MP Apprenticeship: ITI पास युवा ऐसे करें आवेदन, जानें जरूरी दस्तावेज और स्टाइपेंड
भोपाल मध्यप्रदेश में ITI पास युवाओं के लिए अप्रेंटिसशिप किसी कंपनी, फैक्ट्री या संस्थान में काम सीखने और व्यावहारिक अनुभव पाने का अवसर है। प्रशिक्षण के दौरान उम्मीदवार को निर्धारित न्यूनतम दर के अनुसार हर महीने स्टाइपेंड मिलता है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवार को अपनी योग्यता के अनुसार वैकेंसी तलाशनी होगी और संबंधित पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। अप्रेंटिसशिप पूरी होने पर नौकरी की गारंटी नहीं होती, लेकिन इससे कार्यस्थल का अनुभव और कौशल हासिल करने में मदद मिल सकती है।
किस पोर्टल पर करें रजिस्ट्रेशन?
ITI और ट्रेड अप्रेंटिसशिप के लिए उम्मीदवारों को Apprenticeship India पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होता है। आधिकारिक पोर्टल apprenticeshipindia.gov.in है। पोर्टल पर उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन के बाद उपलब्ध अवसरों में अपनी योग्यता और ट्रेड के अनुसार वैकेंसी खोज सकते हैं। NSDC की वेबसाइट पर दिए गए निर्देश के अनुसार, उम्मीदवार पोर्टल के “Get Started” विकल्प से Candidate User Manual देखकर रजिस्ट्रेशन और आवेदन कर सकते हैं।
डिप्लोमा या स्नातक पास युवाओं के लिए कुछ अप्रेंटिसशिप अवसर National Apprenticeship Training Scheme यानी NATS 2.0 पोर्टल पर भी आते हैं। इसलिए आवेदन से पहले वैकेंसी का विज्ञापन ध्यान से पढ़ें और देखें कि आवेदन Apprenticeship India पोर्टल पर करना है या NATS 2.0 पर। NATS पोर्टल डिप्लोमा और डिग्रीधारी उम्मीदवारों के पंजीयन और आवेदन के लिए है।
फॉर्म भरने की प्रक्रिया
सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल खोलकर उम्मीदवार के रूप में रजिस्ट्रेशन करें। नाम, जन्मतिथि और अन्य पहचान संबंधी जानकारी अपने दस्तावेजों के अनुसार भरें। मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सक्रिय रखें, क्योंकि सत्यापन और लॉगिन के लिए OTP या ईमेल लिंक भेजा जा सकता है।
इसके बाद शैक्षणिक योग्यता, ITI ट्रेड, पास होने का वर्ष, अंक और प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी भरें। प्रोफाइल पूरी करने के बाद राज्य, जिला, ट्रेड और योग्यता के अनुसार उपलब्ध अप्रेंटिसशिप अवसर खोजें। वैकेंसी की पात्रता, प्रशिक्षण अवधि, स्थान और स्टाइपेंड पढ़ने के बाद ही आवेदन करें। चयन होने पर उम्मीदवार को ऑफर स्वीकार करना और पोर्टल पर अप्रेंटिसशिप अनुबंध पूरा करना होता है। इसके बाद प्रशिक्षण शुरू किया जाता है।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज रखें?
रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। अलग-अलग पोर्टल और वैकेंसी में मांगे जाने वाले दस्तावेज बदल सकते हैं, लेकिन आम तौर पर उम्मीदवार को ये जानकारी या दस्तावेज देने पड़ सकते हैं:
- आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- सक्रिय ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- 10वीं की मार्कशीट या प्रमाणपत्र
- ITI की मार्कशीट और प्रमाणपत्र
- बैंक खाते की जानकारी और पासबुक का पहला पन्ना
- जाति प्रमाणपत्र या दिव्यांगता प्रमाणपत्र, यदि लागू हो
NATS 2.0 के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन पेज पर आधार कार्ड, ईमेल, मोबाइल नंबर, फोटो, आधार से जुड़ा बैंक खाता, योग्यता प्रमाणपत्र और बैंक पासबुक/स्टेटमेंट की जानकारी तैयार रखने को कहा गया है। Apprenticeship India पोर्टल पर दस्तावेजों की सूची संबंधित आवेदन और वैकेंसी के अनुसार देखनी चाहिए।
कितना मिलेगा स्टाइपेंड?
अप्रेंटिसशिप का न्यूनतम स्टाइपेंड उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता के अनुसार तय होता है। 11 सितंबर 2025 से प्रभावी संशोधित दरों के अनुसार, कक्षा 5वीं से 9वीं पास उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम राशि ₹6,800 प्रतिमाह, 10वीं पास के लिए ₹8,200 और 12वीं पास के लिए ₹9,600 है। राष्ट्रीय या राज्य प्रमाणपत्रधारी, जिसमें संबंधित ट्रेड के ITI प्रमाणपत्रधारी शामिल हैं, के लिए न्यूनतम स्टाइपेंड ₹9,600 प्रतिमाह है। डिप्लोमा या तकनीशियन श्रेणी के लिए यह ₹10,900 और स्नातक अप्रेंटिस के लिए ₹12,300 प्रतिमाह है। किसी संस्थान की वैकेंसी में इससे अधिक राशि भी दी जा सकती है।
NAPS-2 के तहत सरकार निर्धारित स्टाइपेंड का एक हिस्सा—अधिकतम ₹1,500 प्रतिमाह तक—DBT के माध्यम से सीधे प्रशिक्षु के बैंक खाते में देती है। यह सहायता निर्धारित नियमों और पात्रता के अधीन है। इसलिए उम्मीदवार आवेदन के समय वैकेंसी में लिखी स्टाइपेंड राशि और भुगतान की शर्तें जरूर जांचें।
आवेदन से पहले ध्यान रखें
हर अप्रेंटिसशिप वैकेंसी में ट्रेड, शैक्षणिक योग्यता, आयु और चयन प्रक्रिया अलग हो सकती है। आवेदन से पहले कंपनी या संस्थान का नाम, काम का स्थान, प्रशिक्षण अवधि, स्टाइपेंड और आवश्यक दस्तावेज पढ़ें। रजिस्ट्रेशन में वही जानकारी भरें जो प्रमाणपत्रों में दर्ज है। चयन के बाद पोर्टल पर अनुबंध की शर्तें समझकर ही उसे स्वीकार करें।
