करना और मुख्य बजट को लेकर तैयारी करना है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस पहले ही अपनी रणनीति तय कर चुकी है। ऐसे में आज सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
विपक्ष और सरकार के बीच टकराव की संभावना
सदन में हंगामेदार माहौल का कारण सिर्फ इंदौर के दूषित पानी से हुई मौतें ही नहीं हैं, बल्कि कर्मचारियों के वेतन, जल संसाधन परियोजनाओं और आवारा कुत्तों जैसी स्थानीय समस्याएं भी हैं। विपक्ष इन मुद्दों को उठाकर सरकार पर लगातार दबाव बनाए रख सकता है।
सरकार को इन सवालों का जवाब देने के लिए सभी तैयारियों के साथ पेश होना होगा। विपक्ष का उद्देश्य सदन में सरकार की नीतियों और कार्रवाई की कमजोरियों को उजागर करना है। वहीं सरकार अपने अनुपूरक बजट और आगामी मुख्य बजट को सुचारु रूप से पास कराने पर ध्यान दे रही है।
निष्कर्ष
आज का विधानसभा सत्र अनुपूरक बजट, Indore में दूषित पानी से हुई मौतों और कर्मचारियों के वेतनमान जैसे संवेदनशील मुद्दों के कारण हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष और सरकार के बीच नीति और कार्रवाई को लेकर गतिरोध और विवाद बन सकता है।
सत्र का पूरा ध्यान राज्य के नागरिकों और उनके जीवन पर पड़ने वाले असर पर रहेगा। जनता के लिए महत्वपूर्ण फैसलों और घोषणाओं की निगरानी और प्रभाव का अनुमान लगाना भी जरूरी है।
इस प्रकार, आज का दिन राजनीतिक गतिविधियों और बजट प्रक्रिया दोनों के लिए निर्णायक माना जा रहा है।
