बिहार में NDA ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है। बिहार विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव स्टार प्रचारक साबित हुए। उनकी जनसभाएं सफल रही । मोहन यादव के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान के लिए बिहार भेजा था। इन नेताओं ने सभाओं और रोड शो के साथ-साथ बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई।

CM यादव ने की 28 जनसभाएं
डॉ. मोहन यादव को पार्टी के लिए स्टार प्रचारक साबित हुए । उन्होंने लगभग आधे बिहार में 28 जनसभाएं और रोड शो किए, जिनमें से 21 सीटों पर भाजपा (एनडीए) को जीत मिली। इसी तरह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को 19 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें से 17 सीटों पर एनडीए विजयी रहा।
जीत के जश्न पर बोले मोहन यादव
एनडीए की जीत पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में राजद को डुबाने का काम किया। उन्होंने कहा कि 2014 से देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकासपरक राजनीति को लगातार देख रहा है, और बिहार के परिणाम इस लहर की पुष्टि करते हैं। यादव के अनुसार, जनता कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की कुव्यवस्था से तंग आ चुकी है।
वहीं, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि “एसआईआर का खेल हो गया, जैसा शक था वैसा ही हुआ।” उन्होंने आरोप लगाया कि 62 लाख वोट काटे गए और 20 लाख नए जुड़े, जिनमें से पांच लाख बिना एसआईआर फॉर्म के शामिल कर लिए गए। दिग्विजय सिंह ने यह भी दावा किया कि सबसे अधिक वोट गरीब, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के काटे गए हैं, जबकि ईवीएम पर संदेह अब भी कायम है।
