—Advertisement—

MP विधानसभा में मास्टर प्लान पर घिरे कैलाश विजयवर्गीय, विपक्ष का तीखा हमला

Author Picture
Published On: 25 February 2026
mp

—Advertisement—

MP विधानसभा में मास्टर प्लान और मेट्रो पर सियासत तेज, कैलाश विजयवर्गीय पर विपक्ष का हमला

भोपाल, 25 फरवरी 2026। MP विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नगरीय विकास से जुड़े मुद्दों पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। भोपाल, इंदौर समेत अन्य शहरों में नए मास्टर प्लान लागू करने में हो रही देरी को लेकर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विपक्ष के निशाने पर रहे। चर्चा के दौरान मेट्रो परियोजना, मास्टर प्लान, सिंचाई योजनाओं और सहकारी संस्थाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई।

मास्टर प्लान में देरी पर घिरे मंत्री

बजट अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि पिछले वर्ष जून में मास्टर प्लान लाने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि “आखिर कौन सी बैलगाड़ी से मास्टर प्लान आ रहा है?”

विधायक जयवर्धन सिंह और डॉ. राजेंद्र सिंह ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और शहरी विकास की योजनाओं में पारदर्शिता तथा समयबद्ध क्रियान्वयन की मांग की। जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रक्रिया सरकार के स्तर पर चल रही है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

मेट्रो परियोजना पर गरमाई बहस

सदन में मेट्रो परियोजना की धीमी रफ्तार को लेकर भी तीखी बहस हुई। विपक्ष के विधायकों ने आरोप लगाया कि परियोजना बिना समुचित योजना के आगे बढ़ाई जा रही है और इसकी प्रगति अपेक्षा से काफी धीमी है।

जवाब में मंत्री विजयवर्गीय ने भूमिगत सुरंग निर्माण के लिए अपनाई जा रही तकनीक का उल्लेख करते हुए इसे मजाकिया अंदाज में “केंचुआ तकनीक” बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से जमीन के नीचे सुरंग बनाकर मेट्रो मार्ग तैयार किया जा रहा है।

इस पर कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने पलटवार करते हुए कहा कि इंदौर में मेट्रो बंजर इलाकों में बनाई जा रही है, जहां इस तकनीक का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “अगर ऐसा किया गया तो इंदौर की जनता तुम्हें केंचुआ बना देगी।” इस बयान के बाद सदन में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

सदन में ‘कबूतर प्रसंग’

चर्चा के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला जब एक कबूतर बार-बार सदन में उड़ता नजर आया। इससे कई सदस्यों का ध्यान चर्चा से हटकर उस ओर चला गया। मंत्री विजयवर्गीय ने हल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा, “पहले कभी सदन में कबूतर नहीं आया, कहीं यह दिल्ली से तो नहीं आया?” इस टिप्पणी पर सदन में ठहाके भी लगे।

अपने ही विधायकों ने उठाए सवाल

दिलचस्प बात यह रही कि चर्चा के दौरान सत्तापक्ष के कुछ विधायकों ने भी मंत्रियों के विभागों में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।

सिंचाई परियोजना पर आरोप

सत्तापक्ष के सदस्य दिनेश राय मुनमुन ने निर्माणाधीन सिवनी और पेंच नहर परियोजनाओं में देरी और गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार को करोड़ों रुपये अग्रिम भुगतान कर दिया गया, जबकि कार्य अधूरा छोड़ दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि 3700 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होने का दावा किया जा रहा है, जबकि किसान अपने संसाधनों से सिंचाई कर रहे हैं। इस पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने स्वीकार किया कि कार्य में देरी हुई है, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि वर्ष 2026 तक परियोजना पूरी कर दी जाएगी।

विश्वविद्यालय निर्माण पर सवाल

सत्तापक्ष की सदस्य ललिता यादव ने महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में निर्माण कार्यों और स्वीकृत राशि के उपयोग को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मंत्री के जवाब को तथ्यों के विपरीत बताया।

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि अनियमितता नहीं हुई है, फिर भी मामले की पुनः जांच कराई जाएगी।

शुगर मिल और सहकारी संस्थाओं पर आरोप

नवल सिंह सहकारी शक्कर कारखाने में वित्तीय गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठा। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने स्वीकार किया कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा खाद की कालाबाजारी को लेकर भी आरोप लगे, जिसे मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए जांच का भरोसा दिया।

राजनीतिक संदेश और आगामी प्रभाव

विधानसभा के इस सत्र ने स्पष्ट संकेत दिया है कि शहरी विकास, मेट्रो परियोजना और बुनियादी ढांचे के मुद्दे आने वाले समय में राजनीतिक बहस के केंद्र में रहेंगे। विपक्ष जहां मास्टर प्लान और मेट्रो की धीमी प्रगति को मुद्दा बना रहा है, वहीं सत्ता पक्ष विकास कार्यों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है।

सदन में हुई तीखी बयानबाजी ने यह भी दिखाया कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए राजनीतिक दल विकास परियोजनाओं पर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।

निष्कर्ष

एमपी विधानसभा के बजट सत्र में मास्टर प्लान और मेट्रो परियोजना को लेकर हुई बहस ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय विपक्ष के तीखे हमलों के केंद्र में रहे, जबकि अन्य मंत्रियों को भी अपने विभागों में कथित अनियमितताओं पर सफाई देनी पड़ी।

अब देखना यह होगा कि सरकार मास्टर प्लान और मेट्रो परियोजना को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है और उठाए गए आरोपों पर किस प्रकार की कार्रवाई होती है। फिलहाल, विधानसभा का यह सत्र विकास बनाम देरी और पारदर्शिता के मुद्दे पर राजनीतिक टकराव का मंच बन गया है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp