MP के सभी 55 जिले बनेंगे एक्सपोर्ट हब, 6 माह में 1000 डॉक्टरों की भर्ती और 12 हजार स्टार्ट-अप्स का लक्ष्य
भोपाल: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकसित मध्य प्रदेश के लिए सरकार की प्राथमिकताओं और आने वाले वर्षों की योजनाओं का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस युवाओं को शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 55 जिलों को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही हर जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए विशेष पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ाने के साथ मध्य प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।
2027 युवाओं के नाम समर्पित होगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2027 को युवा कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया जाएगा। इसके तहत युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, स्वरोजगार, रोजगार, स्टार्ट-अप, खेल, कला-संस्कृति और नेतृत्व विकास को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
सरकार का प्रयास होगा कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए स्टार्ट-अप और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें जरूरी प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई प्रशिक्षण
युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से प्रदेश में बड़े स्तर पर तकनीकी प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। सरकार के अनुसार एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान करना है। प्रशिक्षण के जरिए युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उन्हें बदलती औद्योगिक जरूरतों के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा।
हर जिले में एमएसएमई पार्क बनाने की योजना
CM ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों के माध्यम से स्थानीय कारोबारियों और उद्यमियों को अपना व्यवसाय स्थापित करने और उसका विस्तार करने में मदद मिलेगी।
एमएसएमई क्षेत्र को रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। सरकार का लक्ष्य है कि जिला स्तर पर छोटे और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए। इससे युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
12 हजार स्टार्ट-अप्स का लक्ष्य
MP में स्टार्ट-अप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 12 हजार स्टार्ट-अप्स का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए युवाओं के नए बिजनेस आइडिया को प्रोत्साहित करने और उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
स्टार्ट-अप के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के साथ युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। सरकार की योजना प्रदेश में नवाचार और नए व्यवसायों को बढ़ावा देने की है, ताकि रोजगार के नए स्रोत विकसित किए जा सकें।
छह महीने में 1000 डॉक्टरों की भर्ती
CM ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आने वाले छह महीनों में एक हजार डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बेहतर करना है।
इसके साथ ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को पेपरलेस बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से मरीजों से जुड़ी जानकारी और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
डॉक्टरों की भर्ती से अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में इसका फायदा मिलने की संभावना है जहां विशेषज्ञ और चिकित्सकीय स्टाफ की कमी महसूस की जाती है।
युवाओं के लिए लागू होगा इंद्रधनुष कार्यक्रम
CM ने युवाओं के समग्र विकास के लिए इंद्रधनुष कार्यक्रम लागू करने की घोषणा की। इस कार्यक्रम में युवाओं की शिक्षा से लेकर कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्ट-अप, खेल, कला-संस्कृति और नेतृत्व क्षमता के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सकें। शिक्षा और कौशल के साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी युवा विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।
जबलपुर और ग्वालियर बनेंगे मेट्रोपॉलिटन रीजन
CMने प्रदेश के शहरी विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। जबलपुर और ग्वालियर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की योजना सामने रखी गई है। इससे इन शहरों और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में भी सरकार की प्रतिबद्धता जताई। यह घोषणा प्रदेश में सामाजिक और कानूनी व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों की ओर संकेत करती है।
विकसित मध्य प्रदेश के लिए बड़ा रोडमैप
स्वतंत्रता दिवस के मंच से की गई घोषणाओं में रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल, उद्योग, स्टार्ट-अप और शहरी विकास को प्रमुख स्थान दिया गया। सभी 55 जिलों को एक्सपोर्ट हब बनाने, एमएसएमई पार्क विकसित करने और स्टार्ट-अप की संख्या बढ़ाने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं एक लाख से अधिक युवाओं को आईटीआई प्रशिक्षण और हर साल 10 हजार युवाओं को ग्लोबल स्किल पार्क में प्रशिक्षण देने की योजना से कौशल विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। छह महीने में एक हजार डॉक्टरों की भर्ती और स्वास्थ्य सेवाओं को पेपरलेस बनाने की घोषणा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अहम मानी जा रही है।
CM के इन ऐलानों में युवाओं को केंद्र में रखते हुए रोजगार, उद्यमिता और कौशल विकास से लेकर स्वास्थ्य और शहरी विकास तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए मध्य प्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
