Kuldeep Yadav को टीम इंडिया से बाहर करने पर मोर्ने मोर्केल का बड़ा बयान, जानिए क्या है असली वजह
Kuldeep Yadav: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने अपनी प्लेइंग इलेवन में बड़ा बदलाव किया। स्टार स्पिनर कुलदीप यादव को इस मुकाबले से बाहर रखा गया और उनकी जगह 33 वर्षीय ऑलराउंडर सारांश जैन को टेस्ट क्रिकेट में मौका मिला। कुलदीप को बाहर किए जाने के बाद उनके प्रदर्शन को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, लेकिन अब भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने साफ कर दिया है कि कुलदीप को खराब प्रदर्शन की वजह से टीम से बाहर नहीं किया गया।
वायरल इंफेक्शन के कारण बाहर हुए कुलदीप
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के टॉस के समय कप्तान शुभमन गिल ने बताया था कि कुलदीप यादव वायरल इंफेक्शन से जूझ रहे हैं। इसी वजह से वह कोलंबो टेस्ट में भारतीय प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन सके। कुलदीप की जगह सारांश जैन को टीम में शामिल किया गया।
पहले टेस्ट मैच में कुलदीप का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। उन्होंने मैच की दोनों पारियों में गेंदबाजी करते हुए केवल एक विकेट हासिल किया था। ऐसे में उनके दूसरे टेस्ट से बाहर होने के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि शायद टीम मैनेजमेंट ने उनके प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला लिया है। हालांकि, मोर्ने मोर्केल ने इस तरह की अटकलों को लगभग खारिज कर दिया।
मोर्ने मोर्केल ने क्या कहा?
भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुलदीप यादव की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुलदीप को बाहर करने का फैसला उनका नहीं था। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अगर कुलदीप पूरी तरह फिट होते, तो दूसरे टेस्ट में उनके चयन पर निश्चित तौर पर गंभीरता से विचार किया जाता।
मोर्केल के मुताबिक, कुलदीप को पहले टेस्ट में टीम की रणनीति के तहत कुछ खास भूमिकाएं निभाने के लिए कहा गया था। वह मुकाबला भारतीय टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा और कुलदीप को भी अपनी भूमिका के अनुसार गेंदबाजी करनी पड़ी। इसके बावजूद वह टीम के लिए महत्वपूर्ण विकल्प बने हुए हैं।
मोर्केल ने कहा कि अगर कुलदीप बीमार नहीं होते, तो संभव है कि वह दूसरे टेस्ट के लिए चयन की चर्चा में शामिल रहते। इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि टीम मैनेजमेंट का कुलदीप पर भरोसा बरकरार है और उन्हें केवल एक खराब मैच के आधार पर नजरअंदाज नहीं किया गया है।
सारांश जैन ने मौके को बनाया खास
Kuldeep Yadav की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया ने सारांश जैन पर भरोसा जताया। 33 वर्षीय सारांश के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहा। उन्होंने मिले मौके को काफी हद तक भुनाया और अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया।
दूसरे टेस्ट की पहली पारी में सारांश जैन ने 20.4 ओवर गेंदबाजी की और 69 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उन्होंने लाहिरू कुमारा और सोनल दिनुशा को पवेलियन भेजकर टीम इंडिया को अहम सफलता दिलाई। खास तौर पर सोनल दिनुशा का विकेट भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि वह श्रीलंका की बल्लेबाजी में उपयोगी योगदान दे रहे थे।
दूसरी पारी में भी सारांश ने विकेट लेने का सिलसिला जारी रखा। उन्होंने श्रीलंका के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को आउट किया। इस तरह सारांश ने अपनी गेंदबाजी से यह दिखा दिया कि टीम मैनेजमेंट का उन पर भरोसा क्यों है।
Kuldeep Yadav के लिए आगे क्या?
Kuldeep Yadav लंबे समय से भारतीय टीम के प्रमुख स्पिन गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। उनकी कलाई की स्पिन और बीच के ओवरों में विकेट लेने की क्षमता उन्हें टीम के लिए खास बनाती है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में परिस्थितियों और टीम संयोजन के आधार पर उनकी भूमिका बदलती रहती है।
पहले टेस्ट में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बावजूद मोर्केल का बयान कुलदीप के लिए सकारात्मक संकेत है। टीम मैनेजमेंट फिलहाल उनके प्रदर्शन को लेकर किसी बड़े निष्कर्ष पर पहुंचता नजर नहीं आ रहा। बीमारी के कारण बाहर होना उनके लिए एक अस्थायी स्थिति हो सकती है।
अगर कुलदीप पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी करते हैं, तो वह आने वाले मुकाबलों में फिर से प्लेइंग इलेवन में नजर आ सकते हैं। हालांकि, सारांश जैन के प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद टीम मैनेजमेंट के सामने चयन को लेकर एक दिलचस्प चुनौती भी पैदा हो गई है।
कोलंबो टेस्ट में भारत के सामने जीत का मौका
दूसरे टेस्ट के पांचवें दिन भारतीय टीम जीत की स्थिति में दिखाई दे रही है। श्रीलंका के पास 16 रनों की बढ़त थी और उसके चार विकेट बाकी थे। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों की कोशिश होगी कि दिन की शुरुआत में ही श्रीलंका की बाकी बल्लेबाजी को समेट दिया जाए।
अगर भारत जल्दी से चारों विकेट हासिल करने में सफल रहता है, तो मुकाबला पांचवें दिन के पहले सत्र में ही समाप्त हो सकता है। हालांकि, श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुशा क्रीज पर मौजूद हैं। वह पिछली पारी में शानदार शतक लगा चुके हैं और भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बार फिर चुनौती बन सकते हैं।
भारत के लिए इस मुकाबले का महत्व केवल एक टेस्ट जीतने तक सीमित नहीं है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी हर मुकाबला अहम है। इसलिए टीम इंडिया चाहेगी कि वह श्रीलंका की दूसरी पारी को जल्द समाप्त करके लक्ष्य का पीछा करे या आवश्यक रन हासिल करे और मैच को अपने पक्ष में खत्म करे।
Kuldeep Yadav की गैरमौजूदगी में सारांश जैन ने अच्छा प्रदर्शन कर टीम मैनेजमेंट के सामने विकल्प जरूर बढ़ा दिया है, लेकिन मोर्ने मोर्केल के बयान से इतना स्पष्ट है कि कुलदीप को खराब प्रदर्शन के कारण बाहर नहीं किया गया। बीमारी के कारण उनका चयन संभव नहीं हो पाया और फिट होने के बाद वह फिर से भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा बन सकते हैं।
