मोहन यादव ने लॉन्च की विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और ऐप, 7000 साल का पंचांग अब मोबाइल पर
भोपाल (Madhya Pradesh News): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को सीएम हाउस में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। यह भारतीय काल गणना पर आधारित दुनिया की पहली वैदिक घड़ी है। इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर और विधायक रामेश्वर शर्मा समेत कई नेता मौजूद रहे।
क्यों खास है वैदिक घड़ी?
सीएम मोहन यादव ने कहा कि “भारत की प्राचीन गणना पद्धति में रात 12 बजे दिन बदलने का कोई महत्व नहीं है। हमारे त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर से नहीं, बल्कि तिथियों और ऋतुओं से तय होते हैं। इसलिए समय की गणना सूर्योदय से सूर्यास्त तक होनी चाहिए।”
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इस घड़ी में 30 घंटे को 30 मुहूर्त में विभाजित किया गया है।
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सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर समय की गणना होती है।
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यह केवल घड़ी नहीं बल्कि पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र, ग्रहों की स्थिति, ग्रहण और चौघड़िया जैसी जानकारी भी देती है।
विक्रमादित्य वैदिक ऐप की खूबियां
सीएम ने बताया कि यह मोबाइल ऐप आधुनिक तकनीक और भारतीय परंपरा का संगम है। इसमें:
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7000 वर्षों का पंचांग उपलब्ध है।
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तिथि, नक्षत्र, योग, व्रत और त्योहार की पूरी जानकारी।
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189 से अधिक वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध।
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धार्मिक कार्यों के लिए 30 शुभ-अशुभ मुहूर्तों की जानकारी।
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अलार्म, मौसम, तापमान, हवा की गति और आर्द्रता की जानकारी।
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मोबाइल और स्मार्ट टीवी पर भी उपलब्ध।
भारतीय संस्कृति और तकनीक का संगम
मोहन यादव ने कहा कि वैदिक घड़ी भारत की वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाएगी। उन्होंने बताया कि 10 हजार साल पहले सूर्य और चंद्र ग्रहण की गणना वैदिक पद्धति से की जाती थी, जिसे आज का कंप्यूटर भी सटीक नहीं बता सकता।
उज्जैन से जुड़ा गौरव
दुनिया की पहली वैदिक घड़ी पहले उज्जैन में स्थापित की गई थी। अब विक्रमादित्य वैदिक घड़ी और ऐप के जरिए मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय संस्कृति और विज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया है।
