ग्राम कैमरा में जर्जर नालियों से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी, मरम्मत और सफाई की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जिला ब्यूरो: भीमरतन चौबे
मुरैना।
टूटी नालियों से जल निकासी व्यवस्था हुई प्रभावित
Morena जिले की जौरा तहसील अंतर्गत ग्राम कैमरा में वर्षों पुरानी नालियां जर्जर हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव की खराब जल निकासी व्यवस्था के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्टर मुरैना को ज्ञापन सौंपकर नालियों की शीघ्र मरम्मत एवं सफाई कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की आबादी क्षेत्र में बनी नालियां अब अपनी उपयोगिता खो चुकी हैं। कई स्थानों पर नालियां पूरी तरह टूट गई हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों, गलियों और आसपास के खेतों में फैल रहा है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसानों की फसलें भी नुकसान झेल रही हैं।
पांच-छह वर्ष पुरानी नालियां हुई जर्जर
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगभग पांच से छह वर्ष पूर्व नालियों का निर्माण कराया गया था। समय के साथ इनकी मरम्मत नहीं होने के कारण अधिकांश नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई जगहों पर नालियों की दीवारें टूट चुकी हैं, जबकि कुछ स्थानों पर नालियां पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। यदि शीघ्र मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले समय में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
खेतों और सड़कों पर फैल रहा गंदा पानी
ग्रामीणों के अनुसार टूटी हुई नालियों के कारण गंदा पानी सही तरीके से नहीं बह पाता और सड़कों तथा खेतों में फैल जाता है। इससे गांव में गंदगी का माहौल बना रहता है और लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाई होती है।
किसानों ने बताया कि खेतों में गंदा पानी पहुंचने से फसलों को नुकसान हो रहा है। लगातार जलभराव के कारण कृषि भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
नियमित सफाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर आरोप लगाया कि नालियों की नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। कई स्थानों पर नालियों में मिट्टी, कचरा और अन्य अवरोध जमा होने से पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है।
इसके अलावा कुछ नालों के ऊपर पेड़-पौधे और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे जल निकासी और अधिक बाधित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय-समय पर सफाई कराई जाती तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका
गांव में गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने लगा है। ग्रामीणों ने चिंता जताई कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो डेंगू, मलेरिया तथा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छ जल निकासी व्यवस्था किसी भी गांव के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
कलेक्टर से की त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर मुरैना से मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को गांव भेजकर मौके का निरीक्षण कराया जाए तथा नालियों की सफाई और मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती है तो जलभराव, गंदगी और किसानों को हो रहे नुकसान से राहत मिल सकेगी।
ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया है कि भविष्य में नालियों की नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- जर्जर एवं टूटी हुई नालियों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
- सभी नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
- जल निकासी में बाधा बन रहे पेड़-पौधों एवं झाड़ियों को हटाया जाए।
- प्रभावित क्षेत्रों का अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कराया जाए।
- खेतों में फैल रहे गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
निष्कर्ष
ग्राम कैमरा के ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी इस गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नालियों की मरम्मत और सफाई नहीं कराई गई तो जलभराव, गंदगी और कृषि नुकसान जैसी समस्याएं और अधिक बढ़ सकती हैं। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा।
