नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली ब्लास्ट को आतंकी घटना करार दिया है। पीएम मोदी ने साफ कहा कि आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुरक्षा एजेंसियों को जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली के लाल किले के पास हुए इस कार धमाके की जांच में प्रारंभिक तौर पर यह संकेत मिले हैं कि इसके तार पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हो सकते हैं। पीएम मोदी ने बैठक के बाद गृहमंत्री अमित शाह से भी अलग से विचार-विमर्श किया।

इस घटना के बाद पाकिस्तान में भी हड़कंप मच गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी, कानून मंत्री आजम नजीर तारड़ और पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी भी मौजूद थे। बैठक में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान पाक स्वास्थ्य मंत्री सैयद मुस्तफा कमाल ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो तनाव मई में शुरू हुआ था, वह अब भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसके मद्देनजर पाकिस्तान ने अपनी तीनों सेनाओं को अलर्ट पर रखा है।
केंद्र सरकार ने भी इस हमले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए विशेष टीमों को सक्रिय किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट बैठक में दोहराया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में और वृद्धि कर सकती है। सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित पहलू पर नजर बनाए हुए हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च सतर्कता बरती जा रही है।
