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Mohan Cabinet बैठक के बड़े फैसले: किसानों और विस्थापितों को बड़ी राहत

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Published On: 4 February 2026
Mohan Cabinet Approves Major Decisions, Relief for Farmers and Displaced Families
— Mohan Cabinet Approves Major Decisions, Relief for Farmers and Displaced Families

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Mohan Cabinet बैठक के बड़े फैसले: किसानों और विस्थापितों को मिली राहत

भोपाल, मध्य प्रदेश –  CM डॉ. Mohan Yadav की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने, किसानों और आदिवासियों के हितों को सुनिश्चित करने और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए।

कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि मंत्रिपरिषद ने मैहर और कटनी जिलों में दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की है। इसके अलावा, सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के आवासीय भूखंडों का पंजीयन नि:शुल्क कराने, 6 विभागों की 10 योजनाओं को आगामी चार वर्षों तक जारी रखने और किसानों के हित में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के लिए बड़ी राहत

मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया कि सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडों का पंजीयन नि:शुल्क कराया जाएगा। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार पंजीयन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी।

इस फैसले से 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार पर इस निर्णय का वित्तीय भार लगभग 600 करोड़ रुपये आएगा।

मैहर और कटनी में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने मैहर और कटनी में दो प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए मंजूरी दी है:

  1. मैहर और कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना – लागत 53 करोड़ 73 लाख रुपये।
    • 3,500 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई संभव होगी।
    • 9 गांवों के 2,810 किसान इससे लाभान्वित होंगे।
  2. कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना – लागत 566 करोड़ 92 लाख रुपये।
    • 20,000 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा।
    • बरही और विजयराघवगढ़ तहसीलों के 27 गांवों के 11,500 किसान लाभान्वित होंगे।

इन परियोजनाओं से किसानों की फसल उपज और आय में वृद्धि होगी और प्रदेश में जल प्रबंधन और सिंचाई का स्तर सुधरेगा।

10 योजनाओं की निरंतरता के लिए मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने 6 विभागों की 10 योजनाओं की आगामी चार वर्षों (2026-2030) तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी। प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:

  • वित्त विभाग: लोक वित्त पोषित 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये।
  • श्रम विभाग: मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये।
  • योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग: विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3,376.66 करोड़ रुपये।
  • पशुपालन और डेयरी विभाग: डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय ब्लॉक ग्रांट योजना और पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6,472.18 करोड़ रुपये।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग: किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता सहायता योजना के लिए 24.70 करोड़ रुपये।
  • पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण: स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये।

इसके अलावा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की मंजूरी दी गई।

कृषक कल्याण वर्ष 2026 और भावांतर योजना

मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां ओला-पाला और प्राकृतिक आपदाओं से फसलें प्रभावित हुई हैं, वहां तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।

  • वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
  • मालवा, निमाड़, चंबल और विंध्य अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी।
  • पुष्प उत्पादन और देश-विदेश में फूलों की मार्केटिंग को बढ़ावा मिलेगा।
  • भावांतर योजना में अब सरसों और अन्य तिलहन फसलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
  • मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जा रही है।
  • नरवाई प्रबंधन और पराली जलाने पर भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

मंदसौर के मल्हारगढ़ में आयोजित “अन्नदाता सम्मान समारोह” में सोयाबीन उत्पादक 1,17,000 किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये की भावांतर राशि हस्तांतरित की गई।

निष्कर्ष

मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय प्रदेश के विकास, किसानों की आय वृद्धि और आदिवासी व कमजोर वर्गों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

सरदार सरोवर विस्थापितों की मुफ्त रजिस्ट्री, सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ रुपये की मंजूरी, और 10 योजनाओं की निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये की स्वीकृति से प्रदेश में कृषि, सिंचाई और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।

कृषक कल्याण वर्ष 2026 के माध्यम से मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने यह संदेश दिया है कि किसानों और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देना ही प्रदेश की प्रगति का मूल आधार है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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