श्रमण संस्कृति महाधिवेशन में मुरैना की पाठशालाओं ने बिखेरी संस्कारों की छटा
तीनों शाखाओं के बच्चों ने निकालीं आकर्षक झांकियाँ
Morena, मनोज जैन नायक। निर्यापक मुनिपुंगव श्रमण मुनिश्री सुधासागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में इंदौर में आयोजित दो दिवसीय श्रमण संस्कृति महाधिवेशन में मुरैना की श्री विद्यासागर सर्वोदय पाठशाला की तीनों शाखाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जैन धर्म, संस्कृति और संस्कारों की अनुपम छटा बिखेरी।
शोभायात्रा में निकलीं आकर्षक झांकियाँ
महाधिवेशन के अंतर्गत निकली भव्य शोभायात्रा में बड़ा मंदिर शाखा-1, जीवाजीगंज शाखा-2 और जैन बगीची शाखा-3 के बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर झांकियाँ प्रस्तुत कीं। तीर्थंकर भगवान और जैन धर्म-संस्कृति पर आधारित इन झांकियों के जरिए बच्चों ने वीतरागता, धार्मिक आस्था और संस्कारों का संदेश दिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने श्रद्धालुओं और समाजजनों का ध्यान खींचा, और उनके उत्साह, अनुशासन और प्रतिभा की सभी ने सराहना की।
स्वस्ति-ऋद्धि की नृत्य प्रस्तुति बनी आकर्षण
महाधिवेशन के भव्य मंच पर मुरैना निवासी मनीष जैन (एडवोकेट) और पियूष जैन (दिनेश जैन एडवोकेट, गांधी कॉलोनी) की बेटियों स्वस्ति और ऋद्धि ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्कार और संस्कृति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति के बाद सभागार तालियों से गूँज उठा। दोनों बालिकाओं की प्रतिभा की उपस्थितजनों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

शिक्षकों एवं समाजजनों का सम्मान
मुरैना की तीनों पाठशालाओं के बच्चों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, संयोजकों और समाजजनों ने महाधिवेशन में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर चंबल संभाग प्रभारी विद्वत् श्री नवनीत जैन शास्त्री, पाठशाला संचालक संजय जैन (नगर पालिका) और तीनों शाखाओं के शिक्षक-शिक्षिकाओं का सम्मान किया गया।
भारतवर्षीय परीक्षा पाठशाला प्रभारी विद्वत् श्री प्रदीपजी शास्त्री, सांगानेर के मार्गदर्शन में पाठशालाओं की सहभागिता और बच्चों की प्रस्तुतियों को विशेष स्वरूप मिला। विभिन्न पाठशालाओं की ओर से सांगानेर से पधारे विद्वानों का भी सम्मान कर धार्मिक शिक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
पुण्यार्जकों का रहा सहयोग
सहभागी बच्चों, शिक्षकों, संयोजकों और मंदिर कमेटी के सदस्यों के सम्मान और पुरस्कारों की व्यवस्था पुण्यार्जकों के सहयोग से हुई। इसमें डॉ. दिलीप सुमन, अरविंद, प्रवीणा, सोनल, अंकुर, नियम, निर्वाण, अनीश, केवल और बोबरा परिवार (यूएसए) का विशेष सहयोग रहा। इस पहल से बच्चों और पाठशाला कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा।
आयोजन सहयोगियों की भूमिका
महाधिवेशन के सफल आयोजन में इंदौर संयोजक अशोकजी, रानीजी दोषी, सौरभजी और सलिलजी बड़जात्या का विशेष योगदान रहा। विद्वानों के मार्गदर्शन और सहयोग से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
मुरैना की तीनों पाठशालाओं की इस सहभागिता ने सिद्ध किया कि धार्मिक पाठशालाएँ बच्चों में धर्म, संस्कार, संस्कृति और अनुशासन के बीजारोपण का सशक्त माध्यम हैं। इंदौर महाधिवेशन की झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन की शोभा बढ़ाने के साथ मुरैना की संस्कारमयी धार्मिक परंपरा को भी गौरवान्वित किया।
