MP को 4400 करोड़ के 8 नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट और तीन आधुनिक ड्राइविंग स्कूल की सौगात
MP : केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 17 जनवरी, 2026 को मध्य प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान वे विदिशा जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और राज्य को 8 नए राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की सौगात देंगे, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 4400 करोड़ रुपये है।
केंद्रीय मंत्री के दौरे में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि ये परियोजनाएं मध्य प्रदेश के सड़क विकास को नया आयाम देंगी और राज्य के सभी हिस्सों में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाकर क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक गतिविधियों, आवागमन और आर्थिक प्रगति को गति प्रदान करेंगी।
MP में सड़क और यातायात नेटवर्क को मजबूत करने की इस पहल को सरकार की प्राथमिकता माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर जोर दिया गया है, जिससे न केवल यात्रियों के लिए सुगम यात्रा संभव हो सके, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आए।
आठ प्रमुख सड़क परियोजनाओं का विवरण
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा सौंपे जाने वाले ये आठ सड़क प्रोजेक्ट राज्य के विभिन्न जिलों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाएंगे और आवागमन को सरल बनाने में मदद करेंगे।

- भोपाल–विदिशा खंड (4-लेन चौड़ीकरण):
- लंबाई: 42 किमी
- लागत: 1,041 करोड़ रुपये
इस परियोजना के पूरा होने के बाद भोपाल और विदिशा के बीच यातायात की गति बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
- विदिशा–ग्यारसपुर खंड (4-लेन चौड़ीकरण):
- लंबाई: 29 किमी
- लागत: 543 करोड़ रुपये
इस खंड के चौड़ीकरण से यातायात सुरक्षा बढ़ेगी और यात्रा समय में कमी आएगी।
- ग्यारसपुर–राहतगढ़ खंड (4-लेन चौड़ीकरण):
- लंबाई: 36 किमी
इस परियोजना का उद्देश्य सड़क की क्षमता बढ़ाना और व्यापारिक परिवहन को सुगम बनाना है।
- लंबाई: 36 किमी
- राहतगढ़–बेरखेड़ी खंड (4-लेन चौड़ीकरण):
- लंबाई: 10 किमी
- लागत: 731 करोड़ रुपये
यह खंड ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।
- सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) (4-लेन निर्माण):
- लंबाई: 20.2 किमी
- लागत: 688 करोड़ रुपये
इस बायपास का निर्माण सागर शहर में यातायात दबाव कम करेगा और लॉजिस्टिक संचालन को बेहतर बनाएगा।
- भोपाल–ब्यावरा खंड (5 अंडरपास निर्माण):
- लंबाई: 5 किमी
- लागत: 122 करोड़ रुपये
अंडरपास निर्माण से आवागमन में रुकावट कम होगी और शहर के भीतर ट्रैफिक फ्लो सुचारू रहेगा।
- रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र, अब्दुल्लागंज–इटारसी खंड (4-लेन चौड़ीकरण):
- लंबाई: 12 किमी
- लागत: 418 करोड़ रुपये
वन्यजीव क्षेत्र से गुजरने वाली सड़क की चौड़ीकरण परियोजना पारिस्थितिकी संतुलन का ध्यान रखते हुए बनाई जा रही है।
- देहगांव–बम्होरी मार्ग निर्माण:
- लंबाई: 27 किमी
- लागत: 60 करोड़ रुपये
यह मार्ग ग्रामीण क्षेत्रों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद करेगा।
इन परियोजनाओं से न केवल सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों के लिए नई संभावनाएं भी खुलेंगी। यातायात समय में कमी, भारी वाहनों के सुगम संचालन और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाना इन परियोजनाओं के प्रमुख लाभ होंगे।
तीन नए ड्राइविंग स्कूल की सुविधा
सड़क परियोजनाओं के साथ-साथ विदिशा और सागर जिलों में तीन नए ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की भी घोषणा की गई है। ये केंद्र MoRTH की पहल के तहत बनाए जा रहे हैं और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
ये ड्राइविंग स्कूल IDTR और RDTC अवधारणा पर आधारित हैं। इनका उद्देश्य सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देना है। इससे नए ड्राइवरों को वाहन संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा और सड़क पर दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
केंद्र सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा और यातायात संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। आधुनिक ड्राइविंग सेंटरों में सिमुलेटर, रोड सेफ्टी ट्रेनिंग, ड्राइविंग तकनीक और व्यवहारिक प्रशिक्षण शामिल होंगे। इससे युवाओं में जिम्मेदार ड्राइविंग की आदतें विकसित होंगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
प्रशासनिक और राजनीतिक महत्व
MP में सड़क और ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स के इस दौर को राज्य और केंद्र सरकार दोनों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगी। नए हाइवे प्रोजेक्ट्स से औद्योगिक गतिविधियों, व्यापारिक ट्रांसपोर्ट और ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के जरिए राज्य का सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और यातायात सुगमता, सुरक्षा और टिकाऊ विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने ड्राइविंग स्कूलों पर भी जोर दिया, जिससे सड़क पर सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग बढ़े।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों का जनता तक सीधा संदेश जाएगा। सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और ड्राइविंग स्कूलों की घोषणा दोनों ही क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक और सामाजिक संदेश देते हैं।
भागीदारी और स्थानीय प्रभाव
इन परियोजनाओं से न केवल व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार में भी वृद्धि होगी। सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और ड्राइविंग स्कूल संचालन के लिए स्थानीय श्रमिक और प्रशिक्षक शामिल होंगे।
सड़क परियोजनाओं के चलते सड़क किनारे व्यापार, लॉजिस्टिक्स और परिवहन सेवाओं में भी नई संभावनाएं खुलेंगी। ड्राइविंग स्कूलों से युवाओं और वाहन चालकों को प्रशिक्षित करके रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी मिलेंगे।
विदिशा और सागर जिलों में नए ड्राइविंग सेंटरों से स्थानीय लोगों को लाभ होगा, क्योंकि अब उन्हें सुरक्षित और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित ड्राइविंग का अवसर अपने ही क्षेत्र में मिलेगा।
निष्कर्ष
MP को मिलने वाले ये 8 नए नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट और तीन आधुनिक ड्राइविंग स्कूल राज्य के विकास और सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि हैं।
- कुल अनुमानित लागत: लगभग 4400 करोड़ रुपये
- सड़क परियोजनाओं से आवागमन सुगम, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि
- ड्राइविंग स्कूलों से सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के बाद इन परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश के सड़क और यातायात नेटवर्क में नए आयाम जुड़ेंगे। इन पहलों से राज्य में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय जनता के जीवन स्तर में सुधार होगा।
यह कदम MP को आधुनिक, सुरक्षित और कुशल सड़क नेटवर्क के साथ एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
