MP Assembly Monsoon Session: UCC Bill पर विधानसभा में घमासान, BJP और Congress आमने-सामने
भोपाल। MP Assembly के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) विधेयक 2026 को लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के दौरान कई बार नारेबाजी की स्थिति बनी। कांग्रेस विधायकों ने जहां सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, वहीं भाजपा नेताओं ने साफ कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू होकर रहेगी।
मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता सहित कुल 11 विधेयक सदन में पेश किए थे। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा यूसीसी बिल को लेकर हो रही है। दूसरे दिन इस विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
UCC बिल पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस विधायकों ने समान नागरिक संहिता विधेयक को लेकर सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार और आरएसएस से जुड़े लोग सांप्रदायिक मुद्दों पर सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन युवाओं, छात्रों, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, शिक्षा, किसानों की समस्याएं और सामाजिक मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं। विपक्ष ने सरकार से मांग की कि पहले इन विषयों पर ध्यान दिया जाए।
BJP ने कहा- प्रदेश में लागू होगा UCC
वहीं भाजपा विधायकों ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए समान नागरिक संहिता को जरूरी बताया। भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि कांग्रेस के विरोध के बावजूद प्रदेश में यूसीसी लागू किया जाएगा।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता से जनता को लाभ मिलेगा और कांग्रेस की राजनीति प्रभावित होगी।
OBC आरक्षण को लेकर विपक्ष का हमला
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस समय समान नागरिक संहिता से ज्यादा जरूरी ओबीसी आरक्षण का मुद्दा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए यूसीसी जैसे विषयों को प्राथमिकता दे रही है।
इस दौरान विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं उपमुख्यमंत्री और मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में जय जय श्री राम के नारे लगाए। बढ़ते हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
विधेयक को प्रवर समिति में भेजने की मांग
कांग्रेस ने समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 को प्रवर समिति (Select Committee) के पास भेजने की मांग की। विपक्ष का कहना था कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तृत समीक्षा और चर्चा आवश्यक है।
हालांकि, सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्रियों ने सदन में विधेयक पर आगे चर्चा जारी रखने की मांग की। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई और कांग्रेस विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी।
सदन में हुई तीखी नोकझोंक
यूसीसी बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस विधायकों के बीच कई बार तीखी बहस हुई। स्थिति ऐसी बनी कि विपक्ष के कुछ विधायक वॉकआउट की तैयारी करते नजर आए।
विधानसभा अध्यक्ष को व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए रोक दी गई।
10 लाख लोगों से लिए गए सुझाव: सरकार
संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि समान नागरिक संहिता विधेयक केवल सरकार का फैसला नहीं है, बल्कि जनता के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि यूसीसी को लेकर करीब 10 लाख लोगों से सुझाव लिए गए हैं। सरकार का कहना है कि विधेयक तैयार करने में आम जनता की राय को शामिल किया गया है।
कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
यूसीसी पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की राय जरूरी है।
विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि विधेयक को जल्दबाजी में पारित नहीं किया जाना चाहिए और इसे विशेषज्ञों की समीक्षा के लिए भेजा जाना चाहिए।
राजनीतिक नजरिए से अहम मुद्दा बना UCC
मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। भाजपा इसे समानता और कानून व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला विषय बता रही है।
मानसून सत्र के आने वाले दिनों में भी यूसीसी बिल को लेकर सदन में बहस और राजनीतिक टकराव जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।
